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बैक्टीरिया भी छान निकालेंगे कार्बो नैनो फिल्टर

कार्बो नैनो फिल्टरकार्बो नैनो फिल्टरजागरण-याहू, कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान [आईआईटी] ने ऐसा कार्बो नैनो फाइबर बनाया है, जिसकी फिल्टर क्षमता मौजूदा उपकरणों से कई गुना ज्यादा है। यह कमाल कर दिखाया है नव विकसित नैनो साइंस विभाग के वैज्ञानिकों ने। अब ऐसे फिल्टर बनाये जा सकेंगे जो औद्योगिक प्रदूषण को तो रोकेंगे ही, पानी से बैक्टीरिया भी छान निकालेंगे।

फील्ड में इस्तेमाल के लिए जल गुणवत्ता परीक्षण किट

Source: 
हिंदी वाटर पोर्टल
फील्ड टेस्टिंग किट

पानी में खनिज की मात्रा और अन्य लक्षण मसलन पीएच, चालकता, रंग और गंदलेपन की जांच प्रयोगशाला में की जाती है। प्रयोगों से किसी खास पानी में किसी तत्व की उपस्थिति और उसकी मात्रा का निर्धारण करने मे मदद मिलती है। अधिकतर परीक्षण प्रयोगशाला के उपकरण मसलन फ्लास्क, परखनली, पाइप, बीकर आदि के इस्तेमाल से अनुमापन विधि से किए जाते हैं। यह तकनीक अभी भी प्रभावी है। हालांकि अब स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, क्रोमोग्राफ आदि आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल भी होने लगा है। इससे वैसे भी परीक्षण होने लगे हैं जहां अनुमापन विधि का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

पानी में जीवाणुओं की उपस्थिति की प्रारंभिक जांच के लिए एच२एस स्ट्रिप टेस्ट एक सामान्य किट है। इस किट को कई दुकानदार १० रुपये से २० रुपये में बेचते हैं।
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त्वरित जल परीक्षण किट

त्वरित जल परीक्षण किटत्वरित जल परीक्षण किटरक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला-रअप्र ने त्वरित जल प्ररीक्षण इकाई 'गुंज' का निर्माण किया है। गुंज दुर्गम क्षेत्रों मे निवास कर रहे लोगों के लिए विशेष महत्वपूर्ण है क्योंकि इन क्षेत्रों मे स्वच्छ पेय जल की अनुपलब्धता रहती है। ऐसे क्षेत्रों में जल-जनित रोगों से छुटकारा पाने के लिये पेयजल की गुणवत्ता की जाँच आवश्यक है। जल-जनित रोग जन-स्वास्थ्य के लिये बहुत ही घातक हैं। कोई भी अल्प शिक्षित व्यक्ति अपने साधारण ज्ञान के इस्तेमाल से 'गुज' का प्रयोग करके जल की गुणवत्ता का पता लगा सकता है। यह इकाई जल का परीक्षण भौ-रसायनिक और जैविक,दोनों तरीकों से करती है। गुंज से जल का जैविक परीक्षण स्वीकृत/अस्वीक