लेखक की और रचनाएं

SIMILAR TOPIC WISE

Latest

पृथ्वी दिवस (Earth Day in Hindi)


22 अप्रैल, 2018, पृथ्वी दिवस पर विशेष

.हर साल 22 अप्रैल को पूरी दुनिया में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस के प्रणेता अमेरीकी सिनेटर गेलार्ड नेलसन हैं। गेलार्ड नेलसन ने, सबसे पहले, अमेरीकी औद्योगिक विकास के कारण हो रहे पर्यावरणीय दुष्परिणामों पर अमेरिका का ध्यान आकर्षित किया था।

इसके लिये उन्होंने अमेरीकी समाज को संगठित किया, विरोध प्रदर्शन एवं जनआन्दोलनों के लिये प्लेटफार्म उपलब्ध कराया। वे लोग जो सान्टा बारबरा तेल रिसाव, प्रदूषण फैलाती फैक्ट्रियों और पावर प्लांटों, अनुपचारित सीवर, नगरीय कचरे तथा खदानों से निकले बेकार मलबे के जहरीले ढ़ेर, कीटनाशकों, जैवविविधता की हानि तथा विलुप्त होती प्रजातियों के लिये अरसे से संघर्ष कर रहे थे, उन सब के लिये यह जीवनदायी हवा के झोंके के समान था।

वे सब उपर्युक्त अभियान से जुड़े। देखते-देखते पर्यावरण चेतना का स्वस्फूर्त अभियान पूरे अमेरिका में फैल गया। दो करोड़ से अधिक लोग आन्दोलन से जुड़े। ग़ौरतलब है, सन् 1970 से प्रारम्भ हुए इस दिवस को आज पूरी दुनिया के 192 से अधिक देशों के 10 करोड़ से अधिक लोग मनाते हैं। प्रबुद्ध समाज, स्वैच्छिक संगठन, पर्यावरण-प्रेमी और सरकार इसमें भागीदारी करती हैं।

बहुत से लोग पर्यावरणीय चेतना से जुड़े पृथ्वी दिवस को अमेरिका की देन मानते हैं। ग़ौरतलब है कि अमेरीकी सिनेटर गेलार्ड नेलसन के प्रयासों के बहुत साल पहले महात्मा गाँधी ने भारतवासियों से आधुनिक तकनीकों का अन्धानुकरण करने के विरुद्ध सचेत किया था। गाँधीजी मानते थे कि पृथ्वी, वायु, जल तथा भूमि हमारे पूर्वजों से मिली सम्पत्ति नहीं है। वे हमारे बच्चों तथा आगामी पीढ़ियों की धरोहरें हैं। हम उनके ट्रस्टी भर हैं। हमें वे जैसी मिली हैं उन्हें उसी रूप में भावी पीढ़ी को सौंपना होगा।

गाँधी जी का यह भी मानना था कि पृथ्वी लोगों की आवश्यकता की पूर्ति के लिये पर्याप्त है किन्तु लालच की पूर्ति के लिये नहीं। गाँधी जी का मानना था कि विकास के त्रुटिपूर्ण ढाँचे को अपनाने से असन्तुलित विकास पनपता है। यदि असन्तुलित विकास को अपनाया गया तो धरती के समूचे प्राकृतिक संसाधन नष्ट हो जाएँगे। वह जीवन के समाप्त होने तथा महाप्रलय का दिन होगा।

गाँधीजी ने बरसों पहले भारत को विकास के त्रुटिपूर्ण ढाँचे को अपनाने के विरुद्ध सचेत किया था। उनका सोचना था कि औद्योगिकीकरण सम्पूर्ण मानव जाति के लिये अभिशाप है। इसे अपनाने से लाखों लोग बेरोजगार होंगे। प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होगी। बड़े उद्योगपति कभी भी लाखों बेरोजगार लोगों को काम नहीं दे सकते। गाँधी जी मानते थे कि औद्योगिकीकरण का मुख्य उद्देश्य अपने मालिकों के लिये धन कमाना है।

आधुनिक विकास के कारण होने वाली पर्यावरणीय हानि की कई बार क्षतिपूर्ति सम्भव नहीं होगी। उनका उपरोक्त कथन उस दौर में सामने आया था जब सम्पूर्ण वैज्ञानिक जगत, सरकारें तथा समाज पर्यावरण के धरती पर पड़ने वाले सम्भावित कुप्रभावों से पूरी तरह अनजान था। वे मानते थे कि गरीबी और प्रदूषण का गहरा सम्बन्ध है। वे एक दूसरे के पोषक हैं। गरीबी हटाने के लिये प्रदूषण मुक्त समाज और देश गढ़ना होगा।

गाँधी जी का उक्त कथन पृथ्वी दिवस पर न केवल भारत अपितु पूरी दुनिया को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वह विकास की मौजूदा परिभाषा को संस्कारित कर लालच, अपराध, शोषण जैसी अनेक बुराईओं से मुक्त कर संसाधनों के असीमित दोहन और अन्तहीन लालच पर रोक लगाने की सीख देता है। वह पूरी दुनिया तथा पृथ्वी दिवस मनाने वालों के लिये लाइट हाउस की तरह है।

पृथ्वी दिवस की कल्पना में हम उस दुनिया का ख्वाब साकार होना देखते हैं जिसमें दुनिया भर का हवा का पानी प्रदूषण मुक्त होगा। समाज स्वस्थ और खुशहाल होगा। नदियाँ अस्मिता बहाली के लिये मोहताज नहीं होगी। धरती रहने के काबिल होगी। मिट्टी, बीमारियाँ नहीं वरन सोना उगलेगी। सारी दुनिया के समाज के लिये पृथ्वी दिवस रस्म अदायगी का नहीं अपितु उपलब्धियों का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिये सुजलाम सुफलाम शस्य श्यामलाम धरती सौंपने का दस्तावेज़ होगा।


TAGS

Why do we celebrate Earth Day?, What is the meaning of Earth Day?, Is today the Earth Day?, What is the theme of Earth Day 2017?, How can we celebrate the Earth Day?, Why did we start Earth Day?, When was World Environment Day first celebrated?, What can we do to save the planet?, Which day is celebrated as Father's Day?, Why do we celebrate as a water day?, How do you celebrate Earth Day kids?, How can we help to keep the Earth clean?, What is a teacher called?, Is Earth Day a national holiday?, hy do we celebrate World Environment Day?, What is the theme of 2017 World Environment Day?, Why do we celebrate World Population Day?, How can we save the water?, How will you save the Earth?, What is National Kids Day?, Which is Friendship Day?, Why do we celebrate Water Day?, How World Water Day is celebrated?, Prithvi Diwas in Hindi language essay, article on Prithvi Diwas in Hindi language, topic on Prithvi Diwas in Hindi font, essaywriting in Hindi language topic Prithvi Diwas, Prithvi Diwas information in Hindi language,Prithvi Diwas in Hindi words, information about Prithvi Diwas in Hindi language, Earth Day in Hindi wikipedia, essay on Earth Day in Hindi language, project Earth Day in Hindi language, 100 words on Earth Day in Hindi language, Earth Day in Hindi pdf, essay on Earth Day in Hindi language, information about Earth Day in Hindi language, Essay on Earth Day in Hindi language, Prithvi Diwas in Hindi essay, Prithawi Diwas information in Hindi, Earth Day article in Hindi, information about Earth Day in hindi language, causes of Earth Day in Hindi Language, reason for Earth Day in hindi, Earth Day causes in hindi, What is the theme of World Water Day 2017?, Which day is celebrated on 21 March?, How can we keep our environment clean?, What can be done to reduce pollution?, What is the mission of the US EPA?, What do we celebrate on Human Rights Day?, Why is Ozone Day celebrated on 16th September?, What is the theme for World Environment Day 2017?, What is the meaning of Earth Day?, What is the current world population?, What is the theme of the 2016 World Population Day?, How do we save the water?, How can we reuse the water?, What can we do to save the planet?, How do you take care of the earth?, How do we celebrate World Water Day?, What is a World Meteorological Day?, Is today National Water Day?, When was World Environment Day first celebrated?.


Earthday

हम पृथ्वी का ध्यान शायद इसलिए नहीं रख रहे हैं क्योंकि  हमें पता चल गया है की अब चाँद पैर बस्ती बसने जा रही है | देखो !!  हम चाँद को बर्बाद  करने का शुभ अवसर कब पाएंगे  ??

हम पृथ्वी का ध्यान शायद इसलिए नहीं रख रहे हैं

हम पृथ्वी का ध्यान शायद इसलिए नहीं रख रहे हैं क्योंकि  हमें पता चल गया है की अब चाँद पैर बस्ती बसने जा रही है | देखो !! hindi  हम चाँद को बर्बाद  करने का शुभ अवसर कब पाएंगे  ??  

hi my name is taibun nisa my favoiret subject sc. i m student

actually mujhe sc. bahut accha lgta h wese me ek computer designer hu my father name late shahabuddin taighi me prithwi k baare me bachpan se padhti aarhi hamari prithwi acchi hai qki ispe ham rhte hain ispe hamara jeewan h and me har 22 april ko prithwi diwas ek tree lga kr manati hu mujhe bahut khushi hoti hai aur me apni frnd ko b lagane ke liye bolti hu ye mera shouk hai mujhe har prithwi diwas par ped lagana accha lgta hai aur me ye nai k ped laga kr uhi chod deti hu balki uski dekhbaal krne me bhi koi kasar nai chodti mere kuch ped to bade b ho chuke hain ok thanks i love prithwi day

earth

aaj ka din 22 april 2016.time:4;00lagbhg subah hone waali hai,kitni shanti hai ,par thori si man me kasak hai ki subah fir wahi sound gandi hawa(air) gari ki siti sorgul man me karant si lagti hai.agar ye sab na hota to kaisa hota kya hota.par ab yah ek kalpana hai.kyu ki ab ham jaha bhi mitti khodte hai ,mitti kam or hamari sabse zarruri chiz polothin nikalti hai.jitne bhi ye plastik ki chize hai.hamari earth ko kansar pirit karti hai.agar ek minute ke liye ham yah soche ki ham manav ko food ki jgah petrol diya jay to kaisa lagega ham mar jaayenge.esi trah earth ko treee ke jagh polothin diya jaa raha hai to kya hoga kabho socha hai hamne. aaj duniya me sakti ka pardrshan atom bom pe hota hai ki ham kitne saktiman hai , na ki hamre paas kitne %tree hai ham kitne healthy hai.aaj sabhi desh ke neta u.n.o jaate hai or waha power ke baare me baat karte hai. kya ham aisa bom nahi bana sakte jo puro dunya ko 2 minute me jala dene ke bajay hara ,haryali la de na ham ye bana hee nahi sakte kyu ki ham sirf vinas kar sakte hai   kyu ki ham god nahi hai ham enshan haito kyu banate ho aiseee chiz jis se puri dunya tabah  ho jay na ki dunya me haryali aa jay jab kisi ko ham bana nahi sakte,to ujarne ka hak hame kisne diya        thanku            Earth ki my ne aap ke watavarn me janm liya thanku mom my earth

earth

good...... i was thinking same thing.. nd often try to convence many other persons... for thinking about earth... bt most of us are running blindly in d race of mordernity... following fatal rules of technology...
t think by degrees one such a day wll come where all d things of our luxury wll be availble... but one thing will be no long.... water and food

prithvi diwas

prithvi diwas

Post new comment

The content of this field is kept private and will not be shown publicly.
  • Web page addresses and e-mail addresses turn into links automatically.
  • Allowed HTML tags: <a> <em> <strong> <cite> <code> <ul> <ol> <li> <dl> <dt> <dd>
  • Lines and paragraphs break automatically.

More information about formatting options

CAPTCHA
यह सवाल इस परीक्षण के लिए है कि क्या आप एक इंसान हैं या मशीनी स्वचालित स्पैम प्रस्तुतियाँ डालने वाली चीज
इस सरल गणितीय समस्या का समाधान करें. जैसे- उदाहरण 1+ 3= 4 और अपना पोस्ट करें
1 + 1 =
Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4.