2.5 एकड़ जमीन से दस-बारह लाख रु. की सालाना आमदनी!

Submitted by admin on Fri, 07/23/2010 - 08:16
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वेब/संगठन
हरियाणा के सोनीपत जिले का अकबरपुर बरोटा गांव। यहां आने के पहले आपके मस्तिष्क में गांव और खेती का कोई और चित्र भले ही हो, परंतु यहां आते ही खेत, खेती एवं किसान के बारे में आपकी धारणा पूरी तरह बदल जाएगी। इस गांव में स्थित है श्री रमेश डागर का माडल कृषि फार्म जो उनके अथक प्रयासों एवं प्रयोगधर्मिता की कहानी खुद सुनाता प्रतीत होता है। उनकी किसानी के कई ऐसे पहलू हैं, जिनके बारे में आम किसान सोचता ही नहीं। आइए जानते हैं, ऐसे कुछ पहलुओं के बारे में उन्हीं के शब्दों में…

प्रश्न : रमेशजी आज आप हर दृष्टि से एक सफल किसान हैं। हम आपके शुरुआती दिनों के बारे में जानना चाहेंगे।

रमेश डागर : बात सन् 1970 की है, घर की परिस्थितियों के कारण मुझे मैट्रिक स्तर पर ही पढ़ाई छोड़कर खेती में लगना पड़ा। तब मेरे पास केवल 16 एकड़ जमीन थी। शुरू में मैं भी वैसे ही खेती करता था जैसे बाकी लोग किया करते थे। मैंने पहले-पहले बाजरे की फसल लगाई थी, फसल अच्छी हुई, लाभ भी हुआ। फिर गेहूं की फसल लगाई, जिसमें खर-पतवार इतना अधिक हो गया कि नुकसान उठाना पड़ा। कुल मिलाकर मैं खेती के अपने तरीके से संतुष्ट नहीं था, इसलिए मैं कुछ अलग करना चाहता था, ताकि मैं भी समृध्दि के रास्ते पर आगे बढ़ सकूं। अंत में मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मुझे अपने तौर-तरीके में बदलाव लाना होगा।

प्रश्न : आपने अपने तौर-तरीकों में क्या बदलाव किए और उनका क्या परिणाम निकला?

रमेश डागर : मैंने महसूस किया कि किसानों को फसलों के चयन में समझ-बूझ के साथ काम लेना चाहिए। मैं प्राय: कुछ किसानों को ट्रेन से सब्जी ले जाते हुए देखता था और उनसे रोज की बिक्री के बारे में पूछता था। उनसे मिली जानकारी ने मुझे सब्जी की खेती करने की प्रेरणा दी। सन् 1970 में मैंने पहली बार टिन्डे की फसल लगाई, जिसमें मुझे बाजरे और गेहूं से तीन गुना ज्यादा आमदनी हुई।सब्जीमंडी में मैंने एक बार कुछ ऐसी सब्जियां देखीं जो हमारे देश में नहीं बल्कि विदेशों में पैदा होती हैं। इनका भाव भी बहुत अधिक था। इनके बारे में मैंने कई स्रोतों से जानकारी इकट्ठी की और फिर सन् 1980 में उनकी खेती शुरू कर दी। सब्जियों की खेती से मेरी आमदनी काफी बढ़ गई।
इसी दौरान बाजार में फूलों की विशेष मांग को देखते हुए प्रयोग के तौर पर मैंने फूलों की भी खेती शुरू की, जिससे मुझे सबसे ज्यादा आमदनी हुई। सन् 1987-88में मैंने बेबीकार्न की खेती की। उस समय इसकी कीमत 400-500 रुपए प्रति किलो होने के कारण मुझे काफी लाभ हुआ। आज केवल सोनीपत जिले में ही बेबीकार्न की खेती 1600 एकड़ में हो रही है। फूल और सब्जियों की खेती से हुई आमदनी से मैंने सुख-समृध्दि के साधनों के साथ-साथ और खेत भी खरीदे। मेरे पास आज 122 एकड़ जमीन है।

प्रश्न : फसलों के चयन में सावधानी के साथ-साथ क्या आपने खेती के तौर-तरीकों में भी बदलाव किए हैं?

रमेश डागर :
हां किए हैं। मैं अपने खेतों में रासायनिक खाद (उर्वरक) का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करता। खाद के तौर पर मैं केंचुआ खाद व गोबर खाद का ही इस्तेमाल करता हूं। तथाकथित हरित क्रांति के नाम पर किसानों को जिस तरह से रासायनिक खाद का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, मुझे उस पर सख्त एतराज है।

प्रश्न : आपके राज्य में तो हरित क्रांति बहुत सफल रही है। यहां के किसानों ने काफी प्रगति भी की है। आप इससे असंतुष्ट क्यों हैं?

रमेश डागर :
पहली बार जब मैंने अपने खेत की मिट्टी की जांच करवाई तो पता चला कि रासायनिक खाद के इस्तेमाल का जमीन पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि रासायनिक खाद का इसी तरह इस्तेमाल होता रहा तो आने वाले 50-60 वर्षों में हमारी जमीनें बंजर हो जाएंगी। आर्थिक रूप से भी रासायनिक खाद का इस्तेमाल किसान के हित में नहीं रहा। हरित क्रांति से किसानों के खर्चे तो बढ़ गए पर आमदनी कम होती गई। जहां पहले एक कट्ठे यूरिया से काम चल जाता था, वहीं आज पांच कट्ठा लगता है। इससे किसान कर्जदार होता जा रहा है।

प्रश्न : हरित क्रांति के नाम पर होने वाली इस क्षति को रोकने के लिए आपने क्या पहल की?

रमेश डागर :
जमीन की उर्वरता बनाए रखने के लिए मैंने कई प्रयोग किए और किसान-क्लब बना कर अन्य किसान भाइयों से भी विचार-विमर्श किया। हमने पाया कि खेती की अपनी पुरानी पध्दति को विज्ञान के साथ जोड़कर एक नया रास्ता ढूंढा जा सकता है। और यह रास्ता हमने जैविक कृषि के रूप में विकसित कर लिया है।

प्रश्न : आप एक प्रयोगधर्मी किसान हैं। आपने लीक से हटकर कई ऐसे सफल प्रयोग किए हैं, जिनसे भारत का किसान प्रेरणा ले सकता है। हम आपके ऐसे कुछ प्रयोगों के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे।

रमेश डागर :
जैविक आधार पर की जाने वाली बहुआयामी खेती में ही मेरी सफलता का राज छिपा है। किस मौसम में कौन सी फसल की खेती करनी है, यह तय करने के पहले मैं जमीन की गुणवत्ता और पानी की उपलब्धता के साथ-साथ बाजार की मांग को भी हमेशा ध्यान में रखता हूं। मैं जिस तरह से खेती करता हूं, उसके कुछ खास पहलू इस प्रकार हैं :

केंचुआ खाद :

केंचुआ किसान के सबसे अच्छे मित्रें में से एक है। मैं अपने खेतों में केंचुआ खाद का खूब प्रयोग करता हूं। एक किलो केंचुआ वर्ष भर में 50-60 किलो केंचुआ पैदा कर सकता है। केंचुआ खाद बनाने में खेती के सारे बेकार पदार्थों, जैसे डंठल, सड़ी घास, भूसा, गोबर, चारा आदि का प्रयोग हो जाता है। सब मिलाकर केंचुए से 60-70 दिनों में खाद तैयार हो जाती है। इस खाद की प्रति एकड़ खपत यूरिया की अपेक्षा एक चौथाई है। इसके प्रयोग से मिट्टी को नुकसान भी नहीं पहुंचता है। फसल की उत्पादकता भी 20-30 प्रतिशत बढ़ जाती है। केंचुआ खाद बनाने पर यदि किसान ध्यान दें तो वे अपने खेतों में प्रयोग करने के बाद इसे बेच भी सकते हैं। यह किसान भाईयों के लिए आमदनी का एक अतिरिक्त स्रोत भी हो सकता है।

बायो गैस :

मैं बायोगैस का इतना अधिक उत्पादन कर लेता हूं कि इससे इंजन चलाने और अन्य जरूरतें पूरी करने के बाद भी गैस बच जाती है। बची हुई गैस मैं अपने मजदूरों में बांट देता हूं। इससे उनके भी ईंधन का काम चल जाता है। बायोगैस का मैंने एक परिवर्तित माडल तैयार किया है जिसमें प्रति घन मीटर की लागत 5000 रुपए की बजाय 1000 रफपए हो जाती है। मेरे इस माडल में गैस पलांट की मरम्मत का खर्चा भी न के बराबर है।

मशरूम खेती :

मैं मशरूम की कई फसलें लेता हूं। जिन किसान भाइयों के यहां मार्केट नजदीक नहीं है, उन्हें डिंगरी (ड्राई मशरूम) की फसल लेनी चाहिए। आज पूरी दुनिया में डिंगरी का 80 हजार करोड़ का बाजार है। जहां धान की फसल होती है, वहां इसकी खेती की संभावनाएं सबसे अधिक होती हैं क्योंकि इसकी खेती में पुआल का विशेष रूप से प्रयोग होता है। फसल लेने के बाद बेकार बचे हुए पदार्थों को मैं केंचुआ खाद में बदल कर 60-70 दिनों में वापस खेतों में पहुंचा देता हूं।

तालाब एवं मछली पालन :

खेत के सबसे नीचे कोने को और गहरा करके मैंने तालाब बना दिया है, जिसमें बरसात का सारा पानी इकट्ठा होता है और डेरी का सारा व्यर्थ पानी भी चला जाता है। डेरी के पानी में मिला गोबर आदि मछलियों का भोजन बन जाता है। इससे उनका विकास दोगुना हो जाता है। मछलीपालन के अलावा तालाब में कमल ककड़ी, मखाना आदि भी उगाता हूं।

बहुफसलीय खेती :

मैं एक साथ तीन से चार फसल लेता हूं। ऐसा करते समय मैं समय, तापमान और मेल का विशेष ध्यान रखता हूं। उदाहरण स्वरूप सितंबर माह के अंत में मूली की बुवाई हो जाती है जिसके साथ गेंदा फूल भी लगा देते हैं। मूली को अक्टूबर में निकाल लेते हैं और नवंबर के शुरूआत में पालक या तोरी आदि लगा देते हैं जिसकी कटाई दिसंबर में हो जाती है। वहीं फूलों से आमदनी जनवरी से शुरू हो जाती है।

गुलाब एवं स्टीवीया :

स्टीवीया एक छोटा सा पौधा है जिससे निकलने वाला रस चीनी से 300 गुना ज्यादा मीठा होता है। इसका प्रयोग मधुमेह के मरीज भी कर सकते हैं। मैंने इसकी खेती से प्रति एकड़ लाखों रुपए की कमाई की है। एक विशेष प्रकार के महारानी प्रजाति के गुलाब की खेती से भी मैंने काफी लाभ कमाया है। इस गुलाब से निकलने वाले तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4 लाख रुपए प्रति लीटर है। एक एकड़ में उत्पादित गुलाब से लगभग 800 ग्राम तेल निकाला जा सकता है।

केले की खेती :

केले की खेती से जमीन में केंचुओं की संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है। केला एक ऐसा पौधा है जो खराब एवं पथरीली जमीन को भी कोमल मिट्टी में तब्दील कर देता है। इसके प्रभाव से किसी भी फसल की उत्पादकता 25 से 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। केले की जैविक खेती करने से पौधे सामान्य से ज्यादा ऊंचाई के होते हैं। इसकी खेती से लगभग 25 से 30 हजार रुपए प्रति एकड़ की आमदनी हो जाती है। गर्मी में केलों के बीच में ठंडक रहती है इसलिए इसमें फूलों की भी खेती हो जाती है, जिससे 15-20 हजार रुपए की अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। गर्मी के दिनों में मधुमक्खी के बक्सों को रखने के लिए भी यह सबसे सुरक्षित स्थान होता है।

वृक्षारोपण :

खेतों की मेड़ों पर मैंने पापुलर आदि के पेड़ लगा रखे हैं जिससे 7 से 8 वर्षों में प्रति एकड़ 70 से 80 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। इन वृक्षों से खेतों को नुकसान भी नहीं होता और पर्यावरण भी ठीक रहता है।

मधुमक्खी पालन :

मधुमक्खी से भरे एक बक्से की कीमत लगभग चार हजार रुपए होती है। मेरी खेती में मधुमक्खियों की विशेष भूमिका है। वैसे भूमिहीन किसान भाइयों के लिए भी मधुमक्खी पालन एक अच्छा काम है। शहद उत्पादन के अलावा भी इनके कई फायदे हैं। फूलों की पैदावार में इनसे 30 से 40 प्रतिशत और तिलहन-दलहन की पैदावार में लगभग 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो जाती है। बेहतर परागण के कारण फसलें भी एक ही समय पर पकती हैं। इस क्षेत्र में खादी ग्रामोद्योग एवं कई अन्य संस्थाएं सहायता कर रही हैं।

प्रश्न : आपने एक माडल तैयार किया है जिसमें सिर्फ 2.5 एकड़ जमीन से दस-बारह लाख रुपए प्रतिवर्ष की आमदनी हो सकती है और साथ ही कई लोगों को रोजगार भी मिल जाता है। इस बारे में जरा विस्तार से बताएं।

रमेश डागर :
मैंने 2.5 एकड़ में छ: परियोजनाएं चला रखी हैं जिसका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :

मधुमक्खी पालन :

मधुमक्खियों के 150 बक्सों से हम शुरुआत करते हैं। एक ही साल में इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है। इससे साल में 5-6 लाख की आमदनी हो जाती है।

केंचुआ खाद:

इसे बेचकर मैं 3-4 लाख रुपए की आमदनी कर लेता हूं।

मशरूम खेती:

इससे मुझे प्रतिवर्ष 3-4 लाख रुपए मिल जाते हैं।

डेरी:

एक छोटी सी डेरी से लगभग 60-70 हजार की सीधी आय होती है।

मछली पालन :

इससे भी लगभग 15-20 हजार रुपए मिल जाते हैं।

ग्रीन हाउस :

इसमें लगी फसल से एक-डेढ़ लाख रुपए आ जाते हैं।

प्रश्न : आप किसान भाइयों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे?

रमेश डागर :
समझदार किसान तो वो है जो पहले मार्केट देखे, फिर मिट्टी की जांच कराए, तापमान का ख्याल रखे और अच्छे बीज का चयन करे। किसान भाइयों को जैविक खेती ही करनी चाहिए, मवेशी रखनी चाहिए, बायोगैस तथा वर्मी कम्पोस्ट तैयार करना चाहिए। 365 दिन में 300 दिन कैसे काम करें, प्रत्येक किसान को इसकी चिन्ता करनी चाहिए। हमें एक-दो फसलें ही नहीं बल्कि एक-दूसरे पर आश्रित खेती की बहुआयामी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी के लिए किसान मुझसे जब चाहें संपर्क कर सकते हैं।
मेरा पता है :
डागर कृषि फार्म, ग्राम व पोस्ट – अकबरपुर बरोटा,
जिला-सोनीपत,हरियाणा, पिन-131003

Comments

Submitted by shashi kant (not verified) on Fri, 05/22/2015 - 00:33

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I want to open murga palan farm.Please suggest me that govt provide the loan for this plant.ThankyouRegardsShashi kantUp meerut

Submitted by arun pal (not verified) on Fri, 05/22/2015 - 14:15

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Ma madhumakhi palan ka kam karna chata hu per mere pasa rupye nahi ha muje goverment loan ki jarurat ha pls muje btaye ki ma kaise loan le sakta huArun pal s/o surendra singVill-mataur(daurala)Dist-meerutpin code-250221

Submitted by Vishnu Kmua Mishra (not verified) on Sat, 05/23/2015 - 09:40

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mahodaya mai chote ped lagana chahata hu kripaya yah batayiye ki jaivik khad kab dalate hai ped lagane se pahale ya ped lagane ke baad yah ped phoolo ka hai?

Submitted by islamuddin (not verified) on Tue, 05/26/2015 - 21:42

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Me apni jamin par anar ki khati karna chata hu....plz help me

Submitted by vikas rana (not verified) on Wed, 05/27/2015 - 13:03

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M cow dairy kholna chahta hu. is me kitna paisa lagega Aur kounsi cow leni chahiye Jo Accha dudh de.PLZ Aap mujhe bataye

Submitted by devendra mewara (not verified) on Wed, 05/27/2015 - 18:05

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Mere pass Bikaner highway PR 130 biga jamin he waha ak thubel krwaya hua he kheti hot I he but ab waha toda Pani khara ho gaya he jis se achi fasal nai hoti ...ab me aesa kya kaam kr skta hu jis se muje fayda ho ..app batao ...me waha pr kya new kaam kr skta hu kya waha green house lg skta he ..ya koi or kaam ho skta he ..plzz app muje sahi ray de ..or meri help kare . ..

Submitted by devendra mewara (not verified) on Wed, 05/27/2015 - 18:07

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Mere pass Bikaner highway PR 130 biga jamin he waha ak thubel krwaya hua he kheti hot I he but ab waha toda Pani khara ho gaya he jis se achi fasal nai hoti ...ab me aesa kya kaam kr skta hu jis se muje fayda ho ..app batao ...me waha pr kya new kaam kr skta hu kya waha green house lg skta he ..ya koi or kaam ho skta he ..plzz app muje sahi ray de ..or meri help kare . ..

Submitted by bhupendra dhruw (not verified) on Sat, 05/30/2015 - 10:02

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Mhody gi, mera swal sir mere pas 2akd khet hai aur mera 6lackh ka bujt hai to main usme kitna fish dalu. Aap mujhe fish paln ki puri jankari dene ki kripa krenge. Thanks

Submitted by surendra kumar (not verified) on Tue, 06/02/2015 - 09:06

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 sir mai dhan ki keth karana chahta hua .per aap hi bataye ki ham keti kaise kare ki kethi achachi ho. kuch cujhav dijiye .

Submitted by vivek (not verified) on Wed, 06/03/2015 - 20:36

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muje sir ye bata sakte 10000 boiler murga palne ke liye kitana ariya kitani lagt honi chahiya aor uska staing me kya chije honi chahiya

Submitted by Prem Shahi (not verified) on Fri, 06/05/2015 - 16:38

In reply to by vivek (not verified)

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Broiler murgi palan karnekeliye space 1.4 sq.ft per nog. Finance. Near about 10 to 12 lac plus aapki mehanat karne ki taiyari.

Submitted by vivek (not verified) on Sun, 07/26/2015 - 10:41

In reply to by Prem Shahi (not verified)

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 sir,                                                                                                                                        thanku sir apne mujhe riply kiya sir broiler murga palne ke liya mujhe kya tyari karni hogi jagah mere pas hai muje murga ghar banvana hai jisme kam se kam 10000 murge pal saku usme kya kya suvidha ho jise murge ki murtyu dar na ke bra ber ho doctari ke liya kaha samper karu mayeunke khane ki 

 

Submitted by Rajendra choudhary (not verified) on Sun, 06/07/2015 - 23:23

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Mene ek sal phle kheti ki shurat ki h. Par jiss trah se yaha k log kheti karte h usme koi dam vLi bat nahi h. Me aadhunik kheti karna chahta hu

Submitted by mohit Raghuwanshi (not verified) on Tue, 06/09/2015 - 14:36

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Me gulab ki kheti karna chata hu muche bataye

Submitted by kamlesh kumar (not verified) on Tue, 06/09/2015 - 20:21

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mene apne khet me nimbu aanar kinnu or naspti k podhe laga rkhe hai to enki katig or dekhbhal k bare me ji vistar se bataye..

Submitted by sunil Kushal (not verified) on Thu, 06/11/2015 - 09:38

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Palak green kashe rhea

Submitted by Gajendarsingh (not verified) on Fri, 06/12/2015 - 18:39

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ply halp me..sir mene 10th pass kr rkhi h.chakki dukan ka loan lena h.sujhaw dijiye

Submitted by MANOJ YADAV (not verified) on Sat, 06/13/2015 - 10:06

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SIR MAIN JAIVIK KHETI START KARNA CHHAT HU AANE WALE 3 YA 4 SAAL ME. ABHI ME ENGINEER HU OR MUJHE VILLAGE JAKAR KHETI KARNI HE JAIVIK KHETI. KESE START KARU KAHAAN SE KARU KUCH SAMJH NMAHI ATA. AAP APNE ANUBAW SHARE KIJIYE SIR JISSE ME BHI PARAMPARIK KHETI KO UNNAT KHETI ME BADAL SAKU

Submitted by Ravi Gurjar (not verified) on Mon, 06/15/2015 - 13:41

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mujhe jet ki teyari karni hai kuch ssmandhit questions batao

Submitted by kuldeep dhakshe (not verified) on Mon, 06/15/2015 - 18:49

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Balri palan or murgi palan katna chahta hu

Submitted by nitin chouksey (not verified) on Tue, 06/16/2015 - 00:20

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Sir m papita ki kehti krna chata hu or sath sath madumakhi ka palan krna chata hu to iske liye training ki jarurat h kam krne balo ko kya karu ap btaye plz

Submitted by manoj kumar (not verified) on Wed, 06/17/2015 - 11:09

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Hello sir I want to start masroom farming in small scale plz tell me about masroom farming in 12x12 square feet i m poor man plz slove my prob Thnx n regard Manoj kumar

Submitted by kl sakhrani (not verified) on Wed, 06/17/2015 - 15:53

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HUM NIBU, SIMLA MIRCHI,TAMATOR KI KHATI KARNA HAHATEY HAY .HUMEY ISKEY LAY HAMEY KAYA KARNA CHAHIY .KARPAYA VISTAR SAY BATANY KA KAST KARY

Submitted by rahul sharma (not verified) on Thu, 06/18/2015 - 12:12

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tmatar ki kheti ke bare jankari  or fullgobhi or mirchi ke podhe kese teyar kiya jata hai kitnashk ke bake me or konse month me sko ugaya jata hai 

 

Submitted by Amir mishra (not verified) on Thu, 06/18/2015 - 14:29

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Sir Mai foolo ki kheti karna chahta hu mujhe ye bataye ki kis prKar ke fool lga Sakta hu kis mahine me kheti ki ja sakti hai

Submitted by Anonymous (not verified) on Thu, 06/18/2015 - 14:34

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Sir me pass rupee nhi hai or me loan lena chata hu plz mujhe btana ki kese govt se mujhe loan mile

Submitted by Anuj choudhary (not verified) on Thu, 06/18/2015 - 16:25

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sir ram ram mn anuj choudhary village ... chack 5 s.t.b. (jakhravali) tashil.. pilibanga distt . Hanumanghar rajsthan mohday mn bayogas lgana chahta hun ghar k liy vh enjan chalany k liy or mn es shal hi gangangri gulab ki kheti karna cha h ta hun or uska market ki bhi aap se jankari lena cha h ta hun aap es vishay mn meri mdat kren aap ka aabhari rhun ga THANKEU धन्यवाद

Submitted by Parmesh Sharma (not verified) on Fri, 06/19/2015 - 11:37

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Sh. Man g Mujhe jaivik kheti ke liye jankari chahiye or jaivik khad bnane ki vidi b chahiye kiripa karke btane ka last mere mobile pe kre...... Regards Parmesh Sharma 9416720296

Submitted by Fireram (not verified) on Fri, 06/19/2015 - 21:05

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Mi amla ki khati karna chats hu.m Meerut she hu.amla ko kasi jalvayu chahiye.please mujhe bataye.

Submitted by Damodhar pipare (not verified) on Sat, 06/20/2015 - 19:36

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mai chaval ki kheti karna chahata hu to muze usake bare me puri detail information chahiye. konsa khat KB dena aur phavarni kb aur konsi dena.

Submitted by Damodhar pipare (not verified) on Sat, 06/20/2015 - 19:42

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mai chaval ki kheti karna chahata hu to muze usake bare me puri detail information chahiye. konsa khat KB dena aur phavarni kb aur konsi dena.

Submitted by Ramlakhan nishad (not verified) on Mon, 06/22/2015 - 21:39

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Sansar chalane Ka jaria

Submitted by UDAILAL RAWAT (not verified) on Wed, 06/24/2015 - 13:51

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me mushroom ki kheti karna chahta hu par hamare yha iska market nhi he me rajsthan ke chittorgarh  me rahta hu please guide me

 

Submitted by RAVINDER SINGH RAWAT (not verified) on Thu, 06/25/2015 - 18:22

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 My name is RAVINDER SINGH RAWAT BASICALL Y I AM THE SON OF KISAN  -UTTRANCHAL -RIKHANI KHAL BLOCK POURI GARHWAL -BEING ELECTRICAL ENGINEER HAVING MORE THEN 30 YEARS EXPERINCE -AND WANT TO IMLIMENT A SMALL PV SOALR PALNT ON MY LAND -PLEASE ADVICE HOW GOVERNMANT GIVE THE SUB SIDERY OR ANY OTHER HELPS FOR THE DEVLOPMENT OF RURUL AREA -EVEN WE CAN SALE THE POWER TO OTHER VILLAGES  OR FEED THE GRID OF   POWER CORPORATION PLEASE ADVICE .Highly appreciate your efforts for immediate reply and advic e

 

 

Regardes

 

R.S.Rawat

Submitted by RAVINDER SINGH RAWAT (not verified) on Thu, 06/25/2015 - 18:24

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 My name is RAVINDER SINGH RAWAT BASICALL Y I AM THE SON OF KISAN  -UTTRANCHAL -RIKHANI KHAL BLOCK POURI GARHWAL -BEING ELECTRICAL ENGINEER HAVING MORE THEN 30 YEARS EXPERINCE -AND WANT TO IMLIMENT A SMALL PV SOALR PALNT ON MY LAND -PLEASE ADVICE HOW GOVERNMANT GIVE THE SUB SIDERY OR ANY OTHER HELPS FOR THE DEVLOPMENT OF RURUL AREA -EVEN WE CAN SALE THE POWER TO OTHER VILLAGES  OR FEED THE GRID OF   POWER CORPORATION PLEASE ADVICE .Highly appreciate your efforts for immediate reply and advic e

 

 

Regardes

 

R.S.Rawat

Submitted by Sanjay Kawadkar (not verified) on Sun, 07/05/2015 - 10:43

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I have 3 acade agricultural land with all facility. I want to know the process & estimate costing for flower production. so please guide me as soon as possible.

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