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ग्रीन ट्रिब्यूनल क्या है (What is National Green Tribunal - NGT)

Author: 
नंदिता झा
Source: 
दैनिक भास्कर, 16 अप्रैल 2015
02 जून 2010 को भारत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कानून अस्तित्व में आया। 1992 में रियो में हुई ग्लोबल यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन एन्वॉयरनमेंट एण्ड डेवलपमेन्ट में अन्तरराष्ट्रीय सहमती बनने के बाद से ही देश में इस कानून का निर्माण जरूरी हो गया था। भारत की कई संवैधानिक संस्थाओं ने भी इसकी संस्तुती की थी। नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल एक संवैधानिक संस्था है। इसके दायरे में देश में लागू पर्यावरण, जल, जंगल, वायु और जैवविवधता के सभी नियम-कानून आते हैं। पढ़िये नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल का परिचय कराता दिल्ली हाईकोर्ट की एडवोकेट नंदिता झा का आलेख।

अब जनहित याचिका के साथ एनजीटी में जाने का भी विकल्प है। एनजीटी ने असरकारक फैसले लिए हैं, जैसे मेघालय में कोयला खनन पर रोक (अगस्त 2014), जो प्रदूषण का जिम्मेदार हो वो इसकी क्षतिपूर्ति करे। रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई, रेलवे ट्रेक के किनारे बाड़ लगाना, केरल में बालू खनन पर रोक आदि ऐतिहासिक फैसले लिए। प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबन्ध भी महत्त्वपूर्ण फैसला है।

लोगों की जिज्ञासा रहती है कि एनजीटी क्या है। कौन-सा कानून लागू करती है, यह संस्था? इसका ढाँचा क्या है, आदि। कोर्ट और ट्रिब्यूनल में क्या अन्तर है? ऐसे कितने सवाल आम लोगों के मन में आते हैं। ट्रिब्यूनल यानी एक विशेष कोर्ट। इसे न्यायाधिकरण ही कहते हैं। वह क्षेत्र विशेष सम्बन्धी मामलों को ही लेता है। जैसे एनजीटी में पर्यावरण, रक्षा, वनों के संरक्षण, इससे जुड़ी क्षति-पूर्ति या लोगों को हुए नुकसान आदि के बारे में ही निर्णय लिए जाते हैं। दूसरी ओर अगर कोर्ट को देखें तो इसमें अनेक मामले आते हैं, जो विविध विषय पर आधारित होते हैं।

18 अक्टूबर 2010 को एक अधिनियम के द्वारा पर्यावरण से सम्बन्धित कानूनी अधिकारों को लागू करने एवं व्यक्तियों और सम्पत्तियों के नुकसान के लिए सहायता और क्षति-पूर्ति देने के लिए यह ट्रिब्यूनल बनाया गया। इसमें पर्यावरण संरक्षण, वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों से सम्बन्धित मामलों के प्रभावी और त्वरित निपटारे भी किए जाते हैं। यह ट्रिब्यूनल सिविल प्रोसीजर कोड 1908 के अन्तर्गत तय प्रक्रिया द्वारा बाधित नहीं है, बल्कि यह नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्तों द्वारा निर्देशित है। इसका मुख्य केन्द्र, दिल्ली में है। इसकी चार क्षेत्रीय शाखाएं पुणे, भोपाल, चेन्नई और कोलकाता में स्थापित की गई हैं। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से इसकी अन्य शाखाएं बनाई जा सकती हैं। एनजीटी के चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज होते हैं। उनके साथ न्यायिक सदस्य के रूप में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज होते हैं। एनजीटी में सिर्फ इन कानून से जुड़ी बातों को चुनौती दी जा सकती है-

जल (रोक और प्रदूषण नियन्त्रण अधिनियम, 1974)
वन संरक्षण कानून 1980
जल (रोक और प्रदूषण नियंत्रण) उपकर कानून, 1977
वायु (रोक और प्रदूषण नियन्त्रण) अधिनियम 1981
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986
पब्लिक लायबिलिटी इन्श्योरेंस कानून 1991
जैव विविधता कानून 2002

हालाँकि वन्य जीव संरक्षण कानून 1972, भारतीय वन कानून 1927 और राज्य द्वारा जंगल और पेड़ की रक्षा के कानून एनजीटी के क्षेत्राधिकार में नहीं आते हैं। हाँ, उच्चतम न्यायालय में या उच्च न्यायालय में जनहित याचिका या सिविल सूट लाए जा सकते हैं। एनजीटी में आवेदन डालने का तरीका बहुत ही सरल है। क्षति-पूर्ति के मामलों में दावे की रकम की एक फीसदी राशि अदालत में जमा करनी होती है। पर जिन मामलों में क्षति-पूर्ति की बात नहीं होती है, उसमें मात्र एक हजार रु. की फीस ली जाती है। आदेश और निर्णय देते समय एनजीटी टिकाऊ विकास की ओर ध्यान देता है तथा पर्यावरण से जुड़ी सावधानियाँ बरतने की कोशिश करता है। यह संस्था मानती है कि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले इसकी भरपाई भी करें। कानून की सही जानकारी हो तो एनजीटी में कोई भी अपना मुकदमा स्वयं लड़ सकता है।

कैद की सजा
यदि इसके आदेश को नहीं माना जाए तो तीन साल की कैद या दस करोड़ रु. का दण्ड या ये दोनों हो सकते हैं। इससे ट्रिब्यूनल के बनने के बाद इसके अधिकार क्षेत्र के मामले दूसरी सिविल अदालतों में नहीं ले जा सकते। अपनी स्थापना से जनवरी 2015 तक एनजीटी के पास कुल 7768 केस आए। इसमें से 5167 केस में फैसले दे दिए गए पर 2601 मामलों में फैसले अभी आने बाकी हैं। भारत के संविधान में 1976 में संशोधनों के द्वारा दो महत्त्वपूर्ण अनुच्छेद 48 (ए) तथा 51 (ए) जोड़े गए। इससे पहले संविधान में पर्यावरण के सम्बन्ध में कोई प्रावधान नहीं था। 48 (ए) राज्य सरकार को निर्देश देता है कि वह पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार सुनिश्चित करें तथा देश के वनों और वन-जीवों की रक्षा करें। 51 (ए) बताता है कि नागरिकों का कर्तव्य है कि वह पर्यावरण की रक्षा करें, इसका संवर्द्धन करें तथा सभी जीवधारियों के प्रति दया का भाव रखें। हालाँकि इससे पहले भी कुछ राज्यों ने पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाए थे।

जैसे उड़ीसा नदी प्रदूषण निषेध कानून 1953, महाराष्ट्र जल प्रदूषण निषेध कानून 1969। किन्तु ये प्रयास छोटे स्तर पर थे तथा प्रभावशाली नहीं थे। पर 1972 के बाद भारत सरकार इस बारे में सजग हुई। वन्य जीव संरक्षण कानून 1972, जल प्रदूषण नियन्त्रण व रोकथान कानून 1974 आदि आए। फिर 1986 में पर्यावरण संरक्षण आया, जिसमें पिछले कानून की खामियाँ दूर की गईं। 1997 में नेशनल एनवायनरमेंट अपीलेट अथॉरिटी कानून 1997 तथा बायोलॉजिकल डायवरसिटी जैव विविधता कानून 2002 आया। यहाँ यह बताना भी अतिआवश्यक है कि जनहित याचिका की मदद से पर्यावरण को बचाने के अनेक प्रयास पिछले तीन दशकों में किए गए। हमारे देश की न्यायपालिका मानती है कि न्याय तक सबकी पहुँच हो चाहे कोई व्यक्ति गरीब, अनपढ़ या अनजान हो। एमसी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (एफआईआर 2001 एससी 1948) में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि वाहनों के कारण दिल्ली में अत्यधिक वायु प्रदूषण होता है, जिससे मनुष्य के जीवन के अधिकार का हनन होता है। इसलिए निर्देश दिए गए कि दिल्ली में सार्वजनिक वाहनों को सीएनजी से चलाए।

चर्च ऑफ गॉड इन इंडिया बनाम केके आर मजेस्टिक कॉलोनी वेलफेयर एसो. (एफआईआर 2000 एससी 2773) याचिका में ध्वनि प्रदूषण पर न्यायालय ने सख्ती दिखाई और कहा कि ध्वनि प्रदूषण के कारण अनुच्छेद 21 में दिए अधिकार का उल्लंघन होता है।

अब जनहित याचिका के साथ एनजीटी में जाने का भी विकल्प है। एनजीटी ने असरकारक फैसले लिए हैं, जैसे मेघालय में कोयला खनन पर रोक (अगस्त 2014), जो प्रदूषण का जिम्मेदार हो वो इसकी क्षतिपूर्ति करे। रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई, रेलवे ट्रेक के किनारे बाड़ लगाना, केरल में बालू खनन पर रोक आदि ऐतिहासिक फैसले लिए। प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबन्ध भी महत्त्वपूर्ण फैसला है।

लेखिका दिल्ली हाईकोर्ट की वकील हैं।

 

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आसमान से बरसती राख से परेशान ,राख से फसलो की बर्बादी के बारे ।

नमस्कार,हम गांव दिनोद जिला भिवानी के रहने वाले है।हमारे गांव के नजदीक बिजली बनाने की फैक्ट्री लगी हुई है(जिम्को एनर्जी प्राइवेट लिमिटिड)जिससे पूरा दिन धुंआ व राख निकल कर नजदीक के 5-6गांव में बरसती रहती है।इससे गांव में सांस लेने में तकलीफ व आंखों में जलन होती रहती व राख की तादाद इतनी है कि न ही तो घर के बाहर बैठ सकते और न कपड़े धोकर सूखा सकते ।
हम बार बार इन मिल चुके है लेकिन ये कोई समाधान नही कर रहे।10 किलोमीटर रिडिस(चारो तरफ) के गांवों का वातावरण दूषित हो चुका है।
हमारा आपसे उचित कार्यवाही की मांग करते हैं।ताकि 25000 की आबादी के गांव में महामारी ना फेले। अपनी व अपने बच्चों की जिन्दगी की आपके विभाग से दुआ मांग रहे है।
आशा करते है कि आप जल्द ही कार्यवाही करेंगे।

परदुसण बाबत

हमारे गाव कोलिया जिला नागौर राजस्थान मे हमारे खेत के पास बनी पथर तुङाई कि मसिन से होने वाले परदुसण से हमारे खेत बनजर हो गया हैअत आप ईसपर कार वाई करे

ग्रेटर नोएडा में भारी मात्रा में हो रहे भू जल दोहन के सम्बंध में

श्रीमान जी
उत्तर प्रदेश में जनपद गौतम बुद्ध नगर (ग्रेटर नोएडा) के गांव चिटहेरा एवं पल्ला में एक पाईप लाइन डालने के नाम पर भारी मात्रा में शुद्ध भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है जिसकी शिकायत यहा का जिलाधिकारी से भी की जा चुकी है परंतु कोई कार्यवाही नही हुई। यहाँ पिछले 2माह से करीब 150से200 बोरवेल कर के रात दिन जमीन से पीने योग्य पानी को निकाल कर साथ मे बह रही नहर में डाला जा रहा है जिससे यहाँ आसपास के गाँवो का वाटर लेविल भी बहुत तेजी से गिरता जा रहा है जो बहुत गंभीर समस्या है क्योकि यहा किसी भी आसपास के गांव में सरकार द्वारा पीने का पानी का कोउ इंतज़ाम नही है ओर अगर इसी तरह यहा जल दोहन होता रहा तो कुछ माह में लोगो को पीने के पानी की बड़ी किल्लत हो जाएगी एवं किसानों को खेती करने में भी जो बहुत ही गंभीर समस्या होगी। कोई उचित कानूनी कार्यवाही अथवा कोई रास्ता बताये जिससे यहा हो रहे जल दोहन को रोका जा सके और इन लोगो पर कार्यवाही हो सके।
संदीप भाटी
989974585810

Kachre me Aag lagane ke sandarbh me

Shriman Ji Se Mera Anurodh hai ki Jila Firozabad main Jaga Jaga conjuring ko nashta Na Kar Ke Anu ko Jala Diya jata hai us se jo dhooma nikalta hai bahut hi Zehreela Hota Hai इसकी वजह से यहां काफी बीमारियां फैल रही हैं आपसे अनुरोध है कृपया फिरोजाबाद की जनता को आप राहत देने की कृपा करें

MERE GAV ME DINESH MINERAL PVT.LTD KI VJA SE HO HRE PARESANE GAO

HIII DEAR SIR....           ME GAV CHAINPURA TH,NIWAI,DIS,TONK KA RAHNE VALA HU MERE GAV ME EK FACTRY SANCHALIT HAI US ME PATTER GRIEND KA KAAM HOTA HAI GEES KI VJHA SE SILIKA  BEMARE HO RHE HAI SILIKA PATTER KI PESSAI HONE SE JO DUUUL HAWA ME HAI US KE VJA SE BUT ZYDA PRESAANE HO RHE HAI RAJASTAN GOVT, KO MENE KHUB SIKAYT KI KUCH NHHE HUA SO AAP KO ME YE BEEJ RHA HU POLISON BORD BUT BEEEKAAR HAI RAJASTAN KA .....ME BUT ZYDA PRESSSAN HU AAP LOGO SE BAAT HO SKTE HAI YA AAP LOG ES MSJ SE HM LOGO KE OROBLM SOLVW KREGE......  THANKS  OM PRAKASH8764099930

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sand mafia in satluj river punjab

sand contractor not follow any peramitar or guideline by as per law local polition police total admistration involav havy popline jcb number of thousands truk carry sand from river

about severage water open area

Dear Sir/Madem, I am resident of Sector 87 Faridabad, and our society and other society not having sewer line due to this tanker mafia is activated and so may truck are running on daily basis carrying sewer water and release open area please take action to sewer line and stop to release in open area

Khanan sambandhi sikayat

Mere gaon Jakhpant Dist Pithoragarh Uttarakhand me khanan mafiyaon dwara paharo ko khoda ja rha hai. Kai bar poore gram vasion dwara DM ko bhi sikayat Kar di hai, lekin phir bhi Koi kadam nahi uthaya jata h. Khanan se sare gramvasi paresaan h. Evm gaon ke lie yah khatra Bana Hua hai sath hi paryavaran doosit ho raha h, aapse nivedan h ki uchit karyvahi Karen. Dhanyvad

Prathi
Girish Chandra Pant
Gramvasi

ध्वनि प्रदूषण से संबन्धित

श्रीमान महोदय जी
मैं आशीष मिश्रा निवासी इंदरगढ़ दतिया का हु मेरे पडोसी ने लोहा पीटने की मशीन लगा ली है जिसके चलने से तेज ध्वनि निकलतीं है कि सुनना मुश्किल हो जाता है मैंने mp हाइकोर्ट मैं याचिका दायर की थी जिसमें cmo को अधिकृत किया गया था उसके बाद हाइकोर्ट की डबल बैंच ने sdm को ट्रांसफर कर दिया जो कि मैंने नही माना क्योंकि जिस sdm का आर्डर हाइकोर्ट ने खारिज किया और वापिस उसी के पास चला गया हालांकि कोई आर्डर एल्लो नही किया जिसके उपरान्त मैंने rp हाइकोर्ट मै लगा दी जिसकी सुनवाई महीनो नहीं होती तो क्या मैं ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ NGT जा सकता हूं

नंदिविहार कवर्धा में ट्रकों द्वारा किए जा रहे वायु और ध्वनि प्रद

महोदय,
मैं भोरमदेव कवर्धा का निवासी हूँ। हमारे निवास से लगभग 200 मीटर की दूरी पर यातायात नगर का कार्यिलय है।जिसके चलते निर्धारित स्थानो को छोड़कर महमारे घर के पास ट्रकों को ट्रक आपरेटर खड़ी करते हैं जिससे अत्यधिक मात्रा में धूल एवं धुवाँ हमारे घरों में भरता है। साथ ही वे प्रेशर हार्न बजाते रहते है एवं ट्रकों को खड़ी करने और स्टार्ट करने में बहूत समय तक एक्सीलेटर दबाते हैं। एकाध ट्रक हो तो ठीक यहाँ लगातिर ट्रकों के शुरू होने और बुझाने का शोर होता रहता है।

वायु प्रदूषण रोके जाने के संबंध में!

आपसे निवेदन इस प्रकार है कि जनपद शाहजहांपुर के गांव जमौर स्थित के आर पेपर मिल कयी बर्षो से लगातार यहां की हवा व पानी मे जहर घोलने का काम कर रही है।मिल की चिमनियाँ अत्यंत छोटी होने के कारण जहरीला धुँआ उगल रही हैंऔर वायु को दूषित कर रही हैं जिसे यहां के आस पास के सैकडों गाँवो के लोग जहरीली हवा में श्वसन कर तिल तिल मरने को मजबूर है और अस्थमा,क्षय रोग जैसी गम्भीर बीमारियो से जूझते हुए मर रहे हैं!यदि जल्द इसे रोका नहीं गया तो यहां बडी जनहानि होने से कोई रोक नहीं सकता!
मुकेश दीक्षित
ग्राम व पोस्ट मुरछा
शाहजहांपुर,-242001(उत्तर प्रदेश)
9628180000

ब्रक्षो को कटने से बचाने हेतु

श्रीमान जी पिछोर तहसील जिला शिवपुरी म.प्रदेश के ग्राम पिछोर मे आज से 20 बर्ष पहले एक पहाड़ी का नाम मुन्डा पहाड़ी था उसका कारण था बहा एक भी पैड नहीं था आज से 20बर्ष पूर्व बहा बने हनुमान जी के छोटे से मंमिर पर श्री राम चरित्र मानस पाठ भक्तों द्वारा प्रारंभ किया गया जो अनवरत रूप से आज भी अखंड पाठ जारी वही पहाड़ी पर भक्तों द्वारा कडी महनत कर हजारों की संख्या मे पैड लगा कर जन मानस का ध्यान पर्यावरण की तरफ आकर्षित किया परन्तु अभी हालके दिनो मे पिछोर नगर पालिका मे एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके तहत बहा पार्क निर्माण किया जायेगा जिससे काफी फल दार और अन्य पैडो को नुकसान पहुचे गा साथ हीं बहा पर लोगों द्वारा लगाए गये पैड खत्म होने की आशंका है श्रीमान जी से निवेदन हैं पर्यावरण सुरक्षा हेतू पार्क निर्माण पर रोक लगाने की कृपा करे

ब्रक्षो को कटने से बचाने हेतु

श्रीमान जी पिछोर तहसील जिला शिवपुरी म.प्रदेश के ग्राम पिछोर मे आज से 20 बर्ष पहले एक पहाड़ी का नाम मुन्डा पहाड़ी था उसका कारण था बहा एक भी पैड नहीं था आज से 20बर्ष पूर्व बहा बने हनुमान जी के छोटे से मंमिर पर श्री राम चरित्र मानस पाठ भक्तों द्वारा प्रारंभ किया गया जो अनवरत रूप से आज भी अखंड पाठ जारी वही पहाड़ी पर भक्तों द्वारा कडी महनत कर हजारों की संख्या मे पैड लगा कर जन मानस का ध्यान पर्यावरण की तरफ आकर्षित किया परन्तु अभी हालके दिनो मे पिछोर नगर पालिका मे एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके तहत बहा पार्क निर्माण किया जायेगा जिससे काफी फल दार और अन्य पैडो को नुकसान पहुचे गा साथ हीं बहा पर लोगों द्वारा लगाए गये पैड खत्म होने की आशंका है श्रीमान जी से निवेदन हैं पर्यावरण सुरक्षा हेतू पार्क निर्माण पर रोक लगाने की कृपा करे

श्रीनगर रोड़ न० 43 पर

श्रीनगर रोड़ न० 43 पर महेन्द्रा पार्क चौक श्री नगर पार्क दिल्ली 10034 में रावण दहन नही करने हेतू:-

मान्यवर

निवेदन है कि श्री नगर( रोड़ न० 43 महेन्द्रा पार्क चौक, )में एक छोटा पार्क है जिसमे रामलीला आयोजक रावण दहन करते है पहले आयोजक रोड़ न० 43 पर रावण दहण करते थे लेकिन पुलिस द्वारा मना करने पर वह पार्क के अन्दर रावण दहन शुरू करने लगे जो बिल्कुल गलत है पार्क के नजदीक काफी मकान है जिससे रावण दहण के समय काफी काफी प्रदुषन बना रहता है तथा जिसमे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है,
पेड़ पौधे भी जल जाते है ,पौधे लगे होने के कारण से भी यह पार्क रावण दहण के लिए ठीक नही है आपसे श्री नगरवासी नम्र निवेदन करते है कि आयोजको को रावण दहण करने की अनुमती न दी जाये हम सब आपके आभारी होगे।

मध्यप्रदेश शासन की सीलिंग भूमि किसी व्यक्ति विशेष के नाम कर दी

बताएं क्या हो सकता है
संजय अग्रवाल अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

नर्मदा प्रदूषण रोकने वावद

मोहदय जी,
में जिला मण्डला मध्यप्रदेश का वासी हूँ मेरे मण्डला जिले में रपटा घाट में निरमा, साबुन, शेम्पु, प्लास्टिक का उपयोग पर्याप्त मात्रा में हो रहा हे प्लास्टिक कूड़ा नर्मदा में दाल दिया जाता हे जिससे की नर्मदा का जल जहर बन रहा हे मेरी शिकायत और बिनती हे की कार्यवाही की जाए।
नर्मदा के जल को जहर बनने से रोके
अमन मिश्रा
मण्डला
मध्यप्रदेश

Control pollution

To reduce the pollution by mass plantation of neem, peepal and burgad on the road side with the target that all roads should be covered with the shadow, it will help decrease the temperature by at least 2-3 degrees as per the studies. Also we can make mandatory for all the new roads to be made in future to follow this rule

Govardhan parikrama marg me jamin ko ngt dwara adigran karna

Sir
Hamne 2015 me govardhan parikrama marg me plot liya tha
Uski registry h hamare pas but ngt hame nirman nhi karne de Raha h
To pahle jamin me plot ki registry q karne di
Ab ham kya kare

धामनोद जिला रतलाम में मन मर्जी से विंड कंपनी जंगल जमिन तबाह कर र

विंड कंपनी ने श्रेत्र में गोचर,वन्य , भूमि पर जहा मर्जी वहा बिना रोक टोक अवेध उत्तखनन किया , बैहिसाब हरे पैड़ काटे मशिनो से पैड़ो को उखाडे़ टिलों पर जगह जगह उत्तखनन कर खदाने बनादिया गया ।
सिकायत कहा करें स्थानिय जवाबदारों ने कोई कारवाई नही की है।।

रेत का सिंध नदी के चरोदा सिलावन घाट से अवैध उत्खनन के संबंध में

माननीय महोदय , Madhya Pradesh ke अशोकनगर जिले में सिंध नदी पर ग्राम चरोदा सिलावन घाट के नजदीक अवैध उत्खननकर्ताओं दुआरा रातदिन रेत की खुदाई कर नदी के घाट पर डाली जाती है और फिर निर्माणाधीन मसाला फेक्टरी के ठेकेदारों और आस पास की ग्राम पंचायतों में शासन के राजस्व का नुकसान कर रेत बेची जा रही हैं . रेत की धुलाई में लगे हुए डंफर , ट्रेक्टर ट्रॉलियों का कोई इ खनिज का पंजीयन नहीं है , और ग्राम वासियों को बिना कट्टे के महँगी दर से बजरी दे रहे हैं. दिन में बैखोफ तरीके से रेत का खनन कर घाट पर इकठ्ठी की जाती हैं और रातोरात रेत को ठिकाने लगा दिया जाता है जिससे खनिज विभाग को तो नुकसान उठाना पड़ ही रहा है साथ ही साथ पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी जल जीवों पर हो रहा हैं सो अवैध उत्खननकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही करवाने की किरपा करें  Please action earliest because locally political persons are involved in this illegali activities. and his help local police and support lower employee of police, revenue and  e khanij department. so time to time take action against illegal workers of Ret, muram  Ek Jagruk NagrikAam AdmiTehsil & Distt. Guna And Ashoknagar(Madhya Pradesh)  

Makan toda h muvavja milna chahiye

Ngt
govardhan parikrama marg me makan h Jisse mathura vikas pradhikaran ne tod diya
Plz hame manourI milni chahiye
Mob 8954920599.

ग्राम लछमनपुरा जिला  झाँसी

ग्राम लछमनपुरा जिला  झाँसी उ.प्र. में कई स्टोन क्रशर लगे हुए है जो नियम कानून की अनदेखी कर के रात दिन डस्ट उड़ा रहे है जिला प्रसाशन आखे बंद कर के बेठा है  कोई सुनवाई नहीं हो रही है  मुझे क्या करना चाहिये  

नदी किनारे निर्माण कार्य

सर जी नमस्कार कोटद्वार लैंसडाउन रोड पर नदी से कुछ दूरी पर होटल निर्माण कर दिया गया है जोकि नदी अधिक दूरी पर स्थित नहीं है

सर जी नमस्कार कोटद्वार

सर जी नमस्कार कोटद्वार लैंसडाउन रोड पर नदी से कुछ दूरी पर होटल निर्माण कर दिया गया है जोकि नदी अधिक दूरी पर स्थित है

allergy of smoke/agarbati etc.

kirpa karke bataaye ki yadi mujhe agarbati ke  dhuyen (smoke) se allergy aur hamare ghar ke pas ek shop main agarbati morning and evening main jagane (approx 1.00 hrs each occasion) se kese roka ja sakta hai.        many times kahane par bhi koi asar nahi ho raha hai.  Kya kisi ki pooja hamare swasth jeevan ke adhikar se bari hai ? Kya Kya provision hain ? Kirpa karke detail main batayen.  

Sasur Khaderi Nadi Me Encroachment ALLD.

1Kuch Log Prasasan se milkar aur Sasur Khaderi Nadi Ko Pat Kar illegal Solitary Valley Collony Nirman Kar Rahe Hai Jo Mauza Jalalpur Ghosi Tehsil Sadar District Allahabad me Atta hai. Kya Unpar ACTION HOGA.

Sasur Khaderi Nadi Me Encroachment ALLD.

1Kuch Log Prasasan se milkar aur Sasur Khaderi Nadi Ko Pat Kar illegal Solitary Valley Collony Nirman Kar Rahe Hai Jo Mauza Jalalpur Ghosi Tehsil Sadar District Allahabad me Atta hai. Kya Unpar ACTION HOGA.

enchrochment on rural river

kindly guide me that where we approchfor removel of enchrochment on my village river.where some person  enchrochment on river. they make it there income source by selling bajari. how i save my river land.

Pollution

श्रीमान
मिनरल फैक्ट्री मै फेल्डसपार पाउडर क्वार्टस पाऊडर से जबरदस्त पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है जिससे यहा काम करने वालो के सिलोकोसिस जैसी लाईलाज बिमारी हो रही है व राजस्थान का पॉल्यूशन विभाग आखे मिच कर बैठा है
अतः आप महोदय इस प्रदूषण पर रोक लगवाने के लिये ठोस कदम उठाये

Heavy Sound intensity by motorbikes used by milkman

There are so many motorbikes of milkman's the distrute the milk to our area. They removes there silancer from their motorbikes. Due to this in running, heavy Sound intensity irritate our ears daily.for avoiding these conditions what can we do, any act for this?
Dr RK Gupta Jabalpur MP

नगर निगम मेरठ की कूड़ा उठाने वाली गाडियों के संदर्भ में

 महोदय ,              मेरठ नगर निगम द्वारा संचालित कूड़ा उठाने वाली गाडियों के सम्बन्ध में मुझे एक जनहित याचिका लगानी  है क्रप्या मार्गदर्शन करें l धन्यवाद  अनुज त्यागी मेरठ 8979379657

nagar palika dvara kuda dale

nagar palika dvara kuda dale jane pr rok lgvane hetu margdarsan krvaya jaye pleaes

lopping of pine tree

respected sir      I am resident of village Gadwagad Patti Nandalsue Pauri Garhwal .My father was posted in different distt. of U p . I am also  retired persion . During my FatherJob and my job period our patternal land has converted in forest . Now I have planted 750 bamboo plants in own landbut i am Affraid by fire as u are aware last year forest fire has ruined thousands of killometer forest It is due to bad management of forest The pine tree is the main cause of fire . the pine leaf has rasin and has the tendecy of fire theirfore I request you to kindly instruct the Forest Department to give permission  of lopping the tree & removal purmission . If it is not possible to grant purmission then instruct  protect my plantation and grant Rs1000/ per annum per tree as found in my field. to inssure meal to my kids  with regardsushil nautiyalh n ~ 227 phase 1vasat vihar p o new forestdehradun

lawyer

i need a job 

पेड़ों में तेज़ाब डालने के सन्दर्भ में।

मान्यवर
निवेदन इस प्रकार है कि मैं डी-2/226,नेहरू विहार,करावल नगर रोड,दिल्ली-110094,का निवासी हूँ हमारे घर के बाहर गली में तीन पेड़ लगे हुए थे तो हमारे पड़ोस में रहने वाले रहिस कुरैशी नामक व्यक्ति ने अपने जानने वाले वसीम नामक व्यक्ति से दिल्ली जल बोर्ड तथा दिल्ली नगर निगम में पेड़ों को हटाने के लिए शिकायत करवा दी लेकिन दिल्ली जल बोर्ड व् दिल्ली नगर निगम ने जब पेड़ों को नहीं हटाया तब वसीम से रहिस कुरैशी ने कोर्ट में पेड़ों को हटाने के लिए केस डलवा दिया अब जबकि केस कोर्ट में चल रहा है फिर भी रहिस कुरैशी तथा वसीम ने एक एक करके तीनों पेड़ों में तेज़ाब डालकर पेड़ों को मार दिया है हमने इसकी शिकायत थाने में भी दी है फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि रहिस कुरैशी व् वसीम पर कानूनी कार्यवाही की जाये तथा जो पेड़ इन्होंने जला कर मार दिए हैं उन्हें पुनः लगाया जाये आपकी अति कृपा होगी।
धन्यवाद
प्रार्थी
कमल
डी-2/226,नेहरू विहार,करावल नगर रोड,दिल्ली-110094
9911117275

NGT progess for pollution control in up

Please done a justice for our jeevan

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