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नोटिस बोर्ड

भूजल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम (ACWADAM Groundwater Training Programme)


ACWADAM’s certificate course on - Training and Facilitation in Hydrology to Enhance Civil Society's Capabilities in Watershed and Ground Management

तिथि : 15 जनवरी से 31 जनवरी 2018

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‘एडवांस सेंटर फॉर वाटर रिसोर्सिस डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट (ACWADAM)’ एक नॉन प्रॉफिट संस्था है जो जमीनी अनुप्रयोगों, भूमिगत जल स्रोत प्रबंधनों पर कार्य कर रही है। ACWADAM ने भूजल प्रबंधन में सिविल सोसायटी क्षमताओं, वाटरशेड प्रबंधन को मजबूत करने के प्रयास को महत्त्व दिया है।

ACWADAM, सिविल सोसायटी संगठनों, गैर सरकारी संगठनों व प्रोफेशनल्स के लिये 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 जनवरी से 31 जनवरी 2018 के मध्य पुणे में शुरू कर रहा है जो ‘बुनियादी जल विज्ञान या भूजल विज्ञान प्रबंधन’ पर होगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में अकेले-अकेले काम करना व क्षमता निर्माण नहीं है बल्कि ACWADAM के साथ भागीदारी कर अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरुक कर व संगठनों को सुविधा प्रदान कराकर मिलकर काम करना है।

वैकेंसी - कम्युनिकेशन ऑफिसर (Vacancy - Communication Officer)

Source: 
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

पद - कम्युनिकेशन ऑफिसर
स्थान - बंगलुरु़
संस्थान - अर्घ्यम
आवेदन की अन्तिम तिथि - 10 नवम्बर 2017

संगठन के बारे में


अर्घ्यम एक भारतीय जन कल्याण संगठन है। इसकी स्थापना सन 2001 में रोहिणी नीलेकणी ने निजी दान से की थी। संगठन की शुरुआत ‘सबको साफ पानी हमेशा’ के उद्देश्य के साथ हुई थी।

अर्घ्यम का मुख्य फोकस देश की सबसे बड़ी समस्या सभी को पीने के लिये साफ पानी मुहैया कराने व स्वच्छता पर है। अर्घ्यम ग्रांट व राष्ट्रीय, राज्यीय व स्थानीय सरकारों, सिविल सोसाइटीज और अकादमिक संस्थानों के साथ मिलकर 20 राज्यों में काम कर रहा है और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इसको पहचान मिल चुकी है। संगठन नए प्रयोगों व मूल्यों के लिये काफी लोकप्रिय है।

आमंत्रण - ईस्टर्न हिमालयन नेचरनॉमिक्स फोरम (Eastern Himalayan Naturenomics Forum)


तारीख : 02 और 03 नवम्बर 2017
स्थान : विवांता बाई ताज होटल, गुवाहाटी (असम), भारत
सम्पर्क : वर्षा वाधवानी कम्यूनिकेशन बालीपाड़ा फाउंडेशन, मो.: +66948109669, वेबसाइट - www.baliparafoundation.com

. पूर्वी हिमालयी क्षेत्र में बिखरी विभिन्न प्रकार की बायो-डायवर्सिटी मानव जीवन को प्रभावित करती है। इसकी इस खूबसूरत संरचना व जटिलता को समझकर कई हितधारक इसे बचाने के दीर्घकालिक समाधान खोज रहे हैं।

इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिये, बालीपाड़ा फाउंडेशन - Eastern Himalayan Naturenomics Forum - 2017, की आयोजन करने जा रहा है। कार्यक्रम 02-03 नवंबर 2017 को गुवाहाटी, असम, भारत में आयोजित किया जाएगा।

गांधी शांति प्रतिष्ठान व्याख्यानमाला 2017


. गांधी शांति प्रतिष्ठान की वार्षिक व्याख्यानमाला के 23वें व्याख्यान में आप सहर्ष-सादर आमंत्रित हैं।

तिथि : 2 अक्टूबर 2017
समय : 3:15 दोपहर
स्थान : गांधी शांति प्रतिष्ठान सभागार

वक्ता : श्री हिलाल अहमद
विषय : गांधी का भारत छोड़ो आंदोलन (चंपारण में 1917 में गांधी की पहली लड़ाई और 1942 में उनकी आखिरी लड़ाई के बीच का भारत और उसमें गांधी की भूमिका)

स्वयं भी आएँ और अपने सभी मित्रों-परिजनों को भी साथ लाएँ!

आमंत्रण : 3rd Water Innovation Summit- 2017


. पानी की कमी के संदर्भ में आर्थिक एवं मानव विकास और जल प्रबंधन योगदान के लिये राष्ट्रीय अवार्ड

तारीख : 4-5 सितम्बर 2017
समय : 10:00 AM से 07:30 PM
स्थान : होटल ललित, नई दिल्ली

कंफेडेरशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस ऑन वाटर, सीआईआई- त्रिवेणी वाटर इंस्टिट्यूट द्वारा यह कार्यक्रम - 3rd Water Innovation Summit, 04- 05 सितम्बर 2017, होटल ललित, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।

आमंत्रण : जल पर बैठक (Memorial Meeting on 'Water')


समय - 02 सितम्बर 2017 (दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक)
स्थान - एनडीतिवारी भवन, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली (नजदीक आईटीओ मेट्रो)

प्रिय मित्रों,

अरुण कुमार (पानी बाबा) और श्री जी. नरेन्द्रनाथ जी की स्मृति में हरित स्वराज सम्वाद (सैडेड) एक आयोजन कर रहा है। पानी बाबा फांउडेशन और जी. नरेन्द्रनाथ फ़ेलोशिप के साथ मिलकर सैडेड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आप सभी आमंत्रित हैं।

कार्यक्रम 2 सितम्बर 2017 को एन.डी.तिवारी भवन, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में 12:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक होगा।

भगीरथ प्रयास सम्मान 2017 के लिये आवेदन आमंत्रित


नामांकन तिथि


नामांकन भरने की अंतिम तिथि – 07 अक्टूबर, 2017
ईमेल : suresh@wwfindia.net, indiariversweek2014@gmail.com

भगीरथ प्रयास सम्मान


भगीरथ प्रयास सम्मान (बीपीएस) की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की नदियों की सुरक्षा व संरक्षण के लिये बेहतर काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है। भगीरथ प्रयास सम्मान का जोर न केवल परिणामों/प्रभावों बल्कि उन कोशिशों/प्रयासों/पहलों पर है जिनकी मदद से नदियों को संरक्षित करने की कोशिश की गयी।

हमारी कोशिश गुमनाम लेकिन प्रेरणादायक प्रयासों को सामने लाने की है, ताकि दूसरे लोग भी उनसे प्रेरणा ले सकें। इस सम्मान के लिये सरकार, संस्थान, मीडिया और भारत की सिविल सोसाइटी से जुड़े हुए व्यक्ति/संस्थान नामांकन कर सकते हैं।

आमंत्रण पत्र - विकल्प संगम 2017


. मध्य प्रदेश विकल्प संगम में (जिसमें विकास की मुख्य धारा से हटकर अन्य विकल्पों पर कार्यरत या कार्य करने के लिये उत्सुक संस्थान एवं लोग शामिल हो रहे हैं) आपको आमंत्रित करते हुए प्रसन्नता हो रही है। म.प्र. विकल्प संगम 18 से 19 सितंबर 2017 को डेवलपमेंट अल्टरनेटिव ओरछा झांसी में आयोजित होने जा रहा है। यह संगम विशेष रूप से बुन्देलखण्ड जो कि सूखा, गरीबी, जैसी समस्याओं से ग्रसित क्षेत्र के रूप में जाना जाने लगा है, पर केन्द्रित होगा। यह संगम ‘विकल्प संगम’ की सतत और व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है जोकि पिछले कुछ वर्षों से देश के विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर आयोजित किया जाता रहा है।

विकल्प संगम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न विषयों जैसे प्रकृति और प्राकृतिक संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, शिल्पकला, मीडिया, न्याय, आजीविका, बाजार/व्यापार, कला एवं संस्कृति, प्रशासन आदि के व्यावहारिक विकल्पों पर चर्चा करना है साथ ही क्षेत्रीय संगम में निकले विषय बिन्दुओं को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विकल्प संगम में ले जाना है।

सातवीं इंडिया इण्टरनेशनल वाटर समिट Water for all (सबके लिये पानी)

Author: 
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

तिथि : 22 अगस्त, 2017
समय : सायं 03 बजे
स्थान : इंडिया हैबीटाट सेन्टर, नई दिल्ली

. “पानी की एक बूँद भी अगर बेकार होती है तो हमें उसके दर्द का एहसास होना चाहिए, आइये हम अपने आप से वादा करें कि इस जून, जुलाई, अगस्त और सितम्बर के महीने में हम पानी की एक बूँद भी बेकार नहीं जाने देंगे… यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि इस साल जब हम दिवाली मनाएँ तो हमें यह सोचकर आनन्द की अनुभूति होनी चाहिए कि हमने कितना पानी बचाया है।” - भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी की मन की बात से लिया गया कथन।

आजादी के बाद से ही भारत ने जलस्रोतों में काफी विकास किया है और देश की जनता की पानी की विभिन्न माँगों को एक हद तक सफलतापूर्वक पूरा भी किया है। फिर भी समय के साथ-साथ बढ़ते हुए शहरीकरण जनसंख्या और औद्योगिक विकास के चलते कहीं-न-कहीं इन जलस्रोतों पर दबाव पड़ा है और आज हम पानी की कमी महसूस कर रहे हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रारम्भ

Source: 
अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल

विश्वविद्यालय का परिचय


मध्य प्रदेश शासन द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना सन 2011 भोपाल में की गई है। इस विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था साधारण परिषद है जिसके अध्यक्ष प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय, भोपाल भारत सहित सम्पूर्ण विश्व का पहला विश्वविद्यालय है, जो ज्ञान विज्ञान की समस्त शाखाओं के शिक्षण-प्रशिक्षण, प्रकाशन-विस्तार तथा राष्ट्रीय लोक व्यवहार को हिन्दी भाषा में सम्भव तथा सम्पन्न करने के लिये संकल्पित है। हिंदी विश्वविद्यालय की परिकल्पना ऐसे विश्वस्तरीय मानकों के निर्माण करने की है, जिनके आधार पर हमारे शिक्षकों में भी गुणात्मक अध्ययन-अध्यापन एवं शोध की क्षमता में निरन्तर वृद्धि हो सके। यहाँ शिक्षण और प्रशिक्षण की ऐसी प्रविधियों की संरचना की गई है, जिससे गुरू-शिष्य परम्परा के आधार पर व्यावहारिक निपुणताओं को आगे बढ़ाया जा सके तथा योजनाबद्ध शिक्षण, प्रशिक्षण, प्रदर्शन की अत्याधुनिक प्रविधियों, संग्रहण, सर्वेक्षण, अभिलेखीकरण, श्रेष्ठ भाषाविदों के सानिध्य एवं सहयोग से मार्गदर्शन कर सके।