कमाई का अच्छा जरिया बन सकते हैं औषधीय पौधे

Submitted by Hindi on Sun, 11/26/2017 - 12:52
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Source
राष्ट्रीय सहारा, 26 नवम्बर, 2017

औषधीय पौधे यानी मेडिसिनल प्लांट कमाई का अच्छा जरिया बन सकते हैं। इसके लिये बस आपको छोटी सी रकम निवेश करनी पड़ेगी और तीन महीने में आपकी रकम तो वापस मिल ही जाएगी साथ ही इससे आपको अच्छा मुनाफा भी होगा।

औषधीय पौधों की खेती अर्थात मेडिसिनल प्लांट की फार्मिंग आमदनी का अच्छा जरिया बन सकती है। अगर आप मेडिसिनल प्लांट की फार्मिंग के क्षेत्र में उतरते हैं तो आप सिर्फ 20 हजार रुपए निवेश करके अगले तीन महीने में लगभग डेढ़ से दो लाख रुपए कमा लेंगे। मेडिसिनल फार्मिंग काफी मुनाफे का सौदा है इसमें दीर्घावधि का निवेश भी किया जा सकता है और लघु अवधि का निवेश भी।

अल्पावधि में मुनाफा देने वाले पौधे


मेडिसिनल प्लांट की फार्मिंग दो तरीके से की जा सकती है। इसमें कुछ ऐसे पेड़ होते हैं जिनके फूलों-फलों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाएँ बनाने में होता है। इसमें आँवला, नीम सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं। यह पौधे दीर्घावधि में मुनाफा देते हैं। जबकि अल्पावधि में मुनाफा देने वाले पौधों में ईसबगोल, तुलसी, एलोविरा, हल्दी, अदरक इत्यादि की खेती की जा सकती है। इन सभी उपजों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाएँ बनाने में किया जाता है। इन सभी पौधों की फार्मिंग फसल वर्ष के अनुसार की जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर आप ईसबगोल की फार्मिंग करते हैं तो आपको करीब एक हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। ईसबगोल की खेती के लिये आपको सिर्फ 20 हजार रुपए का निवेश करना होगा। ईसबगोल की फसल तीन से चार माह में तैयार हो जाती है और इसमें लगभग दो से ढाई लाख रुपए की कमाई हो सकती है। ईसबगोल औषधीय पौधे के रूप में जाना जाता है। इसकी खेती उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड और हरियाणा में की जाती है।

आमतौर पर इसकी फसल तीन से चार माह में तैयार हो जाती है। एक हेक्टेयर में करीब 15 क्विंटल बीज पैदा हो जाते हैं। ईसबगोल के बीज में करीब 30 फीसद भूसी निकलती है। यही भूसी दवा के रूप में इस्तेमाल की जाती है। अगर थोक में इसकी भूसी बेची जाए तो 40 हजार रुपए प्रति क्विंटल से ज्यादा का भाव मिल सकता है।

दीर्घावधि में मुनाफा देने वाले पौधे


दीर्घावधि में मुनाफा देने वाले पौधों में नीम, आँवला, संदल, चन्दन जैसे पौधे शामिल हैं। यह पौधे लम्बी अवधि में वृक्ष की शक्ल लेते हैं और इनकी लकड़ी, पत्तियाँ इत्यादि दवा बनाने के काम में आती हैं। आमतौर पर इस तरह के मेडिसिनल प्लांट 10 से 15 की अवधि में तैयार होते हैं लेकिन जब यह तैयार हो जाते हैं तो इनका लाभ लम्बे समय तक उठाया जा सकता है। इस तरह के पेड़ ज्यादा जगह लेते हैं। इसलिये इसके लिये अधिक जमीन की आवश्यकता होती है।

फसल बिकने में आसानी


मेडिसिनल प्लांट की फार्मिंग में फसल बिकने में काफी आसानी होती है। अगर फार्मर ने किसी दवा कम्पनी से कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है तो दवा कम्पनी फसल को कुछ पैसों का भुगतान करके खरीद लेती है और पूरी फसल लेने के बाद इसका पूरा भुगतान कर देती है।

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