जल संरक्षण के आसान उपाय

Submitted by admin on Mon, 04/13/2009 - 17:38
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राष्ट्रीय विकास में जल की महत्ता को देखते हुए अब हमें `जल संरक्षण´ को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखकर पूरे देश में कारगर जन-जागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। `जल संरक्षण´ के कुछ परंपरागत उपाय तो बेहद सरल और कारगर रहे हैं। जिन्हें हम, जाने क्यों, विकास और फैशन की अंधी दौड़ में भूल बैठे हैं। मैं http://hindi.indiawaterportal.org/ की संचालिका मीनाक्षी अरोड़ा, एक जागरूक नागरिक के रूप में आपको कुछ उपाय बताना चाहती हूँ-

1.सबको जागरूक नागरिक की तरह `जल संरक्षण´ का अभियान चलाते हुए बच्चों और महिलाओं में जागृति लानी होगी। स्नान करते समय `बाल्टी´ में जल लेकर `शावर´ या `टब´ में स्नान की तुलना में बहुत जल बचाया जा सकता है। पुरूष वर्ग ढाढ़ी बनाते समय यदि टोंटी बन्द रखे तो बहुत जल बच सकता है। रसोई में जल की बाल्टी या टब में अगर बर्तन साफ करें, तो जल की बहुत बड़ी हानि रोकी जा सकती है।

2. टॉयलेट में लगी फ्लश की टंकी में प्लास्टिक की बोतल में रेत भरकर रख देने से हर बार `एक लीटर जल´ बचाने का कारगर उपाय उत्तराखण्ड जल संस्थान ने बताया है। इस विधि का तेजी से प्रचार-प्रसार करके पूरे देश में लागू करके जल बचाया जा सकता है।

3. पहले गाँवों, कस्बों और नगरों की सीमा पर या कहीं नीची सतह पर तालाब अवश्य होते थे, जिनमें स्वाभाविक रूप में मानसून की वर्षा का जल एकत्रित हो जाता था। साथ ही, अनुपयोगी जल भी तालाब में जाता था, जिसे मछलियाँ और मेंढक आदि साफ करते रहते थे और तालाबों का जल पूरे गाँव के पीने, नहाने और पशुओं आदि के काम में आता था। दुर्भाग्य यह कि स्वार्थी मनुष्य ने तालाबों को पाट कर घर बना लिए और जल की आपूर्ति खुद ही बन्द कर बैठा है। जरूरी है कि गाँवों, कस्बों और नगरों में छोटे-बड़े तालाब बनाकर वर्षा जल का संरक्षण किया जाए।

4. नगरों और महानगरों में घरों की नालियों के पानी को गढ्ढे बना कर एकत्र किया जाए और पेड़-पौधों की सिंचाई के काम में लिया जाए, तो साफ पेयजल की बचत अवश्य की जा सकती है।

5. अगर प्रत्येक घर की छत पर ` वर्षा जल´ का भंडार करने के लिए एक या दो टंकी बनाई जाएँ और इन्हें मजबूत जाली या फिल्टर कपड़े से ढ़क दिया जाए तो हर नगर में `जल संरक्षण´ किया जा सकेगा।

6. घरों, मुहल्लों और सार्वजनिक पार्कों, स्कूलों अस्पतालों, दुकानों, मन्दिरों आदि में लगी नल की टोंटियाँ खुली या टूटी रहती हैं, तो अनजाने ही प्रतिदिन हजारों लीटर जल बेकार हो जाता है। इस बरबादी को रोकने के लिए नगर पालिका एक्ट में टोंटियों की चोरी को दण्डात्मक अपराध बनाकर, जागरूकता भी बढ़ानी होगी।

7. विज्ञान की मदद से आज समुद्र के खारे जल को पीने योग्य बनाया जा रहा है, गुजरात के द्वारिका आदि नगरों में प्रत्येक घर में `पेयजल´ के साथ-साथ घरेलू कार्यों के लिए `खारेजल´ का प्रयोग करके शुद्ध जल का संरक्षण किया जा रहा है, इसे बढ़ाया जाए।

8. गंगा और यमुना जैसी सदानीरा बड़ी नदियों की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। नगरों और महानगरों का गन्दा पानी ऐसी नदियों में जाकर प्रदूषण बढ़ाता है, जिससे मछलियाँ आदि मर जाती हैं और यह प्रदूषण लगातार बढ़ता ही चला जाता है। बड़ी नदियों के जल का शोधन करके पेयजल के रूप में प्रयोग किया जा सके, इसके लिए शासन-प्रशासन को लगातार सक्रिय रहना होगा।

9. जंगलों का कटान होने से दोहरा नुकसान हो रहा है। पहला यह कि वाष्पीकरण न होने से वर्षा नहीं हो पाती और दूसरे भूमिगत जल सूखता जाता हैं। बढ़ती जनसंख्या और औद्योगीकरण के कारण जंगल और वृक्षों के अंधाधुंध कटान से भूमि की नमी लगातार कम होती जा रही है, इसलिए वृक्षारोपण लगातार किया जाना जरूरी है।

10. पानी का `दुरूपयोग´ हर स्तर पर कानून के द्वारा, प्रचार माध्यमों से कारगर प्रचार करके और विद्यालयों में `पर्यावरण´ की ही तरह `जल संरक्षण´ विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ा कर रोका जाना बेहद जरूरी है। अब समय आ गया है कि केन्द्रीय और राज्यों की सरकारें `जल संरक्षण´ को अनिवार्य विषय बना कर प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक नई पीढ़ी को पढ़वाने का कानून बनाएँ।

निश्चय ही `जल संरक्षण´ आज के विश्व-समाज की सर्वोपरि चिन्ता होनी चाहिए, चूंकि उदार प्रकृति हमें निरन्तर वायु, जल, प्रकाश आदि का उपहार देकर उपकृत करती रही है, लेकिन स्वार्थी आदमी सब कुछ भूल कर प्रकृति के नैसगिक सन्तुलन को ही बिगाड़ने पर तुला हुआ है।

मेरा तो आज विश्व-समाज को यहीं सन्देश है –

जल संरक्षण कीजिए, जल जीवन का सार!
जल न रहे यदि जगत में, जीवन है बेकार!!
 

Comments

Submitted by Divyanshu (not verified) on Sat, 01/15/2011 - 15:38

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Quit good.Well compiled information.Excellent poetry piece at last.Needs some visuals.

Submitted by Anonymous (not verified) on Sun, 07/01/2012 - 17:28

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जल संरक्षण कीजिए, जल जीवन का सार!जल न रहे यदि जगत में, जीवन है बेकार!!

Submitted by Anonymous (not verified) on Mon, 07/28/2014 - 21:24

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i like it.

Submitted by Akshat (not verified) on Fri, 11/20/2015 - 22:18

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Bahut sadela hai oolty aati hai kabhi nahi dekhunga ja hawa aane de bhag

Submitted by bhim raj (not verified) on Tue, 12/08/2015 - 17:21

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पानी हमारे जीवन में बहुत उपयोगी है।इसलिए हम जितना उपयोग करे वो धयान से ही करे।नल को कभी खुला ना छोड़े।ओर पानी हमेशा साफ़ छानकर ही पीएँ।।जल बचाऔ जीवन बचाऔ।।

Submitted by Anonymous (not verified) on Wed, 12/23/2015 - 14:59

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Good

Submitted by Bhajan lal dhumbra (not verified) on Wed, 04/13/2016 - 14:15

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दोस्तो जल के बिना जीवन असम्भव है जल के कारण हि हमारा व जीव जन्तुओ का अस्तित्व है जल का संरक्षण हमारा कर्तव्य है और हमे हमारी अगली पीढी के लिए जल को बचाए रखना है जल का कम से कम उपयोग तथा वर्षा जल को सहि तरीके से उपयोग मे लेकर एकत्रित करना चाहिएधन्यावादभारत समाज सेवा ग्रुप रामदेव नगर रानीदेशीपुरा बाड़मेर राजस्थानकार्यकर्ता-भजन लाल धुम्बड़ाजय हिन्दजय भीम

Submitted by Bhajan lal dhumbra (not verified) on Wed, 04/13/2016 - 14:16

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दोस्तो जल के बिना जीवन असम्भव है जल के कारण हि हमारा व जीव जन्तुओ का अस्तित्व है जल का संरक्षण हमारा कर्तव्य है और हमे हमारी अगली पीढी के लिए जल को बचाए रखना है जल का कम से कम उपयोग तथा वर्षा जल को सहि तरीके से उपयोग मे लेकर एकत्रित करना चाहिएधन्यावादभारत समाज सेवा ग्रुप रामदेव नगर रानीदेशीपुरा बाड़मेर राजस्थानकार्यकर्ता-भजन लाल धुम्बड़ाजय हिन्दजय भीम

Submitted by Anonymous (not verified) on Tue, 05/24/2016 - 12:21

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Aaj pani ki aavysakta sabi ko chahe vh mnushy ho pasu pkshi pani sbi ki jrurat he hme aaj pani ka sarkshn krna honga

Submitted by SANJEET KUMAR (not verified) on Mon, 05/30/2016 - 23:40

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AGAR KAROGE JAL BARBA

NAHI HOGE KABHI AABADD

 

 

 

JAL PRAKATI KI DEN HAI 

HAME ISSE BARBAD HONE SE BACHANA CHAHIYE

 

 

 

 

AGAR HUM TANKI YA SHOWER KE NICHE BAITHKAR NAHANE KI APECHCHHA

BALTI ME PANI LEKAR NAHAYE TO ISSSE KAFI PANI BACH SAKTA HAI

Submitted by Aisha (not verified) on Thu, 06/09/2016 - 11:23

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Plzz tell me (Jal ke sanrakshan ke upae)

Submitted by zuha (not verified) on Fri, 06/17/2016 - 22:04

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hami jaal ka achy tarah se use karna chaheye essy hamari future par by acha asar padi ga........ap ka acha din jaye

Submitted by yash gupta (not verified) on Tue, 08/09/2016 - 21:07

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Manus itna aalsi ho gaya h ki use aapne swastya ke bare me bhi nahi pata

Submitted by Bhajan lal dhumbra (not verified) on Fri, 11/04/2016 - 22:11

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नारी शिक्षा हमारे देश के विकास के लिए जरुरी। जब एक नारी शिक्षित तो वह दो परीवारो का नाम रोशन करती है भला करती है एक तो पीहर एक ससुराल। तो दोस्तो अगर भारत को महान बनाना है भारत के भविष्य को उज्जवल बनाना है तो हमे नारी शिक्षा को बढ़ावा देते हुए लोगो को जागरुक करना होगाभारत समाज सेवा ग्रुप रामदेव नगर रानीदेशीपुरा बाड़मेर राजस्थान

Submitted by SUSHIL KUMAR (not verified) on Tue, 11/29/2016 - 13:47

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1-Braksh kate to padega sookha,

Manav mar jayega bhookha.

2-Braksh lagao pani do

Patra likho tum nani ko.

3-Jal hi jeevan hai 

ise barbad na karein

Submitted by Suryamitra (not verified) on Fri, 01/06/2017 - 13:10

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Save water for suryamitra water protection fully automatic water label controller WHO have control water tank & motor. And operated only needed water .

Submitted by Aditya pratap (not verified) on Tue, 03/28/2017 - 19:51

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जल है तो कल हैसाधारण जरूरतों के अतिरिक्त आज के समय में सबसे अधिक पानी की बर्बादी RO के कारन हो रही है।आप सब को इस पर विचार करना चाहिये।Save waterSave earth

Submitted by Aditya pratap (not verified) on Tue, 03/28/2017 - 19:58

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जल है तो कल हैसाधारण जरूरतों के अतिरिक्त आज के समय में सबसे अधिक पानी की बर्बादी RO के कारन हो रही है।आप सब को इस पर विचार करना चाहिये।Save waterSave earth

Submitted by Aditya pratap (not verified) on Tue, 03/28/2017 - 20:01

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जल है तो कल हैसाधारण जरूरतों के अतिरिक्त आज के समय में सबसे अधिक पानी की बर्बादी RO के कारन हो रही है।आप सब को इस पर विचार करना चाहिये।Save waterSave earth

Submitted by चरण सिंह बघरी (not verified) on Tue, 05/23/2017 - 22:43

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जल जीवन का आधार हैजल है तो कल है कल है तो जीवन हैजल का संरक्षण जीवन का संरक्षणजल बचाओ कल बचाओजल बचाओ जीवन बचाओजल बचाओ धरा बचाओजल को बचाना है तो पेड़ लगाना हैजल और जंगल का महत्व समझना है

Submitted by sangeeta kumari (not verified) on Thu, 02/01/2018 - 17:46

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मीनाक्षी अरोरामीनाक्षी अरोराराजनीति शास्त्र से एम.ए.एमफिल के अलावा आपने वकालत की डिग्री भी हासिल की है। पर्या्वरणीय मुद्दों पर रूचि होने के कारण आपने न केवल अच्छे लेखन का कार्य किया है बल्कि फील्ड में कार्य करने वाली संस्थाओं, युवाओं और समुदायों को पानी पर ज्ञान वितरित करने और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने का कार्य भी समय-समय पर करके समाज को जागरूक करने का कार्य कर रही हैं।

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