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बारिश का कितना जल वापस धरती में जाना चाहिए

जल रिसावजल रिसावदीप जोशी
धरती से जल के दोहन के बदले कितना जल वापस धरती में जाना चाहिए? इस संबंध में दुनिया भर के वैज्ञानिकों में आम राय यह है कि साल भर में होने वाली कुल बारिश का कम से कम 31 प्रतिशत पानी धरती के भीतर रिचार्ज के लिए जाना चाहिए, तभी बिना हिमनद वाली नदियों और जल स्रोतों से लगातार पानी मिल सकेगा।

भूमि एवं मृदा

भूमि क्या है ?

पृथ्वी के पृष्ठ का कोई भाग जो जलाच्छादित नही हो, भूमि कहलाता है। भूमि का अभिप्राय धरातल से होता है जिसके संघटक मृदा, वनस्पति तथा भू-आकृति पृष्ठ लक्षण होते है। भूमि एक आर्थिक वस्तु है जिसका मूल्य होता है एवं इसका स्वामित्व क्रय-विक्रय किया जाता है तथा हस्तान्तरित किया जाता है। यह राष्ट्र की अमूल्य संपदा है। भूमि को क्षेत्रफल की इकाई में जैसे : एकड़, हैक्टेयर, बीघा अथवा नाली में मापा जाता है।

छत पर वर्षा जल को संचयन करने से क्या अभिप्राय है?

वर्षाजल संरक्षणवर्षाजल संरक्षणछत पर वर्षा जल को संचयन करने से क्या अभिप्राय है।

• शहरी क्षेत्र में दत पर प्राप्त वर्षा जल का संचयन व कृत्रिम पुनर्भरण द्वारा भूमि जल भण्डारण में वृद्धि क़रने के लिए इसका उपयोग।

• छत के निकासी पाइप को जोड़कर एकत्रित जल को मौजुदा कुंए / टयूबवैल / बोरवैल में अथवा विशेष तौर पर बनाए गये कुएं में डालना।

• शहरी आवासीय कम्पलैक्सों और संस्थागत भवनों अथवा रिहायशी भवनों के समूह, जिनकी छत का क्षेत्रफल अधिक हो, इस उद्देश्य के लिए प्रयोग में लाये जा सकते है।

क्या आप जानते है?

प्रश्न 1. पोजोलाना क्या है ?

उत्तर. पोजोलाना एक प्राकृतिक अथवा कृत्रिम सामग्री है जिसमें सिलिका अभिक्रियाशील रूप में पाई जाती है । दूसरे शब्दों में , पोजोलाना एक सिलीसियस अथवा सिलिसियस एवं एलूमिनियस सामग्री है जिसमें इसके अपने बहुत कम अथवा नगण्य संयोजी गुणधर्म होते हैं परन्तु महीन रूप से विभावित रूप में, आर्द्रता की उपस्थिति में यह रासायनिक रूप से प्रतिक्रिया करती है जिससे कंक्रीट के विशिष्ट गुणधर्म आ जाते हैं । फ्लाईऐश, माइक्रोसिलिका, राइस-हस्क, जीजीबीएस, मेटाकोलाइन पोजोलोनिक सामग्रियों के कुछ उदाहरण हैं ।


प्रश्न 2. फ्लाईऐश क्या है ?

पानी, साफ-सफाई और स्वास्थ्यप्रद स्थितियों के बारे में कुछ तथ्य


1- अगर स्वास्थ्यप्रद स्थितियां या बेहतर स्वस्थ माहौल की बात की जाए तो इसमें निजी साफ-सफाई से लेकर आसपास का साफ-सुथरा माहौल भी शामिल होता है। यूं भी पानी से जुड़ी बीमारियों या प्रदूषित पानी, खराब स्वास्थ्य और गरीबी का एक खास दायरा गंदे पानी और साफ-सफाई की खराब स्थितियों की वजह से सामने आता है।
2- साफ-सफाई का ध्यान न रखने से पानी प्रदूषित होता है। प्रदूषित पानी यानी जिसमें गंदगी की वजह से सूक्ष्म जीव पैदा होने लगते हैं।
3- दुनिया की 26 अरब से ज्यादा की आबादी में से 40 प्रतिशत बुनियादी सफाई सुविधाओं से महरूम है।
4- दुनिया में एक अरब से भी ज्यादा लोग प्रदूषित पानी का इस्तेमाल पीने के लिए करते हैं।
5- बीमारियों और खराब स्वास्थ्य का सीधा संबंध गंदे पानी, सफाई का अभाव और अस्वस्थकर स्थितियों से है। गंदे पानी और गंदगी से डायरिया, टाइफाइड, पाराटाइफाइड, बुखार, हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस ई और एफ, फ्लूरोसिस, आर्सेनिक जनित बीमारी जैसी बीमारियां होती हैं। कुछ दूसरी बीमारियां हैं:- लेजिनोलिसिस, मेथमोग्लोबीनेमिया, सिन्टोसोमिएसिस, आंत का संक्रमण, डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफलाइटिस। वेस्टनील वायरस संक्रमण, येलो फीवर और इम्पेटिगो यानी त्वचा से संबंधित बीमारी भी हो सकती है।
5- दुनिया भर में डायरिया से 1,085,000 से लेकर 2,187,000 मौतें हो जाती हैं। यह मौतें गंदे पानी, खराब सफाई व्यवस्था और दूषित पानी के कारण हो जाती हैं। डायरिया से मरने वाले 90 फीसदी पांच साल से कम के बच्चे होते हैं।
6- साफ और गैर हानिकारक पानी की आपूर्ति, बेहतर सफाई और स्वस्थ माहौल डायरिया को 20 प्रतिशत तक घटा सकती है। बेहतर स्थिति से डायरिया से होने वाली 50 प्रतिशत मौतें कम हो सकती है।
7- शौच-गृह के इस्तेमाल या बच्चों का मल-मूत्र साफ करने के बाद हाथ धोने और भोजन से पहले हाथों की अच्छी तरह सफाई डायरिया को 33 प्रतिशत कम कर देती है।

छत पर वर्षा जल संचयन आवश्यकता क्यों पडती हैं?

वर्षाजल संरक्षणवर्षाजल संरक्षण• भूमि जल भण्डारण में वृद्धि और जल स्तर में गिरावट पर नियन्त्रण करने के लिए।

• भमि जल गुणवत्ता में सुधार के लिए।

• पानी के सतही बहाव, जो अन्यथा नालों में भरकर रूक जाता है, को कम करने के लिए।

• सड़कों पर पानी भरने से रोकने के लिए

• पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए।

• भूमि जल के प्रदूषण को कम करने के लिए।

• भूमि जल की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए।

• मृदा कटाव को कम करने के लिए।