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उत्तराखण्ड नदी बचाओ अभियान यात्रा

Author: 
राजेंद्र जोशी
देहरादून। 21 नवंबर 2012 से उत्तराखण्ड नदी बचाओ अभियान सहित अन्य संगठनों द्वारा जल, जंगल, जमीन स्वराज यात्रा प्रारंभ की जायेगी जो नौ दिसंबर दिल्ली राजघाट में समाप्त होगी। पत्रकारों से वार्ता करते हुए सुरेश भाई ने कहा है कि प्रदेश में विगत दस सालों में उद्योग और उर्जा परियोजनाओं के नाम पर 25 हजार हेक्टेयर की भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है और किसान खेती से बेदखल हो गये हैं। खेती छोटे किसानों के लिए अलाभकारी व बोझ और कंपनियों के लिए अथाह लाभ का ज़रिया बने। इससे यह साफ है कि किसी भी तरह से खेती की जमीन छोटे किसानों से छीन कर एक्सप्रेसवे, खनन, विशेष आर्थिक क्षेत्र, विद्युत परियोजनाएं, औद्योगिक कॉरीडोर, रिहायशी खरीद-फरोख्त व अनियोजित शहरीकरण के लिए पूंजीपतियों और देशी-विदेशी कंपनियों की भेंट चढ़ रही है। भारत सरकार का प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, पुनर्स्थापना अधिनियम 2011 इसका उदाहरण है।

19 नवम्बर को नदी सम्मेलन

Author: 
तरुण भारत संघ
तिथि- 19-11-2012 स्थान- गांधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली

तरुण भारत संघ ने 19 नवम्बर 2012 को नदी सम्मेलन रखा है। इसमें भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री हरीश रावत भी भागीदारी करेंगे। 25 से 28 नवम्बर तक ‘गंगा नदी संसद’ गढ़ मुक्तेश्वर में रखा गया है। इसी संसद में नदी चेतना यात्राओं का निर्धारण किया जाएगा। देशभर की नदियों पर सम्मेलन और शिविर आयोजित होंगे। नदियों में जल प्रवाह बढ़ाने तथा गंदा जल उपचार करके उद्योग एवं खेती में काम लेना है। नदियों के वर्षा जल (शुद्धजल) में गंदा जल नहीं मिलाने वाले विचार को बल दिया जाएगा। भारत सरकार, राज्य सरकारें और नगर निगम तथा पंचायतें इस सिद्धांत का पालन करें। ऐसा विचार-प्रचार किया जाएगा।

नदी घाटियों में जलग्रहण संरक्षण करके भूजल-अधो भूजल पुर्नभरण होने से नदियों में जल प्रवाह बढ़ेगा। नदी के जल प्रवाह में गंदा जल नहीं मिलने से नदियां शुद्ध-सदानीरा बन जाएंगी। अतः वर्षा जल सहेजना, भूजल अनुशासित होकर उपयोग करना, गंदा जल नदी में नहीं मिलने देना ही नदी पुनर्जीवन प्रक्रिया है। नदी पुनर्जीवन प्रक्रिया तेज करने वाली चेतना जगाने का कार्य हम 19 नवम्बर को नदी दिवस मनाकर करेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकारें इसे आगे बढ़ाएगी। अतः राज और समाज को नदियों से जोड़कर नदी पुनर्जीवन अभियान चलाया जाएगा। इस वर्ष पूरा साल तरुण भारत संघ इसी कार्य को देश भर में करेगा।

संपर्क
मोलिक शिशोदिया
निदेशक
तरुण भारत संघ
फोन नं. 09829217788, 09414066765


धरती जतन पदयात्रा – 2012

Source: 
ग्रामीण विकास नवयुवक मंडल लापोड़िया
धरती जतन पदयात्रा, विस्तार केंद्र लापोड़िया (जयपुर) और टोंक से 24 नवंबर 2012 से शुरू होगी और 27 नवंबर 2012 को संपन्न होगी।

सारा विश्व जलवायु संकट से चिंतित है। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी-बड़ी बैठकों में विचार विमर्श किया जा रहा है। पूरी दूनिया के साथ-साथ भारत वर्ष में भी बुद्धिजीवी लोग, लोगों की जिंदगी पर आबों हवा में परिवर्तन से क्या असर पड़ा है, उसके आंकड़े एवं तथ्य एकत्रित कर रहे हैं।

लेकिन आज भी बहुत सारे लोग प्रकृति के साथ जी रहे हैं, प्रकृति संरक्षण व संवर्धन के लिये अथक प्रयत्न कर रहे हैं। उनके काम को न तो कोई देखता है और न ही प्रोत्साहन देता है, ऐसे लोग अकेले ही लगे रहते हैं। इन लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाना, पीठ थपथपाना व दिल में आशा की जोत जगाने का कार्य धरती जतन पदयात्रा करती है।

अविरल एवं निर्मल गंगा की चुनौती पर विचार गोष्ठी

Author: 
सोसाइटी फॉर प्रोमोशन ऑफ वेस्टलैंड डेवलपमेंट

एक दिवसीय विचार गोष्ठी


आप सादर आमंत्रित हैं

14 अप्रैल 2012 : सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक ।

स्थान - सोसाइटी फॉर प्रोमोशन ऑफ वेस्टलैंड डेवलपमेंट, विष्णु दिगम्बर मार्ग - दीनदयाल उपाध्याय मार्ग के पास (नजदीक अजय भवन / गांधी पीस फाउंडेशन)

निवेदक
वीरेन लोबो: निर्देशक सोसाइटी फॉर प्रोमोशन ऑफ वेस्टलैंड डेवलपमेंट, प्रेम सुन्द्रियाल, अटल बिहारी शर्मा , डॉक्टर ओंकार मित्तल - महर्षि बाल्मीकि गंगा सेवा संकल्प - सोसाइटी फॉर एक्शन इन कम्युनिटी हेल्थ (सच)

वीरेन लोबो निदेशक - सोसाइटी फॉर प्रोमोशन ऑफ वेस्टलैंड डेवलपमेंट, 14-ए, विष्णु दिगम्बर मार्ग, नई दिल्ली- 100 002, फैक्स-23236440, 23236387, 23235994, 23234845, वेबसाइट- www.spwd.org, ईमेल- spwd_delhi@yahoo.com, ho@spwd.org

डॉक्टर ओंकार मित्तल
निदेशक - सोसाइटी फॉर एक्शन इन कम्युनिटी हेल्थ (सच), ई-43, साउथ एक्शटेंशन फेस (1), नई दिल्ली-110049, मोबाइल नं. +91-9818110784, ईमेल-sachkgaon@gmail.com, onkarmittal@yahoo.co.uk

छठा राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन

Source: 
विकास संवाद
विकास और जन सरोकार के मुद्दों पर नयी उर्जा, उत्साह और इस यात्रा को एक दिशा देने के लिए हम हर साल एक तीन दिनी सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं और इस बार सम्मेलन 23-25 मार्च 2012 को पचमढ़ी में आयोजित हो रहा है। मीडिया फार राइट्स की ओर से होने वाला यह मीडिया सम्मेलन धीरे-धीरे मीडिया के लोगों के बीच साल में एक बार मिलने का एक साझा मंच होता जा रहा है। मीडिया फार राइट्स की ओर से होने वाले मीडिया विमर्श का आयोजन विकास संवाद नाम से होता है।

विकास संवाद प्रक्रिया के तहत मीडिया के मित्र वर्तमान और नेपथ्य, बाखबरी और बेखबरी के बीच मुद्दों को पहचाननें, उनके बारे में जानकारियां इकट्ठा करने, विश्लेषण करने के साथ ही मुद्दों में लेखन की भूमिका तय करने का काम करते हैं। विकास संवाद का यह छठा राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन है। इसके पहले शुरुआती सालों की कुछ अनौपचारिक चर्चाओं के बाद महेश्वर में मीडिया के मानक, लोग और उसके बाद छतरपुर में सूखे में समाज और मीडिया विषयों पर मुद्दा आधारित सार्थक बातचीत के साथ जमीनी स्तर पर मुद्दों को देखने-समझने का काम विकास संवाद के मीडिया विमर्श के मील के पत्थर बन चुके हैं।

विकास संवाद के प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कृपया इस मेल पर संपर्क करें। (vikassamvad@gmail.com)

विकास संवाद
राकेश मालवीय

09977958934.0755-4252789

निमंत्रण: गंगा चौपाल का आयोजन

सृजन से विसर्जन तक गंगा हमारे लिए पूजनीय है। चाहे हम उसके किनारे रहते हों या न हों, परंतु हमारे जीवन, हमारी संस्कृति, हमारे पर्यावरण, हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे विज्ञान सहित पूरे सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है माँ गंगा। लेकिन आज इस आज समाज के कारण ही वह उथल-पुथल के भयानक दौर से गुजर रही है। वैज्ञानिक अस्त्रों से लैस होकर हम उसका प्रवाह रोक रहे हैं, भौतिकवादी सुखों के लालच में हम गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं। आज भी करोड़ों लोगों की आस्था की प्रतीक गंगा, कुछेक लोगों के लिए सिर्फ एक संसाधन होकर रह गई हैं। शोषण का एक प्रतीक। लेकिन सवाल उसके अस्तित्व का नहीं है, सवाल है, क्या गंगा के बिना हम पल भर भी जी पाएंगे। इन सभी विषयों पर बहुत चर्चा होती है।

नदी न्याय जनसुनवाई

Source: 
तरुण भारत संघ
18 नवम्बर, 2011 को रणनीति बैठक होगी। 9 से 11:00 बजे तक नदी न्याय की जनसुनवाई में भागीदारों से बातचीत 11:00 से 4:00 बजे तक जनसुनवाई और 4:00 बजे से जनसुनवाई में भागीदारों के साथ रणनीति बैठक का कार्यक्रम है।

नदियों को भ्रष्टाचार ने नालों में बदल दिया है। भ्रष्टाचार के नालों को सदाचार द्वारा नदियों में बदलने की मुहिम शुरू करने हेतु रणनीति बैठक 18 नवम्बर, 2011 को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में आयोजित हो रही है।

यमुना अभियान: मथुरा में 27 को संत समागम की तैयारी

Source: 
वृन्दावन टुडे, 25 अप्रैल 2011
यमुना प्रदूषण के खिलाफ उठ रही आवाज लगातार सशक्त हो रही है। यमुना प्रदूषण मुक्ति सत्याग्रह में विश्व सनातन धर्म रक्षक दल के आंदोलन को यहां 27 अप्रैल को होने वाला संत समागम नई धार देगा। उधर दिल्ली में जंतर-मंतर पर संत-किसानों के धरने से दबाव में केन्द्रीय कमेटी की बैठक सोमवार को होने की संभावना है।

यमुना प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन की राह पर चल रहे ब्रजवासियों का जोश इस मसले पर और बढ़ता जा रहा है। पिछले डेढ़ दशक से यमुना प्रदूषण मुक्ति के लिए सत्याग्रह कर रहे विश्व सनातन धर्म रक्षक दल आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 27 अप्रैल को यहां गांधी पार्क में संत समागम होने जा रहा है।
इस खबर के स्रोत का लिंक: 
http://www.hindi.vrindavantoday.org

लोक-भारती संगठन की गोमती यात्रा (27 मार्च से 3 अप्रैल 2011 तक)

Author: 
लोक भारती

गोमती का संकट-


गोमती का जन्म नागाधिराज हिमालय की तलहटी में पीलीभीत से 30 किमी. पूर्व तथा पूरनपुर (पुराणपुर) से 12 किमी. उत्तर माधौटाण्डा के निकट फुलहर झील (गोमतताल) से हुआ है। गोमती अपने उद्गम स्थल से पावन गंगा मिलन तक 960 किमी. की यात्रा में 22735 वर्ग किमी. जलग्रहण क्षेत्र का वर्षा-जल संजोकर वाराणसी-गाजीपुर के मध्य मार्कण्डेश्वर महादेव के पास गंगा मैया की गोद में समा जाती है। गोमती तो अपनी पूर्ण वत्सलता के साथ हमारी प्यास बुझाती, खेतों को पानी व धरती को हरियाली देती तथा मानवता की फुलवारी को भरपूर सींचती है।

लेकिन हमने क्या किया?


हमने अपने मल-मूत्र (सीवर), गन्ना व अन्य फैक्ट्रियों, अस्पतालों का जहरीला, बदबूदार पानी उसमें प्रवाहित किया, प्लास्टिक, पॉलीथीन, पूजन सामग्री अवशेष डालकर गोमती