उत्तराखण्ड के स्रोतों को रीचार्ज करेगा जीएसआई

Author: 
सुमन सेमवाल
Source: 
दैनिक जागरण, 26 दिसम्बर 2017

अल्मोड़ा का बड़ा भूभाग इन दोनों लाइनों के मध्य आता है और इनके दायरे में आने वाले जलस्रोतों को ही रीचार्ज करने का निर्णय लिया गया है। जीएसआई निदेशक भूपेंद्र सिंह के अनुसार देखा जाएगा कि कहीं फॉल्ट के सक्रिय स्थिति में होने के चलते तो स्रोत नहीं सूख रहे। स्थिति स्पष्ट होने के बाद उसके मुताबिक जलस्रोतों को रीचार्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। एमओयू हस्ताक्षरित होने के बाद जीएसआई ने बोर्ड ने अल्मोड़ा के जल स्रोतों का पूरा ब्योरा माँगा है।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) विभाग ने देश भर के सूखते जलस्रोतों को रीचार्ज (पुनर्भरण) करने का बीड़ा उठाया है। उत्तराखण्ड में इस काम की शुरुआत अल्मोड़ा जिले के जल स्रोतों से की जा रही है। इसको लेकर जीएसआई ने केन्द्रीय भूजल बोर्ड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। भूजल बोर्ड व उत्तराखण्ड जल संस्थान के आँकड़ों पर गौर करें तो अल्मोड़ा के करीब 46 जलस्रोतों का पानी निरन्तर घट रहा है। इनमें से 10 स्रोतों का पानी 90 फीसदी तक घट गया है।

जीएसआई के निदेशक भूपेंद्र सिंह के अनुसार अल्मोड़ा में उत्तर अल्मोड़ा व दक्षिण अल्मोड़ा नाम से दो भूकम्पीय फाॅल्ट लाइन गुजर रही हैं। अल्मोड़ा का बड़ा भूभाग इन दोनों लाइनों के मध्य आता है और इनके दायरे में आने वाले जलस्रोतों को ही रीचार्ज करने का निर्णय लिया गया है। जीएसआई निदेशक भूपेंद्र सिंह के अनुसार देखा जाएगा कि कहीं फॉल्ट के सक्रिय स्थिति में होने के चलते तो स्रोत नहीं सूख रहे। स्थिति स्पष्ट होने के बाद उसके मुताबिक जलस्रोतों को रीचार्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

एमओयू हस्ताक्षरित होने के बाद जीएसआई ने बोर्ड ने अल्मोड़ा के जल स्रोतों का पूरा ब्योरा माँगा है। वहीं बोर्ड के क्षेत्रीय प्रमुख अनुराग खन्ना का कहना है कि उनके पास अभी सीमित रूप से जलस्रोतों की जानकारी उपलब्ध है। वह जल संस्थान से आग्रह करेंगे कि जिन भी स्रोत का वह जलापूर्ति के लिये प्रयोग कर रहे हैं, उनकी जानकारी अध्ययन के लिये उपलब्ध कराएँ।

अल्मोड़ा के सूखते स्रोतों की तस्वीर


 

ब्लॉक

50 से 75

75 से 90

90 व अधिक

कुल

ताड़ीखेत

04

13

04

21

भिकियासैण

02

07

06

15

चौखुटिया

02

निल

निल

02

स्यालदेय

03

05

निल

08

कुल

11

25

10

46

नोट: यह आँकड़े उत्तराखण्ड जल संस्थान के हैं। सूखते स्रोतों की स्थिति फीसद में।

 

कम प्रवाह वाले स्रोत (लीटर प्रति मिनट में)


 

स्रोत

प्रवाह

स्रोत

प्रवाह

चिंदोआ

1.5

भगतोला

1.5

धारा नोला जू

02

पालना

02

गुरुड़ा

2.25

धारा नौला

06

दीपकोट

7.5

सोमेश्वर

10

 



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