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जूलॉजी ग्रेजुएट्स के लिए ढेरों हैं नौकरियां

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दैनिक भास्कर, 19 जनवरी 2015

जूलॉजी एक ऐसा विषय है, जो न केवल बेहतरीन कॅरिअर के अवसर उपलब्ध करवाता है, बल्कि प्रकृति से जुड़ने व उसके संरक्षण में अहम भूमिका निभाने का मौका भी देता है।

साइंस के हरेक फील्ड की अपनी कॅरिअर संभावनाएं हैं। आपको सिर्फ अपना रुझान पहचानना होगा और काम का क्षेत्र चुनना होगा। जूलॉजी भी एक ऐसा विषय है, जो बेहतरीन कॅरिअर के अवसर उपलब्ध करवाता है, साथ ही प्रकृति से जुड़ने व उसके संरक्षण में अहम भूमिका निभाने का मौका देता है। जंतुओं के अध्ययन से जुड़े इस विषय में पढ़ाई व रिसर्च के लिए अच्छा स्कोप है। पीजी स्तर पर आप बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंफॉर्मेटिक्स, मेडिसिन, फार्मेसी, वेटरिनरी साइंस, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, इन्वारॅनमेंटल साइंस, फॉरेस्ट्री, मरीन स्टडीज, ह्यूमन जेनेटिक्स, वाइल्ड लाइफ साइंस, सेरिकल्चर टेक्नोलॉजी, फायटोमेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल फिशरीज, मरीन बायोलॉजी, ओशनोग्राफी, एनाटॉमी, एनिमल बायोटेक्नोलॉजी, कोस्टल एक्वाकल्चर में से कोई एक विकल्प चुनकर बेहतर कॅरिअर की राह पकड़ सकते हैं।

कैसे करें पढ़ाई


जूलॉजी एक विस्तृत विषय है, जो प्रकृति की गोद में पलने वाले जीव जगत के सभी पहलुओं की पड़ताल करता है। यह जीव-जंतुओं के उद्भव और विकास की प्रक्रिया, उनकी संरचना, व्यवहार, क्रिया-कलापों और मानव के लाभ के लिए उनके विभिन्न उपयोगों का अध्ययन करता है। भारत की लगभग सभी यूनिवर्सिटीज जूलॉजी में बीएससी, एमएससी और रिसर्च डिग्री ऑफर करती हैं जहां प्रवेश के लिए मेरिट को आधार बनाया जाता है। वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस या इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस रिसर्च एंड एजुकेशन, एनसीबीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा देनी पड़ती है। वर्तमान में आईआईटी भी माइक्रोबायोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक ऑफर कर रहे हैं जिसके लिए 12वीं में बायोलॉजी और मैथ्स के साथ एंट्रेंस एग्जाम देना आवश्यक है।

काम के अवसर


एक मल्टीडिसिप्लीनरी विषय की वजह से जूलॉजी नौकरी के लिए कई मौके देता है। इस विषय के साथ आप इन क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं।

सरकारी सेवा
जूलॉजी में स्नातक के साथ इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज एग्जाम दे सकते हैं जो आपको बेहतर कॅरिअर के साथ वन्य प्राणियों के संरक्षण का अवसर भी प्रदान करता है। इसके अलावा पीजी या एम.फिल के साथ जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, देहरादून या द इंडियन काउंसिल फॉर फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन में वैज्ञानिक पद पर काम करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

प्राणी संरक्षण
पर्यावरण में बदलाव और मानव हस्तक्षेप के चलते पूरी दुनिया में जीव प्रजातियां तेजी से विलुप्त होती जा रही हैं जिन्हें बचाने के लिए वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फेडरेशन जैसे वैश्विक संगठनों के साथ ही केंद्र व राज्य सरकारें भी जूलॉजी विशेषज्ञों की मदद लेती हैं। प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटना या पशुओं के प्राकृतिक आवास नष्ट होने की स्थिति में एनिमल रीहैबिलिटेटर्स की सेवाएं ली जाती हैं। इनका काम जानवरों की देखभाल, बीमार जंतुओं का इलाज और ठीक होने पर उन्हें दोबारा प्राकृतिक परिवेश में छोड़ना होता है।

मेडिकल
जेनेटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी या पैरासाइट बायोलॉजी जैसी शाखाओं के छात्रों के लिए मेडिकल फॉरेंसिक विभाग, टेस्टिंग लैब और मेडिकल रिसर्च में विकल्पों की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा आप मानव और पशुओं के लिए दवा निर्माण करने वाली कंपनियों के साथ जुड़कर भी अपने कॅरिअर को ऊंचाइयां दे सकते हैं।

अकादमिक क्षेत्र
जूलॉजी में ग्रेजुएशन के बाद बीएड के साथ स्कूल और कोचिंग संस्थानों में पढ़ा सकते हैं। कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढाने के लिए आपको एमएससी के साथ नेट पास करना होगा।

रिसर्च
जूलॉजी में शोध की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। देश और दुनिया की तमाम श्रेष्ठ यूनिवर्सिटीज और अनुसंधान संस्थान जूलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च को महत्व दे रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े वैश्विक संगठनों में भी जूलॉजी के रिसर्चर्स की मांग है। साथ ही कॉस्मेटिक्स, फार्मेसी और एनिमल प्रॉडक्ट्स से जुड़ी कंपनियों में रिसर्च फेलो के तौर पर अच्छा वेतन हासिल कर सकते हैं।

एनिमल हसबैंड्री
भारत में एनिमल हसबैंड्री से जुड़े सभी क्षेत्रों में रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध हैं। इनमें मछलीपालन, पोल्ट्री, रेशम उत्पादन और कृषि पशुओं के प्रजनन व रख-रखाव से जुड़े काम शामिल हैं।

जू कीपिंग
जीव-जंतुओं से लगाव रखने वाले जूलॉजी छात्रों के लिए जू कीपिंग एक उम्दा विकल्प है। इनका काम प्राणी संग्रहालय (जू) और एक्वेरियम का रख-रखाव और जानवरों की सही तरीके से देखभाल करना है।

वाइल्डलाइफ एजुकेटर/गाइड
ये वनों में आने वाले पर्यटकों को जानवरों के विषय में जानकारी देने का काम करते हैं।

एनिमल बिहेवियरिस्ट
एनिमल बिहेवियरिस्ट का काम जानवरों के व्यवहार का अध्ययन करना होता है। ये लोग जानवरों के साथ काम करने वाले लोगों को भी प्रशिक्षण देते हैं जिससे वे जानवरों के साथ अच्छे से घुलमिल सकें और उन्हें समझ सकें।

एजुटेनमेंट
लोगों को जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए मीडिया का प्रयोग करने की इच्छा रखते हैं तो एजुटेनमेंट या एजुकेशनल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री आपके लिए श्रेष्ठ विकल्प है जहां आप डिसक्वरी और नेशनल ज्योग्राफिक जैसे चैनलों के लिए डॉक्यूमेंट्री प्रॉडक्शन, कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, फिल्म मेकिंग, एक्सपर्ट सपोर्ट जैसे काम कर सकते हैं।

यहां से करें कोर्स
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, हैदराबाद
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, भुवनेश्वर
जवाहर लाल नेहरु सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलुरु
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी, नई दिल्ली

Maveshi palan

Aaj ke samy main gaay ki bimari pe risarch ki jani chhiye.

i am lucky

Nice my course and my subject Zoology and my college apr mp

M.Sc. ZOOLOGY

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Please, Sir, I like to work in the Zoology Department. That's why I have done the MSc Zoology subject. So, I am going to send a vacancy to my employer.
 

 

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