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भूकम्प के बाद क्या करें, क्या न करें

Author: 
पीयूष रौतेला
Source: 
आपदा प्रबन्धन विभाग, उत्तराखण्ड शासन का स्वायत्तशासी संस्थान, फरवरी 2017

आपकी तैयारी, सावधानी एवं भाग्य ने आपको भूकम्प से तो बचा लिया है पर आप अभी भी खतरे से बहुत दूर नहीं हैं। अतः सतर्क रहें।

(क) सुनिश्चित करें कि परिवार के किसी सदस्य को चोट नहीं लगी है और सभी सुरक्षित हैं

(ख) आस-पड़ोस में चोट खाये व्यक्तियों की सहायता करें और उनके प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करें

(ग) हड़बड़ी में ज्यादा चोट खाये व्यक्ति को कहीं अन्य जगह ले जाने का निर्णय न लें

(घ) उन अवसंरचनाओं को चिन्हित करें जहाँ लोगों के फँसे होने की सम्भावना हो। यह सूचना आपातकालीन बलों के लिये महत्त्वपूर्ण हो सकती है

(ङ) भूकम्प के दौरान टूट गया सामान नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए सावधानी बरतें

(च) टूट गये सामान से पैर चोटिल हो सकते हैं। अतः जूते पहन कर रखें

(छ) आपातकालीन सेवाओं के लिये मार्गों को अवरोधमुक्त रखें

(ज) बिजली के उपकरणों व खाना बनाने की गैस को बन्द कर दें

(झ) अगर कोई ज्वलनशील पदार्थ फैल गया है तो उसे तुरन्त साफ करें

(ञ) सुनिश्चित करें कि खाना बनाने की गैस का रिसाव नहीं हुआ है। सुनिश्चित हो जाने के बाद ही माचिस जलायें या बिजली के बटन दबायें

(त) बैटरी से चलने वाले रेडियो की सहायता से सूचनायें लें

(थ) यदि आग लग गयी है और धुआँ है, तो लेटकर बाहर निकलने की कोशिश करें। साफ हवा जमीन के नजदीक ही मिलेगी

(द) बड़े भूकम्प के बाद प्रायः काफी समय तक छोटे भूकम्पों का आना स्वाभाविक है। अतः सुनिश्चित करें कि आपका घर सुरक्षित है और आने वाले भूकम्प के झटकों को झेल सकता है। जरा सा भी शक होने पर घर छोड़ दें

(ध) बड़े भूकम्प के बाद आने वाले छोटे भूकम्पों के लिये तैयार रहें। हर बार पहले की तरह सतर्क रहें

(न) बाहरी सहायता पहुँचने में देर हो सकती है। अतः संयम बनाये रखें

(प) याद रखें! भूकम्प की भविष्यवाणी या भूकम्प का पूर्वानुमान सम्भव नहीं है। यदि कोई ऐसा करके अफरातफरी का माहौल बना रहा है तो इसकी सूचना सम्बंधितों को दें। याद रखें, ऐसा करना एक दण्डनीय अपराध है

भूकम्प के बाद क्या न करें


(क) क्षतिग्रस्त अवसंरचनाओं के नजदीक भीड़ न लगायें

(ख) पानी बर्बाद न करें

(ग) गम्भीर रूप से घायल व्यक्तियों को कहीं और ले जाने की कोशिश न करें

(घ) अफवाह न फैलायें। यह दण्डनीय अपराध है

(ङ) खोज-बचाव एवं राहत कार्यों में बाधा न पहुँचायें। यह दण्डनीय अपराध है

(च) भूकम्प के बाद आपातकालीन सेवायें दे रहे व्यक्तियों को सूचनाओं के आदान प्रदान के लिये फोन या मोबाइल सेवा की अधिक आवश्यकता होगी। अतः जहाँ तक सम्भव हो फोन या मोबाइल का उपयोग न करें। आपके ऐसा करने से यह सेवा व्यस्त या बाधित होने से बची रह सकती है और इससे किसी जरूरतमंद को मदद मिल सकती है

कहीं धरती न हिल जाये

 

कहीं धरती न हिल जाये

(इस पुस्तक के अन्य अध्यायों को पढ़ने के लिए कृपया आलेख के लिंक पर क्लिक करें)

क्रम

अध्याय

1

पुस्तक परिचय - कहीं धरती न हिल जाये

2

भूकम्प (Earthquake)

3

क्यों आते हैं भूकम्प (Why Earthquakes)

4

कहाँ आते हैं भूकम्प (Where Frequent Earthquake)

5

भूकम्पीय तरंगें (Seismic waves)

6

भूकम्प का अभिकेन्द्र (Epiccenter)

7

अभिकेन्द्र का निर्धारण (Identification of epicenter)

8

भूकम्प का परिमाण (Earthquake Magnitude)

9

भूकम्प की तीव्रता (The intensity of earthquakes)

10

भूकम्प से क्षति

11

भूकम्प की भविष्यवाणी (Earthquake prediction)

12

भूकम्प पूर्वानुमान और हम (Earthquake Forecasting and Public)

13

छोटे भूकम्पों का तात्पर्य (Small earthquakes implies)

14

बड़े भूकम्पों का न आना

15

भूकम्पों की आवृत्ति (The frequency of earthquakes)

16

भूकम्प सुरक्षा एवं परम्परागत ज्ञान

17

भूकम्प सुरक्षा और हमारी तैयारी

18

घर को अधिक सुरक्षित बनायें

19

भूकम्प आने पर क्या करें

20

भूकम्प के बाद क्या करें, क्या न करें

 

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