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राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत क्षेत्र पंचायत फतेहपुर चौरासी, जिला उन्नाव, द्वारा विकास कार्यों का मूल्यांकन

Author: 
आशा परिवार
Source: 
आशा परिवार व जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय
त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भांति क्षेत्र पंचायत की भी विकास कराने में अहम भूमिका होती है। क्षेत्र पंचायत में प्रति वर्ष लाखों रूपयों का बजट आता है जिससे क्षेत्र पंचायत के अंदर बड़े-बड़े कार्य कराये जाते हैं। ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण से लेकर अन्य निगरानी ग्रामीण करते हैं परन्तु क्षेत्र पंचायत पर किसी का ध्यान नहीं जाता। फतेहपुर चौरासी विकास खण्ड के बीस वर्षों के अभिलेख सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सामाजिक संगठन ‘आशा परिवार’ के कार्यकर्ताओं ने मांगे जिसमें वर्ष 2006-07 से 2009-10 के कुछ अभिलेख बड़ी कठिनाई से प्राप्त हुये। मस्टर रोल, वर्क रजिस्टर की फोटो कापी आज तक प्राप्त नहीं हुई। प्राप्त अभिलेखों के आधार पर आशा परिवार के कार्यकर्ताओं ने कुछ कार्यों का स्थलीय भौतिक मूल्यांकन किया तो पाया कि अनेक कार्य आज तक नहीं हुये, अथवा कई वर्ष पूर्व कराये गये कार्यों या अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराये गये कार्यों को क्षेत्र पंचायत द्वारा अपना कार्य दिखाकर भुगतान प्राप्त कर लिया गया। कुछ कार्यों को अधूरा करा कर स्वीकृत सम्पूर्ण धनराशि निकाल ली गई।

जिन कार्यों का भौतिक सत्यापन हुआ है वे निम्न हैं-

वर्ष 2006-07


1. रणधीर खेड़ा के पास 1 मी. स्पेन की आर.सी.सी. पुलिया निर्माण -जिस पर 93,300 /- आहरित किये गये हैं। यह पुलिया आज तक नहीं बनी है।
2. राजेपुर में तालाब सुधार कार्य में 58 रू. मजदूरी की दर से कुछ काम कराया गया तथा एक ट्राली ईंटा (1500 ईंटा) डाला गया। 2,52,000/- का भुगतान प्राप्त कर लिया गया। कार्य आज भी अधूरा पड़ा है।
3. ग्राम हुसैनपुर शाहनगर तालाब सुधार कार्य में 2,26,500 रू. का भुगतान प्राप्त किया गया है जबकि यह तालाब ग्राम पंचायत द्वारा बनाया गया है। क्षेत्र पंचायत द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया है।
4. ग्राम झूलूमऊ में तालाब सुधार कार्य में 3,45,000 रू. का भुगतान प्राप्त किया गया जबकि यह तालाब पहले से ही काफी विकसित प्राकृतिक तालाब है। बिना कोई कार्य कराये भुगतान प्राप्त किया गया।
5. झूलूमऊ मंदिर के पास तालाब के पास आर.सी.सी. पुलिया निर्माण के लिए 1,40,417 रू. का भुगतान हुआ है। यह पुलिया बहुत छोटी व मानक के विपरीत है।
6. ग्राम चिरंजूपुरवा-परशुरामपुरवा के मध्य गयारी के घर तक पक्का नाला निर्माण में थोड़ा कार्य करा कर सम्पूर्ण धनराशि निकाल ली गई।
7. फिरोजपुर खुर्द में नाला पर 3 मी. स्पेन पुलिया के निर्माण में भारी घपला हुआ है।
8. ग्राम भट्टा चार (सराय अखत्यारपुर) में ग्राम तालाब निर्माण में भारी घपला है।
9. कुशालपुर नाले पर 3 मी.आर.सी.सी. पुलिया निर्माण पर 4,42,300 रू. निकाले गये जबकि यह कार्य आज भी अधूरा पड़ा है।
10. ग्राम तोरना (दबौली) में स्वास्थ्य केन्द्र की मरम्मत के नाम पर 2,21,639 रू. आहरित किये गये है। इसमें भारी घपला हुआ है।
11. सामुदायिक विकास केन्द्र जाजामऊ का अनुरक्षण कार्य एवं बाउंड्री वाल की निर्माण में 5,82,763 रू. व्यय दिखाये गये हैं जो फर्जी है।

वर्ष 2007-08


12. ग्राम मुन्नी खेड़ा से फतेहपुर चौरासी चुंगी तक सम्पर्क मार्ग के निर्माण में 3,48,500 रू. आहरित किये गये हैं, जबकि यह मार्ग बना ही नहीं है।
13. दबौली से गंगेहरा मार्ग के निर्माण में एक पुलिया समेत 4 कि.मी. मार्ग के निर्माण पर 6,48,450 रू. आहरित किये गये है जबकि मार्ग पहले से बना था केवल गड्ढे बराबर करके दरेसी कर दी गई है।
14. ग्राम मंझरिया से जमुनिट्टा साइड तक सम्पर्क मार्ग 3 कि.मी. व आर.सी.सी. पुलिया जो बनी दिखाई गई है जिसपर 4,00,732 रू. का भुगतान हुआ है यह क्रमांक 9 पर अंकित कार्य है। इसका भुगतान दो बार लिया गया है।
15. ग्राम दबौली के आगे सरैया मार्ग पर तीन आर.सी.सी. स्पेन पुलिया के निर्माण में 3,01,701 रू. का भुगतान हुआ है। जबकि गंगा नदी को जाने वाले इस मार्ग पर बरसात के समय करीब तीन कि.मी. चौड़ी गंगा की धारा बहती है। यहां पर पुलिया बनाने का कोई औचित्य ही नहीं है। इस मार्ग पर एक पुलिया की आधारशिला रखकर सारी स्वीकृत धनराशि निकाल ली गई है।
16. ग्राम ठकठैया से नोनरिया तक सम्पर्क मार्ग 2,200 मी. व एक आर.सी.सी. पुलिया निर्माण में 3,93,249 रू. आहरित किये गये हैं। पुलिया आज तक नहीं बनी है। सम्पर्क मार्ग में जहां-तहां मिट्टी बराबर की गई है।
17. ग्राम रूपपुर से डामर रोड से नेकपुर तक सम्पर्क मार्ग 3,000 मी. एवं आर.सी.सी.पुलिया पर 3,24,271 रू. का भुगतान हुआ है। यहां पुलिया आज तक नहीं बनी है। मात्र मिट्टी बराबर करके स्वीकृत धनराशि निकाल ली गई है।
18. ग्राम अण्टवा मार्ग पर तालाब के मध्य 3 मी. स्पेन पुलिया आर.सी.सी. निर्माण व सम्पर्क मार्ग निर्माण में 6,99,800 रू. निकाले गये है।

इस पुलिया के निर्माण में अण्टवा से करीब पांच किमी. दूर ग्राम फर्दापुर व बूलापुर के कथित मजदूरों को मस्टर रोल पर दर्ज दिखाया गया है तथा मजदूरी निकाल ली गई है। जबकि ग्राम पंचायत में व आसपास के ग्रामों में मजदूरों की बहुतायत है। मस्टर रोल में दर्ज मजदूरों में बूलापुर हसनापुर ग्राम पंचायत के प्रधान श्री बद्री प्रसाद पासी के पुत्र अमित कुमार का भी नाम दर्ज है। फोटो कापी संलग्न है। मस्टर रोल में दर्ज नामों में अधिकांश मजदूरी नहीं करते है।

पुलिया निर्माण में जो सीमेंट, मौरंग, सरिया, बालू की खरीद के जो बिल/बाउचर सिंह ट्रेडर्स अलाउद्दीनपुर लवानी कलां फतेहपुर चौरासी एवं मिश्रा ट्रेडर्स खैरी गुरूदासपुर के लगाये गये हैं- ये दोनों दुकानें अस्तित्व में नहीं हैं। न पहले थीं। उपरोक्त सामान की खरीद पर आयकर एवं बिक्रीकर भी अदा नहीं किया गया है।

जिला बिक्रीकर अधिकारी उन्नाव से लिखित जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि उपरोक्त दोनों दुकानें उनके यहां पंजीकृत नहीं हैं। न ग्राम में दुकान है और न कहीं पंजीकरण है तो आयकर व बिक्रीकर कहां जमा किया जा रहा है यह जांच का विषय है। उनके पत्र की फोटो कापी संलग्न है।

वर्ष 2008-2009


19. ग्राम शमसपुर से काजीपुर कच्छ तक सम्पर्क मार्ग एवं आर.सी.सी. पुलिया निर्माण में काफी घपला किया गया है। मानक के अनुसार कोई कार्य नहीं है।
20. जवाहर नवोदय विद्यायल से काली मिट्टी पक्का जल निकास नाला 300 मी. का स्वीकृत है। इसके निर्माण पर 6,89,372 रू. निकाले गये हैं। यह कार्य आज भी आधूरा पड़ा है।
21. सराय रोड से लखटका बाग तक सम्पर्क मार्ग 500 मी. एवं आर.सी.सी. पुलिया के निर्माण में 3,76,860 रू. का भुगतान प्राप्त किया गया है। पुलिया आज तक नहीं बनी है।
22. सेन नगर से दबौली रोड तक सम्पर्क मार्ग एक कि.मी. एवं आर.सी.सी. पुलिया निर्माण पर 93,117 रू. निकाले गये हैं, जबकि पुलिया आज तक नहीं बनी है।
23. जवाहर नवोदय विद्यालय में घास कटाई एवं समतलीकरण पर 3,32,900 रू. आहरित किये गये हैं। इस केन्द्रीय सरकार के विद्यालय में कार्य कराने का क्या औचित्य है? जांच किया जाना आवश्यक है। 24. ग्राम लवानी से हरिजन आबादी तक सम्पर्क मार्ग एवं खड़ंजा 700 मी. आर.सी.सी.पुलिया के निर्माण में 3,18,700 रू. का भुगतान लिया गया है जबकि यह काम नहीं हुआ है। कई वर्ष पूर्व यह कार्य दूसरी संस्था से कराया गया था।
25. ग्राम जाजामऊ में अम्बेडकर पार्क से बालिका विद्यालय तक आर.सी.सी. मार्ग 125 मी. बना दिखाया गया है। जिस पर 2,91,446 रू. आहरित किये गये है। इस मार्ग पर एक रूपया भी नहीं खर्च किया गया है। सारा कार्य फर्जी है।
26. ग्राम गुरूदासपुर से भोलापुरवा तक मिट्टी एवं खड़ंजा निर्माण कार्य 900 मी. दर्शाया गया है तथा इसके निर्माण में 4,02,898 रू. का भुगतान प्राप्त किया गया है। यहां पर मिट्टी का कुछ कार्य हुआ है। खड़ंजा आज तक नहीं लगा है।
27. ग्राम सैंता में रजबखेड़ा से हुरीलाल के मकान तक मिट्टी का कार्य दर्शाया गया है जिस पर 26,106 रू. निकाले गये है। यह कार्य जिला पंचायत उन्नाव द्वारा कराया गया है।
28. जवाहर नवोदय विद्यालय, काली मिट्टी से पक्का जल निकास नाला 300 मी. जिसके निर्माण में 6,89,372 रू. आहरित किये गये हैं में भारी घपला है।
29. जवाहर नवोदय विद्यालय, काली मिट्टी से पक्का जल निकास नाला 35 मी. पर 1,98,563 रू. आहरित किये गये है।

यहां पर एक नाली बना कर सारे रूपये निकाले गये हैं।
30. जवाहर नवोदय विद्यालय, काली मिट्टी से पक्का जल निकास नाला 400 मी. निर्माण दर्शाया गया है जो मौके पर 100 मी. से भी कम है। इसके निर्माण में 9,08,669 रू. आहरित किये गये है।
31. जवाहर नवोदय विद्यालय, काली मिट्टी से पक्का जल निकास नाला का निर्माण दर्शाया गया है जिसके निर्माण में 1,64,137 रू. आहरित किये गये हैं जबकि यहां मात्र नाली बनी है।
32. जवाहर नवोदय विद्यालय के पास से इतने नाला निर्माण दर्शाये गये हैं जैसे किसी बांध से नहरें निकाली गई हैं।

सरकार धन की लूट-खसोट का यह नायाब नमूना है।
इस मामले की तत्कालीन परियोजना निदेशक ने जांच की थी परन्तु इस मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
समाचार पत्र की फोटो कापी संलग्न है।

वर्ष 2009-10


33. वर्ष 2009-10 ग्राम नरीगाड़ा से जवाहर खेड़ा तक सम्पर्क मार्ग निर्माण 1700 मी. दर्शाया गया है जिस पर 2,05,000 रू. आहरित किये गये हैं। यह डामर सड़क कई वर्ष पूर्व प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंर्तगत बनी है।
34. ग्राम पंचायत कठिघरा में राजाराम के नलकूप से पक्की नाली निर्माण में 78,200 रू. आहरित किये गये है, जबकि नाली निर्माण नहीं हुआ है।
35. ग्राम सहरिया से राघन बंगला तक सम्पर्क मार्ग निर्माण में भारी घपला हुआ है।

जो भी कार्य कराये गये हैं या दर्शाये गये हैं उनमें कहीं भी बोर्ड नहीं लगाये गये हैं जिससे ग्रामीणों को पता लग सके कि यहां पर कोई कार्य हुआ है या उसमें कितनी धनराशि व्यय हुई। पूरे विकास खण्ड में इसका पालन नहीं किया गया है।

खण्ड विकास अधिकारी के एक आदेश के अनुसार स्वीकृत योजना के प्रत्येक कार्य की निगरानी के लिये जहां कार्य कराया जा रहा है वहां ग्रामीणों की एक सर्तकता एवं अनुश्रवण समिति का गठन किया जायेगा जो कार्यों की प्रगति की गुणवत्ता आदि की मानीटरिंग कार्य के दौरान करेगी। तथा इस कमेटी में एस.सी./एस.टी. तथा महिला सदस्य होगी। इस कमेटी की अंतिम रिपोर्ट कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र के साथ लगायी जायेगी। इस सम्बंध में आदेश की फोटोकापी संलग्न है।

इसका कहीं भी गठन नहीं किया गया और न कार्य की समाप्ति के बाद रिपोर्ट लगवाई गई।
यदि कोई व्यक्ति मानक विरूद्ध कार्य होने पर उच्चाधिकारियों को कोई प्रार्थना पत्र देता है तो यहां के सहायक विकास अधिकारी/नोडल अधिकारी/सेक्टर प्रभारी को जांच सौंपी जाती है। उनसे मन चाही रिपोर्ट लगवा कर उच्चाधिकारियों को सूचनार्थ प्रेशित कर दी जाती है और कोई कार्यवाही नहीं होती है।

लूट-खसोट करने वालों व राजनैतिक संरक्षण प्राप्त उनके सहयोगियों का तंत्र इतना मजबूत है कि शिकायत करने वाला हैरान-परेशान होकर चुप बैठ जाता है। यदि उसने ज्यादा हिम्मत दिखाई हो तो उसे थाना पुलिस से धमकाया भी जाता है।

पशु बाजारों एवं अन्य किसान बाजारों का निर्माण


इस विकास क्षेत्र में अनेक पशु बाजारें एवं किसान बाजारें ग्रामीण क्षेत्र में लगती है। पांच लाख से दस लाख रूपये में कुछ बाजारों को विकसित किया गया है। जिनमें अनेक बाजारें आज तक नहीं बनी है तथा कुछ में मात्र चबूतरा बनाकर स्वीकृत धनराशि आहरित कर ली गई।

कुछ ग्राम प्रधानों/ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने ऐसे स्थान पर बाजारों का निर्माण कराया अथवा कुछ कार्य कराया जहां न तो पहले बाजार लगती थी और न आज लगती है। जैसे ग्राम फखरापुर व हयासपुर में।

इसी प्रकार ग्राम झूलूमऊ में बाजार लगती है वहां मात्र चबूतरा बनाकर ही स्वीकृत धनराशि आहरित कर ली गई। ग्राम जाजामऊ में गांव के अंदर बाजार लगती है परन्तु ग्राम के बाहर ‘विकास भवन’ के पास मैदान में जाजामऊ की बाजार के कुछ चबूतरे बनाकर स्वीकृत धनराशि आहरित कर ली गई, जहां बाजार लगती ही नहीं है। विकास खण्ड की अनेक ग्राम पंचायतों में मात्र कागज पर बाजारें बनाकर धनराशि की बंदरबांट की गई है।

फर्जी दुकानों दुकानों से सामग्री की खरीद


ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों एवं राजनैतिक संरक्षण प्राप्त कथित ठेकेदारों ने भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिये दो कथित दुकान स्वामियों से सांठ-गांठ की। सिंह ट्रेडर्स अलाउद्दीनपुर-लवानी कलां-फतेहपुर चौरासी व मिश्रा ट्रेडर्स, खैरी गुरूदासपुर-के नाम के बिल/वाउचर/कोटेशन पेपर की रसीद बुकें छपवा लीं और धड़ल्ले से सारे कार्यों की सामग्री की खरीद पर इन्हीं के बिल/वाउचर लगाये गये जिनमें जे. ई. (आर. ई. एस.) एवं खण्ड विकास अधिकारी के हस्ताक्षर व मोहरें लगी है तथा उन बिल वाउचरों पर आयकर/ बिक्रीकर भी अदा करना दर्शाया गया है। उपरोक्त दोनों दुकानों विकास खण्ड में कार्य कराने वाले ठेकेदारों की हैं जो न तो सम्बंधित पते पर है न बिक्रीकर/आयकर कार्यालयों में पंजीकृत हैं। तो ऐसी स्थिति में आयकर/बिक्रीकर का बिल/वाउचरों पर कटने वाला टैक्स कहाँ जमा होता है, जांच का विषय है।

गंगा कल्याणी नदी के मध्य या आसपास के क्षेत्र में जमीन को थोड़ा खोदने पर बालू (मिट्टी) निकलती है। इसे कोई भी खरीदता नहीं है। यह निःशुल्क प्राप्त होती है। परन्तु उपरोक्त दोनो दुकानों से सीमेंट सरिया मौरंग, गिट्टी के अतिरिक्त बालू की भी खरीद दर्शायी गयी है।

कुछ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं कार्यालय में कार्य करने वाले लिपिक कई वर्षों से घूम-घूम कर यहाँ बने रहते है क्योंकि यहाँ सरकारी धन की लूट काफी सुरक्षित व संरक्षित है।

ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने क्षेत्र पंचायत के अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में भी इन्हीं उपरोक्त दोनों दुकानों के बिल वाउचर लगाकर फर्जी खरीद दिखाकर लाखों रूपये कमाये हैं।

जैसे ग्राम पंचायत शमसपुर अटिया कबूलपुर के ग्राम गुरूदीनखेड़ा में मुन्नूसिंह के घर से मेन नाली तक लिंक नाली एवं नाली निर्माण में बिल/वाउचर इसी सिंह ट्रेडर्स अलाउद्दीनपुर के लगे है।

उपसंहार


फतेहपुर चौरासी विकास खण्ड क्षेत्र पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्य की कहानी अत्यंत चिंताजनक है। कार्यों को बिना कराए या अन्य कार्यदायी संस्था का कार्य दिखा कर बड़े पैमाने पर गबन किया गया है। कुछ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कई वर्षों से यहां तैनात हैं जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। यह जाहिर है कि बिल-वाऊचर वगैरह फर्जी तरीके से तैयार कराने में इनकी बड़ी भूमिका है। यदि यहां ठीक से जांच कराई जाए तो और भी गम्भीर खुलासे होंगे। जनता के नाम पर आए पैसे की बेशर्मी से बंदरबांट पर अंकुश न लगा तो क्षेत्र तो पिछड़ा ही रह जाएगा और अधिकारी-कर्मचारी की मनमानी चलती रहेगी। दोशी लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की आवश्यकता है।

मूल्यांकन करने वाला दल


1. अनिल मिश्र - 9956501581
2. राजेन्द्र कुमार मिश्र-9415779030
3. वीर बहादुर सिंह-9792413609
4. नूर आलम अंसारी-9935945085
5. भगवती प्रसाद-9453745859
6. अनंद कुमार-9919976828
7. संजीव कुमार (दीपू)-9792245420

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