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प्रशिक्षण एवं नियोजन में करियर

Author: 
अनुराग कुमार, बिमल किशोर साहू तथा संतोष कुमार शर्मा
Source: 
रोजगार समाचार
हाल ही में, प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकांश संगठनों में भले ही उनकी स्थिति कैसी भी हो, एक अग्रणी विभाग के रूप में उभरा है। यह कार्पोरेट जगत में तथा मानव संसाधन की प्रत्येक स्तर पर विकास आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली शैक्षिक संस्थाओं में एक अत्यधिक महत्व का विभाग बन गया है। प्रशिक्षण एवं नियोजन विभाग का मूल कार्य संगठन में विभिन्न पणधारियों (स्टेक होल्डर्स) की प्रशिक्षण- आवश्यकताओं का पता लगाना और विभिन्न क्षमताओं में चुनौतियों को स्वीकार करने में उन्हें तैयार करने के लिए आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण का आयोजन करना है। उदाहरण के लिए, कार्पोरेट जगत में यह विभाग पूरे संगठन के लिए अभिरुचि प्रशिक्षण, व्यवहार कौशल विकास तथा तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन करता है; जबकि शैक्षिक संस्थाओं में यह विभाग सामूहिक विचार-विमर्श, मौखिक प्रस्तुति तथा रोजगार साक्षात्कार के संबंध में छात्रों के कौशल के विकास पर अधिक बल देता है। यह विभाग विभिन्न उद्योगों तथा कार्पोरेट कंपनियों से सम्पर्क भी बनाए रखता है और उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण और कैम्पस भर्ती कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित करता है।

प्रशिक्षण एवं नियोजन विभाग के तीन मूल कार्य हैं -छात्रों को प्रतिष्ठित संगठनों में नियोजन के लिए प्रशिक्षण देना तथा इसमें उनकी सहायता करना, कर्मचारियों की संभावना क्षमता का संवर्धन और संस्थान तथा कर्मचारियों के बीच सम्पर्क एजेंट के रूप में कार्य करना।

प्रशिक्षण एवं नियोजन


किसी शैक्षिक संस्था में, प्रशिक्षण एवं नियोजन विभाग छात्रों को उनके जीवनवृत्त सार तैयार करने, सामूहिक विचार-विमर्श में भाग लेने, रोजगार साक्षात्कार का सामना सफलतापूर्वक करने तथा अच्छी प्रस्तुति के लिए उन्हें विशेषज्ञतापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम देना है, ताकि प्रत्येक छात्र कार्पोरेट की आशाओं को पूरा कर सके और उन्हें प्रख्यात कंपनियों में नियोजित करा सके। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य छात्रों को एक प्रतिस्पर्धी तीक्ष्णता प्राप्त करने में सक्षम बनाना, उनके विश्वास को बढ़ाना तथा उनके व्यक्तित्व का विकास करना है। कार्पोरेट जगत में, यह विभाग कर्मचारियों को प्रगतिशील सफल तथा कुशल बनने के लिए उन्हें कई प्रकार के तकनीकी व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण देते हैं। यह विभाग कर्मचारियों की क्षमता तथा कौशल के आधार पर संगठन में उपयुक्त पद पर उनके विभागीय नियोजन में भी सहायता करता है।

संभावना-क्षमताओं का संवर्धन


प्रशिक्षण एवं नियोजन विभाग, शैक्षिक संस्थाओं में संकाय एवं कर्मचारियों की तथा कार्पोरेट क्षेत्र में कर्मचारियों की उनके कार्य-निष्पादन और स्व-मूल्यांकन के माध्यम से प्रशिक्षण आवश्यकताओं का पता लगाता है। उदाहरण के लिए, कई संकाय सदस्यों को पर्याप्त तकनीकी ज्ञान होता है और उनमें संभावना शक्ति होती है, किंतु वे उसे उपयुक्त रूप में अभिव्यक्त करने में असफल हो जाते हैं। ऐसे व्यक्तियों को अभिव्यक्ति तथा प्रस्तुति कौशल में कुछ प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता होती है। इन प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह विभाग विभिन्न कार्यशालाओं, कॉन्फरेंस, सेमीनारों, विशेष लैक्चरों तथा विशिष्ट गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों का आयोजन करता है। यह प्रशिक्षण, उनकी संभावना क्षमता को बढ़ाने और करियर संभावना में उनके व्यावसायिक विकास तथा सुधार के लिए दिया जाता है।

सम्पर्क एजेंट के रूप में


प्रशिक्षण एवं नियोजन विभाग विभिन्न उद्योगों, संगठनों और संस्थानों से सम्पर्क भी बनाए रखता है। शैक्षिक संस्थाओं में यह विभाग छात्रों को उनके ग्रीष्म कालीन/व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा इंटर्नशिप के संबंध में अवसर देता है। इन संगठनों को भी विभिन्न औद्योगिक वार्ताओं, दौरों तथा अंतिम भर्ती के लिए आमंत्रित किया जाता है। कार्पोरेट जगत में, विभिन्न प्रबंध विकास कार्यक्रमों एवं मोड्यूल आधारित तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यह विभाग प्रख्यात शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थानों से सम्पर्क स्थापित करता है।

करियर संभावना


प्रशिक्षण एवं नियोजन सलाहकार
किसी प्रख्यात संस्थान से मानव संसाधन प्रबंध में डिग्री पूरी करने के बाद कोई भी व्यक्ति विभिन्न रोजगार ढूंढ़ने वाले व्यक्तियों को उनके जीवनवृत्त सार तैयार कराने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, रोजगार खोज में सहायता करने, साक्षात्कार की व्यवस्था करने तथा उपयुक्त रोजगार में उनके नियोजन में सहायता करने जैसी स्वतंत्र परामर्श सेवाएं चला सकता है। इस समय विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न प्रख्यात सलाहकार संस्थाओं में सलाहकारों की भारी मांग है। यह उम्मीदवारों के लिए एक बेहतर करियर विकल्प हो सकता है।

प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी


अधिकांश कार्पोरेट तथा शैक्षिक संस्थाएं अब व्यवहार कौशल, अंतर वैयक्तिक अभिव्यक्ति, समस्या-समाधान, आध्यात्म तथा कार्य-नीति से संबंधित प्रशिक्षण सहित तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसका जहां तक एक ओर कर्मचारियों के व्यक्तिगत जीवन पर अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी ओर संगठन की उत्पादकता भी बढ़ती है। इसलिए मानव संसाधन प्रबंधन में पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद कोई भी व्यक्ति कार्पोरेट जगत तथा शैक्षिक संस्थाओं में प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी का रोजगार प्राप्त कर सकते हैं या आकर्षक धन-राशि अर्जित कर सकते हैं।

इवेंट प्रबंधक


हाल ही में, इवेंट प्रबंधन को कार्पोरेट तथा शैक्षिक संस्थाओं में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई है। कार्पोरेट क्षेत्र में ये इवेंट्स सामान्यतः प्रौद्योगिकी योग, ध्यान आदि से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फरेंस, कार्यशालाएं तथा विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों के आयोजन के रूप में होते हैं। शैक्षिक संस्थाओं में इवेंट सामान्यतः रोजगार मेलों के रूप में आयोजित किए जाते हैं, जहां छात्रों को प्रख्यात कंपनियों में प्रशिक्षण तथा नियोजन के विभिन्न आयामों की जानकारी मिलती है। यद्यपि, इवेंट प्रबंधन में डिग्री या अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तथापि, मानव संसाधन प्रबंध में कोई पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद कोई भी व्यक्ति शैक्षिक संस्थाओं तथा कार्पोरेट जगत में प्रशिक्षण इवेंट को ऑर्डिनेटर/प्रबंधक के रूप में कार्य के अवसर प्राप्त कर सकता है।

शिक्षा


प्रशिक्षण एवं नियोजन के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उम्मीदवारों से मानव संसाधन प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री या डिप्लोमा धारी होने की प्रत्याशा की जाती है, तथापि विभिन्न पृष्ठभूमि वाले, किंतु प्रशिक्षण एवं नियोजन के क्षेत्र में पर्याप्त कार्य-अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को भी अवसर दिया जा सकता है। यद्यपि, मानव संसाधन प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम अनेक संस्थान और विश्वविद्यालय चलाते हैं, तथापि मानव संसाधन प्रबंधन में विशेषज्ञतापूर्ण कार्यक्रम चलाने वाले कुछ संस्थान निम्नलिखित हैं:-

♦ भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद
♦ भारतीय प्रबंधन संस्थान, बंगलौर
♦ भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ
♦ भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता
♦ भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर
♦ एक्स.एल.आर.आई, जमशेदपुर
♦ प्रबंधन विकास संस्थान, गुडगांव
♦ भारतीय प्रशिक्षण एवं विकास सोसायटी, नई दिल्ली’
♦ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर

मानव संसाधन विकास तथा प्रबंधन में विशेष एम.टेक देता है। यह डिग्री मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग, आई.आई.टी, खड़गपुर से चलाई जाती है।

प्रशिक्षण तथा विकास में, दूरस्थ अध्ययन सुविधा सहित डिप्लोमा देती है और यह पाठ्यक्रम ऐसे कार्यरत कर्मचारियों/संकायों के लिए उपयोगी है, जो अपना करियर प्रशिक्षण एवं नियोजन में बदलना चाहते हैं/बनाना चाहते हैं।

नियोजन


उक्त किसी भी संस्थान से मानव संसाधन प्रबंधन में डिग्री या डिप्लोमा पूरा करने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक या निजी संगठन, शैक्षिक संस्था में कोई रोजगार प्राप्त कर सकता है या अपनी स्वयं की प्रशिक्षण एवं नियोजन परामर्श सेवा स्थापित कर सकता है। प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी प्रारंभ में रुपये 30,000/- से रुपये 50000/- प्रतिमाह के बीच वेतन प्राप्त कर सकता है, जो आगामी वर्षों में और बढ़ सकता है।

(लेखक मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में रुड़की में अनुसंधान छात्र हैं ई-मेल आईडी: anuragkumar.lko@gmail.com, bimalkishore.sahoo@gmail.com और santoboss@gmail.com)

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