Latest

एक्‍वाकल्‍चर के जरिये गंदे पानी की सफाई

Source: 
indg.in
हाल के वर्षों में देश में बढ़ती जनसंख्‍या के साथ औद्योगिक कचरे और ठोस व्‍यर्थ पदार्थों से अलग गंदे पानी की मात्रा भी उसके प्रबंधन की क्षमता से कहीं अधिक बढ़ी है। प्राकृतिक जल स्रोतों तक उन्‍हें पहुँचाने के लिए घरेलू सीवर के जरिए तेज प्रयास किए जा रहे हैं।

जैव परिशोधन की अवधारणा


* जैव परिशोधन में जैव-रासायनिक प्रतिक्रिया के लिए जीवाणु की प्राकृतिक गतिविधि का क्रमबद्ध इस्‍तेमाल श‍ामिल है जिसके परिणामस्‍वरूप जैविक पदार्थ कार्बन डायऑक्‍साइड, पानी, नाइट्रोजन और सल्‍फेट में बदल जाता है।
इस खबर के स्रोत का लिंक: 

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर एक्‍वाकल्‍चर, भुवनेश्‍वर, उड़ीसा

पटियाला में सीवेज पानी से खेत की सिंचाई

Source: 
राणा रणधीर, June 28, 2009
सिवेज पानी से सिंचाई : जान को खतरासिवेज पानी से सिंचाई : जान को खतरापटियाला. पटियाला के आस-पास के दर्जनों किसानों को तो शायद इसका अहसास भी नहीं है कि वो अपने बच्चों को रोटी नहीं, बल्कि ऐसा मीठा जहर दे रहे हैं, जो उन्हें जिंदगी भर के लिए अपाहिज बना सकता है। पटियाला शहर के पूरा सीवरेज सिस्टम जिस नाले में जाकर गिरता है, उसका मेन डिस्पोजल गांव मैण के पास बनाया गया है, यानि गांव मैण तक यह गंदा नाला खुला है।
इस खबर के स्रोत का लिंक: 
http://www.bhaskar.com/

शौचालय के पानी से बनी एक कहानी

तमिलनाडु में सामुदायिक शौचालय से निःसृत बहुत गंदे (मटियाले) जल का प्रबंधन


सामुदायिक शौचालय से निःसृत मटियाले जल (गांव के गंदे पानी) का उपचार करके उसके पुनर्प्रयोगों की दिशा में एक अनूठा प्रयास निम्न उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया हैः

• शहरी एवं उपशहरी क्षेत्रों में सेप्टिक टैंक टायलेट से जनित जल प्रदूषण-समस्या का एक व्याहारिक समाधान।
• सामुदायिक शौचालय एवं सेप्टिक टैंक से निःसृत मटियाले जल (गांव के गंदे पानी) के द्वारा वायु, जल एवं मृदा के संपर्क दूषण को पर्यावरण के अनुकूलतम ढंग से रोकना।
• स्वास्थ्यकर एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना।
• उपचारित जल का सागसब्जी एवं फल उगाने के लिए उपयोग करना।
• कृषि कार्य हेतु उपचारित जल का पुनर्प्रयोग करना।

शराब-कारख़ाने में अपशिष्ट न्यूनीकरण

डब्ल्यूएमसी आसवनी(शराब-कारख़ाना) इकाई में अपशिष्ट न्यूनीकरण स्थिति का जायज़ा-



..1.एक परिचय
शराब-कारख़ाने को चीनी उद्योग से संबंधित उद्योग समझा जाता है क्योंकि चीनी उद्योग से कच्चे माल एवं मद्य उत्पाद के शीरे मिल जाते हैं। भारत में बहुतेरे शराब-कारख़ाने शीरे को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
बहुत से कारख़ाने पर्यावरण और कारख़ाने के अपशिष्ट के निपटान के मुद्दे को झेल रहे हैं। बहुतेरे तकनीकी तरीके अपशिष्ट के निस्तारण के लिए आज़माएं गये हैं। लेकिन इन सारी विधियों में कोई भी विधि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्थापित मानक के अनुसार असरकारक और किफ़ायती साबित नहीं हुए।

टेक्सटाइल प्रोसेसिंग में स्वच्छ उत्पादन

..परिचय
मेसर्स तिरूपुर अरोरा तिरूपुर स्थित टेक्सटाइल प्रोसेसिंग की निजी कंपनी है। इस इकाई में कॉटन होजरी की प्रोसेसिंग होती है। इस इकाई की प्रोसेसिंग क्षमता प्रतिवर्ष (80 फीसदी प्रिंटिंग यानी छपाई और 20 फीसदी डाई ) 2500 टन की है। इस अध्ययन में इस इकाई की स्वच्छ निर्माण प्रक्रिया को रेखांकित किया गया है।

प्रकिया विवरण

अपशिष्ट जल का बागबानी में प्रयोग

..दिल्ली में गंदे अपशिष्ट जल के अनेक नाले सभी स्थानों पर इधर-उधर से निकलकर यमुना पर प्रदूषण का बोझ बढ़ा रहे हैं। फिलहाल प्रदूषण का बोझ बढ़ाने वाले 22 बड़े नाले हैं। ये शहरी नाले प्राकृतिक रूप से बने हैं और वर्षा आदि के जल को ऊपरी इलाकों से निचले इलाकों में बहाकर ले जाते हुए अंत में नदियों से जुड़ते हैं। भारत की नदियां सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं और दूसरे विकासशील देशों की तुलना में 10 गुना अधिक रोगजनक प्रदूषक उनमें समाहित हैं।

मेसर्स थ्री स्टार पेपर मिल्स में स्वच्छ उत्पादन

..
भूमिका

गूदा एवं कागज उद्योग विश्व भर में चक्रण युक्त वस्तुओं से प्रभावित होते हैं। चूंकि मात्रात्मक प्रतिबंध उठा लिए गए हैं इसलिए सस्ते दाम पर बड़ी मात्रा में आयतित गूदा उपलब्ध है। इस उद्योग में मंदी का माहौल है जिससे लाभ पर असर पड़ रहा है।

लघु उद्योगों के लिए स्थिति औऱ भयावह है क्योंकि वे उत्पादन की मात्रा के आधार पर बड़ी कंपनियों से मुकाबला नहीं कर पाते। प्रदूषण पर नियंत्रण के बढ़ते सरकारी दबाव ने इस उद्योग के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

ऐसी परिस्थितियों में इस इकाई ने राष्ट्रीय स्वच्छ उत्पादन केंद्र (एनसीपीसी) की सहायता से स्वच्छ उत्पादन(सीपी) का तरीका अपनाने का फैसला किया।