केंचुआ खाद (Vermi-Compost)

Submitted by Hindi on Sat, 09/03/2011 - 13:30
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राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र
केंचुए गोबर को खाद के रूप में परिवर्तित करतेकेंचुए गोबर को खाद के रूप में परिवर्तित करतेहम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि भूमि में पाये जाने वाले केंचुए मनुष्य के लिए बहुपयोगी होते हैं। मनुष्य के लिए इनका महत्व सर्वप्रथम सन् 1881 में विश्व विख्यात जीव वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन ने अपने 40 वर्षों के अध्ययन के बाद बताया। इसके बाद हुए अध्ययनों से केंचुओं की उपयोगिता उससे भी अधिक साबित हो चुकी है जितनी कि डार्विन ने कभी कल्पना की थी। भूमि में पाये जाने वाले केंचुए खेत में पडे़ हुए पेड़-पौधों के अवशेष एवं कार्बनिक पदार्थों को खा कर छोटी-छोटी गोलियों के रूप में परिवर्तित कर देते हैं जो पौधों के लिए देशी खाद का काम करती है। इसके अलावा केंचुए खेत में ट्रैक्टर से भी अच्छी जुताई कर देते हैं जो पौधों को बिना नुकसान पहुँचाए अन्य विधियों से सम्भव नहीं हो पाती। केंचुओं द्वारा भूमि की उर्वरता (Fertility) उत्पादकता (Productivity) और भूमि के भौतिक, रासायनिक व जैविक गुणों को लम्बे समय तक अनुकूल बनाये रखने में मदद मिलती है।

केंचुओं की कुछ प्रजातियां भोजन के रूप में प्रायः अपघटनशील व्यर्थ कार्बनिक पदार्थों (Bio-degradable organic wastes) का ही उपयोग करती हैं। भोजन के रूप में ग्रहण की गई इन कार्बनिक पदार्थों की कुल मात्रा का 5 से 10 प्रतिशत भाग शरीर की कोशिकाओं द्वारा अवशोषित (absorb) कर लिया जाता है और शेष मल (excreta) के रूप में विसर्जित हो जाता है जिसे वर्मीकास्ट (Vermi-cast) कहते हैं। नियंत्रित परिस्थिति में केंचुओं को व्यर्थ कार्बनिक पदार्थ खिलाकर पैदा किए गये वर्मीकास्ट और केचुओं के मृत अवशेष, अण्डे, कोकून, सूक्ष्मजीव (Micro-organisms) आदि के मिश्रण को केंचुआ खाद (Vermi-compost) कहते हैं। नियंत्रित दशा में केंचुओं द्वारा केंचुआ खाद उत्पादन की विधि को वर्मीकम्पोस्टिंग (Vermi-composting) और केंचुआ पालन की विधि को वर्मीकल्चर (Vermiculture) कहते हैं।

वर्मीकम्पोस्ट की रासायनिक संरचना


वर्मीकम्पोस्ट का रासायनिक संगठन मुख्य रूप से उपयोग में लाये गये अपशिष्ट पदार्थों के प्रकार, उनके स्रोत व निर्माण के तरीकों पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर इसमें पौधों के लिए आवश्यक लगभग सभी पोषक तत्व सन्तुलित मात्रा तथा सुलभ अवस्था में मौजूद होते हैं। वर्मीकम्पोस्ट में गोबर के खाद (FYM) की अपेक्षा 5 गुना नाइट्रोजन, 8 गुना फास्फोरस, 11 गुना पोटाश और 3 गुना मैग्निशियम तथा अनेक सूक्ष्म तत्व (Micro-nutrients) सन्तुलित मात्रा मे पाये जाते हैं।

वर्मीकम्पोस्ट का रासायनिक संगठन


क्रमांक

मानक

मात्रा

1.

पी एच

6.8

2.

ईसी (mmhos/cm)

11.70

3.

कुल नाइट्रोजन

0.50-10 प्रतिशत

4.

फास्फोरस

0.15-0.56 प्रतिशत

5.

पोटेशियम

0.06-0.30 प्रतिशत

6.

कैल्शियम

2.0-4.0 प्रतिशत

7.

सोडियम

0.02 प्रतिशत

8.

मैग्नेशियम

0.46 प्रतिशत

9.

आयरन

7563 पीपीएम

10.

जिंक

278 पीपीएम

11.

मैगनीज

475 पीपीएम

12.

कॉपर

27 पीपीएम

13.

बोरोन

34 पीपीएम

14.

एन्यूमिनियम

7012 पीपीएम



कृषि के टिकाऊपन में केंचुओं का योगदान


यद्यपि केंचुआ लंबे समय से किसान का अभिन्न मित्र हलवाहा (Ploughman) के रूप में जाना जाता रहा है। सामान्यतः केंचुए की महत्ता भूमि को खाकर उलट-पुलट कर देने के रूप में जानी जाती है जिससे कृषि भूमि की उर्वरता बनी रहती है। यह छोटे एवं मझोले किसानों तथा भारतीय कृषि के योगदान में अहम्भूमिका अदा करता है। केंचुआ कृषि योग्य भूमि में प्रतिवर्ष 1 से 5 मि.मी. मोटी सतह का निर्माण करते हैं। इसके अतिरिक्त केंचुआ भूमि में निम्न ढंग से उपयोगी एवं लाभकारी है।

1. भूमि की भौतिक गुणवत्ता में सुधार


केंचुए भूमि में उपलब्ध फसल अवशेषों को भूमि के अंदर तक ले जाते हैं और सुरंग में इन अवशेषों को खाकर खाद के रूप में परिवर्तित कर देते हैं तथा अपनी विष्ठा रात के समय में भू सतह पर छोड़ देते हैं। जिससे मिट्टी की वायु संचार क्षमता बढ़ जाती है। एक विशेषज्ञ के अनुसार केंचुए 2 से 250 टन मिट्टी प्रतिवर्ष उलट-पलट कर देते हैं जिसके फलस्वरूप भूमि की 1 से 5 मि.मी. सतह प्रतिवर्ष बढ़ जाती है।

• केंचुओं द्वारा निरंतर जुताई व उलट-पलट के कारण स्थायी मिट्टी कणों का निर्माण होता है जिससे मृदा संरचना में सुधार एवं वायु संचार बेहतर होता है जो भूमि में जैविक क्रियाशीलता, ह्यूमस निर्माण तथा नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए आवश्यक है।
• संरचना सुधार के फलस्वरूप भूमि की जलधारण क्षमता में वृद्धि होती है तथा रिसाव एवं आपूर्ति क्षमता बढ़ने के कारण भूमि जल स्तर में सुधार एवं खेत का स्वतः जल निकास होता रहता है।
• मृदा ताप संचरण व सूक्ष्म पर्यावरण के बने रहने के कारण फसल के लिए मृदा जलवायु अनुकूल बनी रहती है।

2. भूमि की रासायनिक गुणवत्ता एवं उर्वरता में सुधार


केचुएं से बना खादकेचुएं से बना खादपौधों को अपनी बढ़वार के लिए पोषक तत्व भूमि से प्राप्त होते हैं तथा पोषक तत्व उपलब्ध कराने की भूमि की क्षमता को भूमि उर्वरता कहते हैं। इन पोषक तत्वों का मूल स्रोत मृदा पैतृक पदार्थ फसल अवशेष एवं सूक्ष्म जीव आदि होते हैं। जिनकी सम्मिलित प्रक्रिया के फलस्वरूप पोषक तत्व पौधों को प्राप्त होते हैं। सभी जैविक अवशेष पहले सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित किये जाते हैं। अर्द्धअपघटित अवशेष केंचुओं द्वारा वर्मीकास्ट में परिवर्तित होते हैं। सूक्ष्म जीवों तथा केंचुआ सम्मिलित अपघटन से जैविक पदार्थ उत्तम खाद में बदल जाते हैं और भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं।

3. भूमि की जैविक गुणवत्ता में सुधार,


भूमि में उपस्थित कार्बनिक पदार्थ, भूमि में पाये जाने वाले सूक्ष्म जीव तथा केंचुओं की संख्या एवं मात्रा भूमि की उर्वरता के सूचक हैं। इनकी संख्या, विविधता एवं सक्रियता के आधार पर भूमि के जैविक गुण को मापा जा सकता है। भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीवों की जटिल श्रृंखला एवं फसल अवशेषों के विच्छेदन के साथ केंचुआ की क्रियाशीलता भूमि उर्वरता का प्रमुख अंग है। भूमि में उपलब्ध फसल अवशेष इन दोनों की सहायता से विच्छेदित होकर कार्बन को उर्जा स्त्रोत के रूप में प्रदान कर निरंतर पोषक तत्वों की आपूर्ति बनाये रखने के साथ-साथ भूमि में एन्जाइम, विटामिन्स, एमीनो एसिड एवं ह्यूमस का निर्माण कर भूमि की उर्वरा क्षमता को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।

केंचुओं का जीवन चक्र व जीवन से संबंधित जानकारियाँ


1. केंचुए द्विलिंगी (Bi-sexual or hermaphodite) होते हैं अर्थात एक ही शरीर में नर (Male) तथा मादा (Female) जननांग (Reproductive Organs) पाये जाते हैं।
2. द्विलिंगी होने के बावजूद केंचुओं में निषेचन (Fertilization) दो केंचुओं के मिलन से ही सम्भव हो पाता है क्योंकि इनके शरीर में नर तथा मादा जननांग दूर-दूर स्थित होते हैं और नर शुक्राणु (Sperms) व मादा शुक्राणुओं (Ovums) के परिपक्व होने का समय भी अलग-अलग होता है। सम्भोग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद केंचुए कोकून बनाते हैं। कोकून का निर्माण लगभग 6 घण्टों में पूर्ण हो जाता है।
3. केंचुए लगभग 30 से 45 दिन में वयस्क (Adult) हो जाते हैं और प्रजनन करने लगते हैं।
4. एक केंचुआ 17 से 25 कोकून बनाता है और एक कोकून से औसतन 3 केंचुओं का जन्म होता है।
5. केंचुओं में कोकून बनाने की क्षमता अधिकांशतः 6 माह तक ही होती है। इसके बाद इनमें कोकून बनाने की क्षमता घट जाती है।
6. केंचुओं में देखने तथा सुनने के लिए कोई भी अंग नहीं होते किन्तु ये ध्वनि एवं प्रकाश के प्रति संवेदनशील होते हैं और इनका शीघ्रता से एहसास कर लेते हैं।
7. शरीर पर श्लैष्मा की अत्यन्त पतली व लचीली परत मौजूद होती है जो इनके शरीर के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है।
8. शरीर के दोनों सिरे नुकीले होते हैं जो भूमि में सुरंग बनाने में सहायक होते हैं।
9. केंचुओं में शरीर के दोनों सिरों (आगे तथा पीछे) की ओर चलने (Locomotion) की क्षमता होती है।
10. मिट्टी या कचरे में रहकर दिन में औसतन 20 बार ऊपर से नीचे एवं नीचे से ऊपर आते हैं।
11. केंचुओं में मैथुन प्रक्रिया लगभग एक घण्टे तक चलती हैं।
12. केंचुआ प्रतिदिन अपने वजन का लगभग 5 गुना कचरा खाता है। लगभग एक किलो केंचुए (1000 संख्या) 4 से 5 किग्रा0 कचरा प्रतिदिन खा जाते हैं।
13. रहन-सहन के समय संख्या अधिक हो जाने एवं जगह की कमी होने पर इनमें प्रजनन दर घट जाती है। इस विशेषता के कारण केंचुआ खाद निर्माण (Vermi-composting) के दौरान अतिरिक्त केंचुओं को दूसरी जगह स्थानान्तरित (Shift) कर देना अत्यन्त आवश्यक है।
14. केंचुए सूखी मिट्टी या सूखे व ताजे कचरे को खाना पसन्द नहीं करते अतः केंचुआ खाद निर्माण के दौरान कचरे में नमीं की मात्रा 30 से 40 प्रतिशत और कचरे का अर्द्ध-सड़ा (Semi-decomposed) होना अत्यन्त आवश्यक है।
15. केंचुए के शरीर में 85 प्रतिशत पानी होता है तथा यह शरीर के द्वारा ही श्वसन एवं उत्सर्जन का पूरा कार्य करता है।
16. कार्बनिक पदार्थ खाने वाले केंचुओं का रंग मांसल होता है जबकि मिट्टी खाने वाले केंचुए रंगहीन होते हैं।
17. केंचुओं में वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration) होता है जिसके लिए इनके शरीर में कोई विशेष अंग नहीं होते। श्वसन क्रिया (गैसों का आदान प्रदान) देह भित्ति की पतली त्वचा से होती है।
18. एक केंचुए से एक वर्ष में अनुकूल परिस्थितियों में 5000 से 7000 तक केंचुए प्रजनित होते हैं।
19. केंचुए का भूरा रंग एक विशेष पिगमेंट पोरफाइरिन के कारण होता है।
20. शरीर की त्वचा सूखने पर केंचुआ घुटन महसूस करता है और श्वसन (गैसों का आदान-प्रदान) न होने से मर जाता है।
21. शरीर की ऊतकों में 50 से 75 प्रतिशत प्रोटीन, 6 से 10 प्रतिशत वसा,कैल्शियम, फास्फोरस व अन्य खनिज लवण पाये जाते हैं अतः इन्हें प्रोटीन एवं ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना गया है।
22. केंचुओं को सुखा कर बनाये गये प्रतिग्राम चूर्ण (Powder) से 4100 कैलोरी ऊर्जा मिलती है।

पूरी किताब पढ़ने के लिए अटैचमेंट देखें

Comments

Submitted by Anonymous (not verified) on Sat, 07/05/2014 - 16:06

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जहा पर केंचुआ खाद बनाई जाती है वहा पर सांपो के आने की संभावना है .

Submitted by Arvind dhakad (not verified) on Sun, 06/14/2015 - 13:56

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Hi. Sir, I am student of B.Sc. Ag. .have you job. So give me job

Submitted by mansharam (not verified) on Fri, 04/22/2016 - 09:42

In reply to by Arvind dhakad (not verified)

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job ke lie smpark kare 8824040037

Submitted by Vijay malya (not verified) on Tue, 01/09/2018 - 16:08

In reply to by Arvind dhakad (not verified)

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Kya kaam kar skate ho tum mere khad ki marketing karni h

Submitted by manish kumar (not verified) on Fri, 08/07/2015 - 16:55

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i want to start to make vermi compost pls give me information where it found

Submitted by vinay (not verified) on Sat, 08/15/2015 - 20:23

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Where are the raw material is available and how many cost for prepare 100 kg. Compost

Submitted by vinay (not verified) on Sat, 08/15/2015 - 20:43

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Where are the raw material is available and how many cost for prepare 100 kg. Compost

Submitted by Radheshyam tusawada (not verified) on Fri, 09/18/2015 - 17:45

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 kechuva se jevik khad the best coliti 

Submitted by sarin khan (not verified) on Mon, 11/16/2015 - 22:24

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To sir mai agra u.p. se hoon. me vermi com. mai apna carrer banana chahata hoo. vermi composting me carrer ki kya kya sambhavnaye hai. mujhr is bare mai puri jankari mere E-mail sarinkhan48@yahoo.in per dene ki krapa kare. thank you. sarin khan agra u.p

Submitted by Anonymous (not verified) on Mon, 01/04/2016 - 14:02

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Submitted by Deepak Patidar (not verified) on Wed, 02/03/2016 - 18:17

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me deepak patidar abhi agriculture B.Sc. final year kar rha hu,or me is vermi-compost ko krashi kai liye ek vardan manta hu , or is khad ka prayog karne se kisan ko sirf paise ki hi bachat ni hoti hai kisan ko fasal ka pura utpadan bhi milta hai or fasal puri tarah  se thik rahti hai or puri upaj bhi pradhan karti hai , or  iske prayog se koi bhi pollution nhi hota hai , or ye puri tarah se faydemand hai , or is khad ko soil me dalne pr kuch kechuye mitti me chale jate hai or waha par bhi fasal ki raksha karte hai , or ye chemical se khi guna kam bajat me tayar ho jata hai or paise bhi bach jate hai to kisan ko jyada problem nahi hoti hai , or isko banane me hame sirf gobar ki hi jarurt nahi hoti hai  isme ham apne gharo se niklne wala bekar kachra jese plastik , bekar sabji ke patti , office se nikalne wale faltu kagach ke tukdhe etc. bhi isme dalne par cechuye in sab chijo ko ek important khad ke rup me badal deta hai isse hamara paryavaran bhi kachre se mukt rahega or sadha gala kachra bhi use aa jayega ,  matlab ye sabhi taraf se fasal ke liye faydemand khad hai ........

Submitted by mansharam (not verified) on Fri, 04/22/2016 - 09:35

In reply to by Deepak Patidar (not verified)

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varmi cmpost and varmi cmpost plant ke liye smpark kare mukesh kumar cntect 8824040037

Submitted by manish (not verified) on Sun, 08/21/2016 - 09:07

In reply to by mansharam (not verified)

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let me know what is the capital required and what is the ratio to earn profit from it 

 let me know how to mfg varmi compost 

 

let me know were r you from city and state

 

kindly send detail at maprgi23@yahoo.co.in

Submitted by sunil kumar aggarwal (not verified) on Sat, 02/27/2016 - 11:55

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i have to make the bio fertilzers in huge quantity plz send me msg or appratus or land 

 

Submitted by MAYANK TIWARI (not verified) on Mon, 04/18/2016 - 08:29

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sir i am student of b.sc.(ag) final year vermi compost se releted kuch jankari mujhe share krane

 

 

Submitted by amit rathi (not verified) on Mon, 04/18/2016 - 23:23

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sir

    kya hum varmi kampost khad banakar marketing kar saktay hai our is kay liye goverment ki koi yojna hai kya

Submitted by Rajendra prasad (not verified) on Tue, 05/17/2016 - 14:35

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Sir mughe varmicmpost ki jankari cheye mughe or iska liye kya karna parga kuch vistar se jankari cheye

Submitted by Vishnu agarwal (not verified) on Fri, 06/24/2016 - 23:36

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हमारी गोशाला में भारतीय देसी गोवंश के गोबर से शुद्ध ओर उच्च गुणवत्ता की

केचुआ खाद ओर वर्मी वोश बनाया जाता है

ख़रीददार सम्पर्क करे

Sir main vermucompost start Karna chata hun eski training kanha milegi or selling kanha kanha hoti hai or konsi company let hai plz sir help me

Sir main vermucompost start Karna chata hun eski training kanha milegi or selling kanha kanha hoti hai or konsi company let hai plz sir help me

Submitted by Rahul Shamkuwar (not verified) on Sat, 03/11/2017 - 00:32

In reply to by Vishnu agarwal (not verified)

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I want to purchase & please describe its details benefit of Vermi wash

Submitted by Ghanshyam (not verified) on Mon, 09/05/2016 - 10:49

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Knowlade of aggri. J

Submitted by NITIN TRIPATHI (not verified) on Wed, 03/08/2017 - 18:15

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sir mujhe unit lagani hai mujhe uchit jankari de ki kistarha se mai sarkar se jankari prapt karu 

 

kya mujhe subsedi bhi mil jaye gi

 

 

unit add......etawha up

 

Submitted by Atul (not verified) on Thu, 03/30/2017 - 11:09

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Sir Mai Allahabad SE hu. Kechue kaha SE milenge please tell me any one.

Submitted by Anonymous (not verified) on Sun, 04/09/2017 - 23:26

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मै नगरपालिका परिषद सीधी में पार्षद हू  मै नगरपालिका परिषद क्षेत्र से निकलने वाले कचरे जिसमे सब्जी के छिलके बचे हुए खाना फल मंडी से निकलने वाले सड़े हुए फलो को अलग२ एकत्रित करा कर खाद बनाने का औद्योगिक प्लांट लगवाना चाहता हू जानकारी उपलब्ध करने का कष्ट करे

धन्यवाद

नीरज गुप्ता (पार्षद)

नगर पालिका परिषद सीधी

 

Submitted by Neeraj Gupta (not verified) on Sun, 04/09/2017 - 23:30

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मै नगरपालिका परिषद सीधी में पार्षद हू  मै नगरपालिका परिषद क्षेत्र से निकलने वाले कचरे जिसमे सब्जी के छिलके बचे हुए खाना फल मंडी से निकलने वाले सड़े हुए फलो को अलग२ एकत्रित करा कर खाद बनाने का औद्योगिक प्लांट लगवाना चाहता हू जानकारी उपलब्ध करने का कष्ट करे

धन्यवाद

नीरज गुप्ता (पार्षद)

नगर पालिका परिषद सीधी

 

Submitted by Neeraj Gupta (not verified) on Sun, 04/09/2017 - 23:32

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मै नगरपालिका परिषद सीधी में पार्षद हू  मै नगरपालिका परिषद क्षेत्र से निकलने वाले कचरे जिसमे सब्जी के छिलके बचे हुए खाना फल मंडी से निकलने वाले सड़े हुए फलो को अलग२ एकत्रित करा कर खाद बनाने का औद्योगिक प्लांट लगवाना चाहता हू जानकारी उपलब्ध करने का कष्ट करे

धन्यवाद

नीरज गुप्ता (पार्षद)

नगर पालिका परिषद सीधी

 

Submitted by Ujjwal Pandey (not verified) on Thu, 05/11/2017 - 19:12

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श्री मान जी, मैं केचुआ खाद का काम करना चाहता हु, कृपया करके मुझे केचुआ खाद sale के बारे में बता दे आपकी अति कृपया होंगी धन्यवाद

Submitted by Neeraj Mishra (not verified) on Mon, 06/26/2017 - 12:51

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मै जैविक खाद की इंडस्ट्री लगाना चाहता हूँ...कृपया मुझे कहाँ ट्रेनिंग लेनी चाहिए और कैसे is व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहिए...

Submitted by Abhishek Jain (not verified) on Fri, 07/21/2017 - 15:07

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अगर कोई होम मेड वेर्मी कम्पोस्ट खरीदना चाहता हैं तो संपर्क करे अभिषेक जैन 8890054472 

होम मेड वेर्मी कम्पोस्ट की विशेषता हैं कि केंचुआ को जो खाना दिया जाता हे वो बैलेंस होता हे उसमे देसी गाय का गोबर, नीम की पत्तिया, घर का आर्गेनिक कचरा जैसे फल व सब्जियों का कचरा,चाय पत्ती, अन्डो का खोल आदि| जिस से बनाने वाली खाद में पोधो के लिए आवश्यक सभी पदार्थ प्रचुर मात्रा में होते हैं| 

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