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पानी के पोर्टल की कहानी

'यदि हम कार्य करने में केवल यह सोचकर सकुचाते हैं कि हमारे सारे सपने पूरे नहीं हो सकते अथवा इसलिए कि कोई हमारा साथ नहीं दे रहा तो इससे केवल हमारी कोशिशों में बाधा ही पड़ती है।' - महात्मा गांधी

'हमनें जनवरी 2007 में इंडिया वाटर पोर्टल (www.indiawaterportal.org) की शुरूआत की थी, क्योंकि हम अच्छे जल प्रबंधन और पानी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी और ज्ञान के साझा इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट की शक्ति का इस्तेमाल करना चाहते थे। अब हिंदी पोर्टल के माध्यम से हमें उम्मीद है कि हम हमारे उद्देश्य को अधिक से अधिक लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुँचा सकते हैं। शायद इससे लोगों को अन्य भारतीय भाषाओं में भी पानी पोर्टल शुरू करने की प्रेरणा मिले।' - रोहिणी निलेकनी ( अध्यक्षा अर्घ्यम् )

इंडिया वाटर पोर्टल उस समय शुरु हुआ, जब 2005 में सैम पित्रोदा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने जल, ऊर्जा और शिक्षक प्रशिक्षण आदि विभिन्न क्षेत्रों में मुक्त सार्वजनिक ज्ञान सेवा वाले वेब पोर्टल का विचार रखा था, राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने इंडिया वाटर पोर्टल शुरू करने के लिए अर्घ्यम् से अनुरोध किया और अर्घ्यम् ने इस कार्य के लिए सहमति जताई।

इंडिया वाटर पोर्टल का आरम्भ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर एक समारोह में ज्ञान आयोग की रिपोर्ट की रिलीज के साथ जनवरी 2007 को हुआ था।

मुख्य विषेशताएं


इंडिया वाटर पोर्टल कई नवीन विचारों के साथ आया:

• जीआईएस अनुप्रयोग - जिससे देश के सभी भागों के वर्षा और अन्य मौसम संबंधी मापदंडों के पिछले 100 वर्षों र्के आंकड़ों को देखा जा सकता है
• संगठन - देश भर में पानी के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों का एक डेटाबेस
• कृषि, उद्योग, वर्षा जल संचयन, शहरी जल, जल की गुणवत्ता आदि पानी के विभिन्न पहलुओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केस स्टडी, पाठयक्रम, फिल्में, अनुसंधान और जल नीति दस्तावेज
• वाटरशेड, भूमिगत जल और फ्लोराइड कम करने जैसे क्षेत्रों में मल्टीमीडिया ई-शिक्षा पाठयक्रम

इंडिया वाटर पोर्टल का प्रारम्भिक उद्देश्य तो विभिन्न भारतीय भाषाओं में अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुँचाना था, लेकिन इसमें सबसे बड़ी कठिनाई यह थी कि अलग-अलग भाषाओं में विभिन्न जल पोर्टल का प्रबंधन कैसे किया जाए?

पोर्टल आम आदमी तक नहीं पहुँचा तो इसका कोई मतलब नहीं है



अलग - अलग भाषाओं में इंडिया वाटर पोर्टल के लिए प्रयास जारी रहा और पहले भारतीय भाषा पोर्टल के रूप में फ़रवरी 2008 में कन्नड़ में इंडिया वाटर पोर्टल की एक अच्छी शुरूआत हुई। इसके बाद, चूंकि हिन्दी बड़े पैमाने पर बोली जाती है, हिंदी में इंडिया वाटर पोर्टल शुरु करने की दिशा में प्रयास किए गए।

वाटर कम्युनिटी इंडिया के सहयोग से इन प्रयासों में सफलता मिली, वाटर कम्युनिटी इंडिया पानी के मुद्दों पर काम करने वाला एक ऐसा संगठन है जो न केवल सूचना प्रौद्योगिकी में माहिर है बल्कि पानी पर ज्ञान के प्रसार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बड़ी ही सूझ-बूझ के साथ करता है। इस साझेदारी से हिंदी में इंडिया वाटर पोर्टल का प्रयास सफल हो पाया और उम्मीद है कि हिंदी पोर्टल के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच बनेगी और साथ ही पानी के मुद्दे पर एक संवाद और गंभीर चर्चा शुरु हो सकेगी।

हिंदी पोर्टल का स्वरूप



हिंदी पोर्टल का प्रारूप एक बड़ी सीमा तक अंग्रेजी पोर्टल की तर्ज पर है। फिर भी यह अपना स्वयं का एक अलग स्वरूप भी लिए हुए है। इसमें मौसम विज्ञान डाटा और संगठन अनुप्रयोगों को हिन्दी पोर्टल के उपयोगकर्ताओं के लिए आसानी से उपलब्ध कराने के लिए अंग्रेजी पोर्टल की तरह ही बनाया गया है।

हिंदी पोर्टल में अधिक जोर देश के विभिन्न भागों में विशेष गतिविधियों और किए गए उपायों पर है। देश के विभिन्न भागों में पानी के विभिन्न पहलुओं पर हो रही गतिविधियों और पानी की अच्छी कहानियों को जानने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए हिंदी इंडिया वाटर पोर्टल मीडिया के साथ मिलकर काम करना चाहेगा।

''हम अंग्रेजी इंडिया वाटर पोर्टल की तरह पानी के विभिन्न पहलुओं पर 'प्रश्न पूछें' सेवा के भी सफल प्रयोग की उम्मीद करते हैं। इस सेवा में कोई भी पानी की किसी भी समस्या के बारे में प्रश्न पूछ सकता है जैसे पानी की कमी, प्रदूषण अथवा वर्षा जलसंचयन आदि को लागू करने संबंधी। विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा सवाल का उत्तर दिया जाता है। यह सेवा बहुत लोकप्रिय और उपयोगी है जिसे अंग्रेजी पोर्टल पर आम नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में अब तक पूछे गए सवालों और जवाबों के रूप में देखा जा सकता है। हिंदी में इस सेवा को शुरु करने से कई लोग पानी की समस्याओं के लिए पेशेवर सलाह प्राप्त कर सकते हैं।''

आपका ही है पोर्टल


हिंदी में इंडिया वाटर पोर्टल को एक उपयोगी संसाधन बनाने के लिए हम गैर सरकारी संगठनों, मीडिया, सरकार और नागरिकों से पानी के मुद्दों और पोर्टल पर अन्य सामग्री मुहैया कराने के बारे में राय और विचारों का स्वागत करते हैं।

hindi.indiawaterportal.org

अनिमेष"कृषि कान्ती"कानयामत्रं

जलकृषि के साथ समैकित कृषि मै। मछली पालन,मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, बदख,सूकर ,डैयरी,कृषि ऐक साद करनै का प्रोजेक्ट तैयार किया है सहमत हो तो भेज सकता हूं । वाट्सप नं ,09702576423 ,

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This portal is one of the most real, pragmatic and effective use of Information technology and internet. Water being one of the most important concern in the country needs drawl of attention from every possible manner.

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