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नदी

Source: 
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी
यह ओडियो केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान और एनसीईआरटी द्वारा बनाई गयी है। पर्यावरण संकलन में 'नदी' अपनी व्यथा सुना रही है। सुनने के लिये क्लिक करें....


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बादल की एक यात्रा

Author: 
भारती परिमल
Source: 
डॉ. महेश-परिमल.ब्लॉगस्पाट.कॉम
एक था बादल। छोटा-सा बादल। एकदम सूखा और रूई के फाहे सा कोमल। उसे लगता - यदि मैं पानी से लबालब भर जाऊँ, तो कितना मजा आए! फिर मैं धरती पर बरसूँगा, मेरे पानी से वृक्ष ऊगेंगे, पौधे हरे-भरे होंगे, सारी धरती पर हरियाली छा जाएगी... खेत अनाज की बालियों से लहलहाएँगे... ये सभी देखने में कितना अच्छा लगेगा! लेकिन इतना पानी मैं लाऊँगा कहाँ से? एक बार वो घूमते-घूमते पहाड़ पर पहुँचा। वहाँ उसे एक झरना बहता हुआ दिखाई दिया। उसे बहता झरना देखना बहुत अच्छा लगा। उसे लगा क्यों न मैं इस झरने से दोस्ती करूँ? हो सकता है वह मुझे थोड़ा-सा पानी दे दे। वह झरने के नजदीक आया और कहा।

- प्यारे झरने, क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे?

पहला कुंआ

Source: 
बुकबॉक्स
देखिये एक जनरल की कहानी जो निकल पड़ा पानी की खोज में अपने देश के प्यासे लोगों को बचाने के लिये। कैसे उसने खोजा पानी का बीज और वही बीज फिर बन गया पानी का पहला कुंआ। जानने के लिये देखिये यह एनिमेशन फिल्म....



सच्चा मित्र- पेड़

Source: 
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी
यह ओडियो केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान और एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया गया है। इसका शीर्षक है- उमंग। उमंग में सबसे पहले प्रस्तुत है-सच्चा मित्रः पेड़। सुनने के लिये क्लिक करें.....




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हम क्या उगाते हैं

Source: 
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी
यह ओडियो केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान और एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया गया है। इसमें कक्षा-5 की पुस्तक रिमझिम में संकलित कविता हम क्या उगाते है को गीत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कविता सुनने के लिये क्लिक करें.....




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छोटी सी हमारी नदी

Source: 
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी
यह ओडियो केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान और एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया गया है। इसमें कक्षा-5 की पुस्तक रिमझिम में संकलित कविता छोटी सी हमारी नदी को गीत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह कविता कवि रविंद्न नाथ टैगोर द्वारा रचित है। इस कविता में नदी और मानव के संबंध को शब्दों में गूंथा गया है। लेकिन आज नदियों की क्या दशा हो गई है जानने के लिये सुनिये.....




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नदी का सफर

Source: 
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी
यह ओडियो केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान और एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया गया है। इसमें कक्षा-5 की पुस्तक रिमझिम में संकलित अध्याय नदी का सफर प्रस्तुत किया गया है। नदी का जन्म कैसे होता है कहां से आती है नदी जानने के लिये सुनिये.....




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बर्फ़ क्यों गिरती है?

Source: 
अभिव्यक्ति हिन्दी, 1 जुलाई 2007
जब बादल का तापमान हिमांक से नीचे पहुँच जाता है तब वहाँ नन्हें-नन्हें हिमकण बनने लगते हैं। जब ये कण बादल से नीचे की ओर गिरते हैं तो वे एक दूसरे से टकराते हैं और एक दूसरे में जुड़ जाते हैं। इस प्रकार इनका आकार बड़ा होने लगता हैं। जितने ज़्यादा हिमकण आपस में जुड़ते हैं हिमकण का आकार उतना ही बड़ा होता जाता हैं। पृथ्वी पर वे छोटे छोटे रुई के फाहों के रूप में झरने लगते हैं। इन्हें हिमपर्त कहते हैं।
इस खबर के स्रोत का लिंक: 
http://www.abhivyakti-hindi.org/phulwari/

तूफ़ान क्यों आते हैं

Source: 
अभिव्यक्ति हिन्दी
जब नमी से भरी हुई ढेर-सी गर्म हवा तेज़ी से ऊपर की ओर उठती है तब तूफ़ान आते हैं।

तुमने तूफ़ान की शुरुआत से पहले हवा को तेज़ होते हुए देखा होगा। जब बादल को बड़े होते जाते हैं और गहरे होते हुए आसमान में अँधेरा छाने लगता है। ये तूफ़ान के लक्षण हैं।

बादलों के अंदर पानी के कण तेज़ी से घूमते हैं और आपस में टकराते हैं, जिससे बिजली पैदा होती है। बिजली पैदा होने का काम तब-तक चलता रहता है जब तक वह बड़ी-सी चिंगारी बन कर एक बादल से दूसरे बादल तक होती हुई धरती तक ज़ोरदार चमक बन कर कौंध नहीं जाती।
इस खबर के स्रोत का लिंक: 
http://www.abhivyakti-hindi.org