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भागीरथी धारा सूखी

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डॉ.जी.डी. अग्रवाल का आमरण अनशन


लोहारी नागपाला जल विद्युत परियोजना और मनेरी परियोजना की वजह से गंगा की भागीरथी धारा सूख गयी है। परियोजना रोकने को डॉ.जी.डी. अग्रवाल ने आमरण अनशन आरम्भ कर दिया है। नई दिल्ली, 16 जनवरी 2009 देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक डा. जी.डी. अग्रवाल जी ने 14 जन. से पुन: अखिल भारतीय महासभा भवन नई दिल्ली से अपना आमरण अनशन शुरु कर दिया है।

ज्ञात हो विगत वर्ष 13 जून, 2008 को उत्तरकाशी में भागीरथी गंगा के अस्तित्व से किये जा रहे खिलवाड़ के खिलाफ आमरण अनशन किया था इस अनशन के समर्थन में देश भर में 1000 जगहों पर नदियों के किनारे अग्रवाल जी के उद्देश्यों के समर्थन में उपवास किया। देश भर में डा. अग्रवाल जी के आमरण अनशन को व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।

पुन: 14 जनवरी, 2009 से आमरण अनशन प्रारम्भ करते हुए डा. अग्रवाल जी ने कहा कि जिस व्यक्ति की गंगा माँ पर श्रद्धा नहीं वह भारतीय मूल का नहीं। उन्होंने कहा कि मैं पर्यावरण का छात्र रहा हूँ और मुझे माँ भागीरथी की इस हो रही दुर्दशा पर अत्याधिक दुख है। उन्होंने कहा कि मैने उत्तरकाशी जाकर स्वयं देखा भागीरथी की इस हो रही दुर्दशा को देखकर यह संकल्प लिया कि मैं अपने प्राणों की आहुति देकर भागीरथी को बचाऊँगा। उन्होंने कहा कि मेरे पास तो अन्य कोई दूसरा रास्ता ही नहीं है।

मनेरी बांध से गंगा में थोड़ा पानीमनेरी बांध से गंगा में थोड़ा पानीआज अग्रवाल जी के आमरण अनशन का तीसरा दिन है। सुबह से ही मिलने और समर्थन देने वालों का जन सैलाब दिखाई पड़ा। जिनमें से प्रमुख हैं श्री गोविन्दाचार्य जी, श्री अनिमेश जी, श्री ओमप्रकाश सिंघल (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद), श्री राज कुमार गोयल जी, श्री मुकेश शर्मा जी आई.आई.टी कानपुर, डॉ. विनोद कुमार मिश्र, श्री विवेक उमराव जी प्रमुख थे। श्री गोविन्दाचार्य जी ने डॉ. अग्रवाल जी के प्रयासों पर कहा कि हम पूर्ण रूप से इनके विचारों से सहमत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नदियों पर बांध बना कर उनको मारने का प्रयास कर रही है।

कृपया अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करें

- अनिल गौतम : 9412176896
- पवित्र सिंह : 011.32926741 9410706109

प्राकृतिक

प्राकृतिक संसाधनों को गैर-अनुशासित नौकरशाह अपनी दुर्बुद्धि को दूरबुद्धि समझकर नष्ट-भ्रष्ट किए दे रहे हैं। ऐसा लम्बे समय से चल रहा है। तात्कालिक लाभ पाने की वृत्ति ने उन्हें इस ओर प्रवृत्त किया हुआ है। ऐसे दुष्प्रयासों को रोकने की मुहिम में आम आदमी को अवश्य जुड़ना चाहिए। मैं साथ हूँ।

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इस विषय में जानकार और इस पोर्टल को देखकर अच्छा लगा!!

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