‘‘सूचना के अधिकार’’ का कमाल

Submitted by bipincc on Fri, 07/17/2009 - 16:34
Printer Friendly, PDF & Email
Source
www.sandrp.in/news

जी हां, भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को अपनी नीति बदलनी होगी। खास बात यह है कि यह कमाल है ‘‘सूचना के अधिकार’’ का। जो मौसम विभाग अब तक देश भर के विभिन्न इलाकों में वर्षा के आंकड़ों को बेचकर पैसे कमाता रहा है अब वे आम लोगों को सार्वजनिक रूप से बगैर कीमत के उपलब्ध हो सकेंगे। इस संबंध में यह आदेश अभी हाल ही में केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
मामला काफी दिलचस्प है, हुआ यूं कि दिल्ली स्थित संस्था ‘‘सैण्ड्रप’’ की ओर से बिपिन चन्द्र ने मार्च 2008 में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के समक्ष सूचना के अधिकार के तहत एक याचिका दाखिल की। याचिका में मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के 6 जिलों के 5 साल के लिए वर्षा के मासिक आंकड़ों सहित अन्य आंकड़ों की मांग की गई। लेकिन याचिका के जवाब में विभाग के मुख्य सूचना अधिकारी टी. ए. खान ने कहा कि, ‘‘मौसम के आंकड़ों की आपूर्ति करना सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में नहीं आता है।’’ सैण्ड्रप को यह जानकर काफी अचम्भा हुआ, लेकिन मामले में दिलचस्पी बढ़ गई। इसके बाद विभाग के अपील प्राधिकारी के पास अपील करने पर भी नतीजा शून्य रहा। मामला आगे बढ़ते हुए सीआईसी के पास पहुंचा, जहां, सुनवाई की तारीख 6 जनवरी 2009 तय हुई।
सीआईसी के समक्ष सैण्ड्रप की ओर से हिमांशु ठक्कर मामले की सुनवाई के लिए उपस्थित हुए, जबकि आईएमडी की ओर से एडीजीएम ए. के. भटनागर एवं डीडीजीएम टी. ए. खान उपस्थित हुए। सूचना आयुक्त श्री ए. एन. तिवारी के सामने हिमांशु ठक्कर ने दलील दी कि आईएमडी को भारत के सभी जिलों के वर्षा के मासिक और सालाना आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने चाहिए, और इसके लिए कीमत अदा करने जैसी कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। सवाल यह है कि जनता के पैसे से चलने वाली एक संस्था वर्षा जैसे प्राथमिक और आवश्यक आंकड़े देने से कैसे मना कर सकती है? इतना ही नहीं, जहां कई राज्य सरकारें अपने वेबसाइट पर तहसील वार दैनिक आंकड़े उपलब्ध कराती हैं वहीं आईएमडी अब तक किसी भी स्तर पर इन प्राथामिक आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से नहीं उपलब्ध कराती थी।
मामले की सुनवाई के 10 दिन बाद सूचना आयुक्त ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता का आवेदन सुनवाई योग्य है....। निःसंदेह इन आंकड़ों के प्रसार से सार्वजनिक हित जुड़ा हुआ है, और इन्हें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सार्वजनिक प्राधिकरण होने के नाते मौसम विभाग को ये आंकड़े नियमित रूप से वेबसाइट पर उपलब्ध कराना चाहिए ताकि जिन्हें आवश्यकता हो वे उसे हासिल कर सके। दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो सका है और विभाग ने अपने जवाब से मामले को और भी जटिल बना दिया है। आयुक्त ने मौसम विभाग को तीन सप्ताह में बगैर किसी कीमत के सैण्ड्रप को आंकड़े उपलब्ध कराने का आदेश दिया। साथ ही आईएमडी के महानिदेशक को आदेश दिया कि वे इस संदर्भ में अपनी नीति की समीक्षा करके एक माह में जवाब प्रस्तुत करें। सैण्ड्रप ने इस आदेश पर खुशी जताते हुए उम्मीद जतायी कि भविष्य में मौसम विभाग के ये आवश्यक आंकड़े आम लोगों को उपलब्ध हो पाएंगे! पूरी प्रक्रिया में लगभग एक साल लग गए लेकिन नतीजा सकारात्मक रहा। मांगे गए सभी आंकड़े सैण्ड्रप को उपलब्ध हो चुके हैं और अब ये सैण्ड्रप की वेबसाइट (www.sandrp.in/news) पर उपलब्ध हैं।

Comments

Submitted by kashmir chand (not verified) on Mon, 08/01/2016 - 12:10

Permalink

last Complaint no for this 121527 लगभग 17-18 दिन से लगातार सीवर के पानी की सप्लाई हो रही है।बहुत बार शिकायत करने के बाद भी कोई कारवाई नही हुई । lineman से लेकर S.D.O तक को शिकायत कर ली । कोई सुनवाई नही हो रही। पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। कृप्या जल्दी कोई कार्यवाही करे,ताकी हमारी समस्या दर हो।धन्यवाद, Kashmir chand H.no. 25 Yog nagar near st. Yog school /thandi sadak Hisar Haryana (125001)

Submitted by kashmir chand (not verified) on Mon, 08/01/2016 - 12:11

Permalink

last Complaint no for this 121527 लगभग 17-18 दिन से लगातार सीवर के पानी की सप्लाई हो रही है।बहुत बार शिकायत करने के बाद भी कोई कारवाई नही हुई । lineman से लेकर S.D.O तक को शिकायत कर ली । कोई सुनवाई नही हो रही। पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। कृप्या जल्दी कोई कार्यवाही करे,ताकी हमारी समस्या दर हो।धन्यवाद,Kashmir chand H.no. 25 Yog nagar near st. Yog school /thandi sadak Hisar Haryana (125001)

Submitted by kashmir chand (not verified) on Mon, 08/01/2016 - 12:12

Permalink

last Complaint no for this 121527 लगभग 17-18 दिन से लगातार सीवर के पानी की सप्लाई हो रही है।बहुत बार शिकायत करने के बाद भी कोई कारवाई नही हुई । lineman से लेकर S.D.O तक को शिकायत कर ली । कोई सुनवाई नही हो रही। पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। कृप्या जल्दी कोई कार्यवाही करे,ताकी हमारी समस्या दर हो।धन्यवाद,Kashmir chand H.no. 25 Yog nagar near st. Yog school /thandi sadak Hisar Haryana (125001)

Submitted by NIRMAL KUMAR KAIWART (not verified) on Sat, 08/13/2016 - 14:33

Permalink

sir   aapse nivedan h ki mere gram panchayat me bahut hi gandi tarike se bhrashtachar ho rahi h pichale kuch salo se mere gram me swakch bharat ke tahat  mere gram me shauchalay banwaya gaya jisame pure gram me shauchalay banwaya ja raha h .....  jis ke ghar me pahale se shauchalay h unka bhi naam gram ke shauchalay nirman list me h mere hi ghar ki bat h mere pure pariwar me kisi ke bhi  ghar me sarkari rashi se shauchalay nirman  nahi huaa h fir bhi mere gram panchayat ke dwara list me naam darj h jisme mere ghar se (6) logo ka naam h man lo 12000 x 6 = 72000 Rs. hota h ... pure ward me kitna .aur pure gram kitna hoga pata nahi kitne aise gram honge jinme bhrastachar ho raha h   sir plz aapse nivedan h ki bhrastachariyo par sakht karywahi kare .......... 

 

NIRMAL KUMAR 

gram - barela 

tah + dist - mungeli c.g. 

pin 495330

 mo- 9584845959

Submitted by Mrityunjay dubey (not verified) on Sat, 10/01/2016 - 02:17

Permalink

बकसर जिले के पवनी पंचायत के मुखिया एक अशिक्षित एवं असमाजिक महिला मुखिया है!इनके पति साल 2011 के चुनाव मे अपना 96% खेतिहर जमीन जुआ खेलने एवं गाय-भैस का वयपार करने मे बेच चुके थे!इनकी माली हालत एसी हो गई थी की ,साल 2011 का चुनाव इनका तिसरा तथा अंतिम मुखिया का चुनाव होने जा रहा था कयोकी ये अपना सबकुछ बेचकर कंगाल बन गये थे!अगर 2011 का चुनाव मे लोगो को वोट मे बहुमत न मिलनेपर पुरे परिवार सहित रेलवे लाईन पर कट जाने का ठगी वाली तरीका अपनाए तथा लोगो की सहानभुति पाने मे कामयाब हो गये! मुखिया निरवाचित होने के कुछ माह बाद ये जलदी से खेतिहर जमीन का सौदा कर 5-6सालो के भीतर ही 4-5 बीघा खेत परिवार मे और कोई आय न होने के बावजुद करोड़ो का सौदा किये!इन परिसथितियो मे कोई भी साफ शबदो मे कह ही देगा की ये धन बिना नाजायज काम किये कहा से एकाएक रुपयो का भंडार पा लिये! आज के समय मे मेरे पंचायत के सभी लोगो से धनी होने का सौभागय पा गये!कई मकान का महंगा पलाट के अलावे चार चकका की नयी गाड़ी के साथ साथ आलिशान मकान बनवाये जो सभी सुविधाओ से लैस है!पतनी मुखिया के होेने के कारण गाड़ी पर मुखिया लिखा बोरड लगाकर लोगो मे धनी होने का दिखावा करने लगे! इनके समय से आज तक कई गंभीर मामला मुखिया दंपती पर चल रहा है पर रुपये देकर कानुन का भी अपमान खुलेआम करने लगे! पंचायत के मुखय योजनाओ मे से एक नरेगा -मनरेगा से संबंधित अधिकतर राशियो को अनाम लोगो के निम पर जाब कारड बनवा कर रोजगार का आवेदन लगाकर सभी फंड का पैसा गलत हसताक्षर कर निकलवा लेते है! 2016 के चुनाव मे मेरा पंचायत महिला उममीदवार के लिए सुरक्षित होने के चलते वो हर हाल मे अपने तथा अपनी पतनी को मुखिया बनने के लिए हर गलत काम करने को खुलेआम तैयार रहत थे तथा अशिक्षित &असमाजिक गिरीहणी गिरीजा देवी को पैसा से वोट खरीदने को लेकर पुरी तैयार बहुत पहले से करके घर घर जाकर 20-30 हजार रुपये दिये गये! सर जी ये चौसा बलाक के सभी पंचायतो मे पवनी पंचायत का नाम बदनामी के कगार पर खड़ा करवा दिये!

Submitted by Sanjeev sah (not verified) on Wed, 09/27/2017 - 12:32

Permalink

Sir mai Sanjeev sah district Madhubani bihar se hu

mere gaṅv me baḍh aane ke karaṇ bahut nuksan

hua lekin jo muavaza govement se mil rahi hai wo 

mujhe nahi mila

Add new comment

This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

6 + 14 =
Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4.

More From Author

Related Articles (Topic wise)

Related Articles (District wise)

About the author

Latest