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शुल्क नियम-तुलनात्मक तालिका (Duty Rules-Comparative Table)

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भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय, 2005

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परिशिष्ट 3 : अपील के नियम


(30 सितम्बर 2006 की स्थिति के अनुसार)
केन्द्र व कुछ राज्य सरकारों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अपील के नियम निर्धारित किए हैं। सीएचआरआई ने यहाँ सभी नियमों को प्रस्तुत नहीं किया है, क्योंकि वे काफी विस्तृत हैं और उनका सार-संक्षेप प्रस्तुत करने में महत्त्वपूर्ण सूचनाओं के छूट जाने का खतरा है।

सामान्य रूप से अपील के नियम उन प्रक्रियाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं जो नागरिकों को किसी विभागीय अपील प्राधिकारी या सूचना आयोग के पास अपील करने के लिये अपनानी चाहिए। केन्द्र सरकार के अपील नियमों की प्रति के लिये कार्मिक, जन शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के सूचना अधिकार वेबसाइट : http://rti.gov.in/पर लॉग ऑन करें। आपकी राज्य सरकार के अपील सम्बंधी नियम को देखने के लिये आप राज्य सरकार के आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग ऑन कर सकते हैं।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि सूचना अधिकार अधिनियम अपील के लिये कोई शुल्क अदा करने की मांग नहीं करता, लेकिन कुछ राज्य सरकारों ने अपने नियमों में अपील शुल्क का प्रावधान किया है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत इस तरह का शुल्क वैध नहीं है। आप अपने राज्य सूचना आयोग के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं कि आयोग इन शुल्कों को गैर-कानूनी घोषित करे और सार्वजनिक प्राधिकरणों को आदेश दे कि अपील शुल्क न लें। जिन राज्यों ने अपने नियमों में अपील शुल्क का प्रावधान किया है, उनकी सूची नीचे दी गई हैः



 

सरकार

अपील प्राधिकारी के यहाँ अपील करने का शुल्क

सूचना आयोग के यहाँ अपील करने का शुल्क

शुल्क अदायगी का तरीका

अरुणाचल प्रदेश

शून्य

50 रु.

ट्रेजरी चालान

मध्य प्रदेश

50 रु.

100 रु.

नकद/गैर-न्यायिक स्टाम्प

महाराष्ट्र

20 रु.

20 रु.

पावती पर नकद/डिमांड ड्राफ्ट/बैंकर चैक/कोर्ट फ्री स्टांप

उड़ीसा

20 रु.

20 रु.

कोर्ट फ्री स्टाम्प

बिहार

50 रू.

शून्य

कोर्ट फ्री स्टाम्प

 

Suchna Ayogपतापता

परिशिष्ट 5: संसाधन व सम्पर्क-सूत्र


भारत सरकार का सूचना के अधिकार पर वेबसाइट
कार्मिक, सार्वजनिक शिकायत व पेंशन मंत्रालय का सूचना के अधिकार पर आधिकारिक वेबसाइट जो सूचना अधिकार अधिनियम और केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के सम्पूर्ण पाठ तक लिंक प्रदान करता है : http://righttoinformationti.gov.in

सूचना का अधिकार - अ सिटिजन गेटवे
भारत सरकार द्वारा नागरिकों को वेब पर सरकारी विभागों द्वारा प्रकाशित सूचनाओं तक पहुँच उपलब्ध कराने के लिये विकसित किया गया एक सूचना अधिकार पोर्टल : http://rti.gov.in/

केन्द्र का सूचना आयोग
केन्द्रीय सूचना आयोग का आधिकारिक वेबसाइट जो नागरिकों को आयोग के कार्य-संचालन, इसकी निर्णय प्रक्रिया, अपीलों व शिकायतों पर फैसलों के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है : http://www.cic.gov.in

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनीशिएटिव
भारत में सूचना अधिकार आंदोलन की व्यापक पृष्ठभूमि सहित केन्द्र व राज्यों सरकारों में इस संदर्भ में हुई प्रगति व घटनाक्रम के विवरणः ईमेलःchriall@nda.vsnl.net.in वेबसाइट:http://www.humanrightsinitiative.org/programs/ai/rti/india.htm

राष्ट्रीय जन सूचना अधिकार अभियान
यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर सूचना के अधिकार की पैरवी करने के लिये आयोजित किया गया था। यह एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है जिस पर देश भर के नागरिक समाज के समूह, कार्यकर्ता और व्यक्ति सूचना के अधिकार पर अपने अनुभवों को बांट सकते हैं। साथ ही यह सरकार तथा व्यक्तियों के बीच चर्चा, बहस और पैरवी का भी मंच है। ईमेल : ncprimailinglist@yahoogroups.com, वेबसाइट : www.righttoinformation.info

इंडिया राइट टू इंफार्मेशन ब्लॉगस्पॉट
एक ऑनलाइन ब्लॉग जिस पर देश भर में सूचना के अधिकार पर होती बहसों, उससे सम्बंधित समाचारों और सूचनाओं के अद्यतन विवरण मौजूद हैं :http://www.indiarti.blogspot.com

परिवर्तन (नई दिल्ली)
दिल्ली में सूचना के अधिकार पर काम करने वाला एक मुख्य नागरिक समूह जिसने सूचनाओं तक पहुँच बनाने के लिये दिल्ली सरकार से किए गए अपने संघर्षों की नियमित रूप से रपट दी है और सफलतापूर्वक सूचना के अधिकार का उपयोग किया है:http://www.parivartan.com/

हम जानेंगे (ऑनलाइन डिस्कशन बोर्ड, महाराष्ट्र)
एक ऐसा ऑनलाइन डिस्कशन बोर्ड जो भारत में सूचना के अधिकार के उपयोग और कार्यान्वयन की निगरानी पर केन्द्रित है और जो इस अधिकार से सम्बन्धित मुद्दों/समस्याओं तथा सफलताओं में साझा करने का एक मंच प्रदान करता है। ‘हम जानेंगे’ की नेटवर्किंग का प्रमुख तरीका उनका लिस्टसर्व है जहाँ जनता के सभी सदस्य सूची में अपना नाम दर्ज कर भागीदारी कर सकते हैं: humjanenge@yahoogroups.co.in

क्रिया कट्टे (KRIA Katte) (ऑनलाइन डिस्कशन बोर्ड, कर्नाटक)
कर्नाटक में सूचना के अधिकार में दिलचस्पी रखने वाले सभी समूहों और व्यक्तियों के लिये मिलने, अनुभवों में साझा करने और सूचना के अधिकार के बारे में जागरुकता का प्रसार करने वाला एक ऑनलाइन मंच। यह समूह कर्नाटक और समूचे देश में सूचना अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की निकटता से निगरानी करता है। ई-मेल: kria@yahoogroups.com, वेबसाइट:http://groups.yahoo.com/group/kria

सीएचआरआई के कार्यक्रम
सीएचआरआई का आधार यह मान्यता है कि मानवाधिकार, सच्चा लोकतंत्र और विकास लोगों के जीवन में तभी चरितार्थ होंगे जब कॉमनवेल्थ और इसके सदस्य देशों में जवाबदेही और भागीदारी के ऊँचे मानदंड और सक्रिय व्यवस्थाएं होंगी। इसलिए और साथ ही एक व्यापक मानवाधिकार पैरवी कार्यक्रम के रूप में सीएचआरआई शोध, प्रकाशनों, कार्यशालाओं, सूचना प्रसार तथा पैरवी कर्म के जरिए सूचना तक पहुँच और न्याय तक पहुँच की पैरवी करता है।

मानवाधिकारों की पैरवीः सीएचआरआई मानवाधिकारों की पैरवी के लिये आधिकारिक कॉमनवेल्थ संस्थाओं और सदस्य सरकारों को नियमित रूप से अपने दस्तावेज सौंपता है। सीएचआरआई समय-समय पर तथ्यान्वेषी मिशन गठित करता है और 1995 के बाद नाइजीरिया, जांबिया, फिजी द्वीप समूह और सियारा लियोन में मिशन भेज चुका है। सीएचआरआई कॉमनवेल्थ मानवाधिकार नेटवर्क में समन्वय बनाने का काम भी करता है। यह नेटवर्क मानवाधिकारों की पैरवी के लिये सामूहिक शक्ति निर्मित करने हेतु विविध समूहों को एक मंच पर लाता है। सीएचआरआई की मीडिया यूनिट सुनिश्चित करती है कि मानवाधिकारों से सम्बन्धित मुद्दे जन चेतना का अंग बनें।



सूचना तक पहुँच


सूचना का अधिकारः सीएचआरआई नागरिक समाज और सरकारों को कार्रवाई करने के लिये प्रेरित करता है, एक मजबूत कानून के समर्थन में तकनीकी विशेषज्ञता के केन्द्र के रूप में काम करता है और भागीदारों को अच्छे व्यवहारों को कार्यान्वित करने में सहयोग देता है। सीएचआरआई सरकार और नागरिक समाज का क्षमता निर्माण और साथ ही नीति निर्माताओं के साथ पैरवी करता हुआ स्थानीय समूहों और अधिकारियों के साथ सहभागिता में काम करता है। सीएचआरआई दक्षिण एशिया में सक्रिय है। हाल ही में इसने भारत में एक राष्ट्रीय कानून के लिये चलाए गए सफल अभियान को समर्थन दिया है। सीएचआरआई अफ्रीका में कानूनी प्रारूप लेखन में समर्थन और अन्य सहयोग देता है; प्रशांत क्षेत्र में यह सूचनाओं तक पहुँच प्रदान करने वाले कानून में दिलचस्पी पैदा करने के लिये क्षेत्रीय और राष्ट्रीय संगठनों के साथ काम करता है।

संविधानवादः सीएचआरआई की मान्यता है कि संविधान लोगों द्वारा बनाए और अपनाए जाने चाहिए और उसने एक परामर्शपरक प्रक्रिया के जरिए संविधान बनाने और उनकी समीक्षा करने के लिये दिशानिर्देश विकसित किए हैं। सीएचआरआई जन शिक्षण के जरिए संवैधानिक अधिकारों के ज्ञान को बढ़ावा देता है और इसने कॉमनवेल्थ संसदीय एसोसिएशन के लिये वेब-आधारित मानवाधिकार मॉड्यूल विकसित किया है। चुनावों से पहले सीएचआरआई ने चुनावों की निगरानी करने, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को उम्मीदवार बनाने का विरोध करने, मतदाताओं को शिक्षित करने और प्रतिनिधियों के कार्य-प्रदर्शन की निगरानी करने के लिये नागरिक समूहों के नेटवर्क निर्मित किए हैं।



न्याय तक पहुँच


पुलिस सुधारः बहुत सारे देशों में पुलिस को नागरिकों के अधिकारों के रखवालों की बजाय राज्य के एक आक्रामक औजार के रूप में देखा जाता है और इसके परिणामस्वरूप व्यापक पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है तथा लोगों को न्याय से वंचित रखा जाता है। सीएचआरआई व्यवस्था में सुधारों को बढ़ावा देता है ताकि पुलिस वर्तमान शासन व्यवस्था के उपकरण की बजाय कानून के शासन को बरकरार रखने वाली संस्था के रूप में काम करे। भारत में सीएचआरआई के कार्यक्रमों का लक्ष्य पुलिस सुधारों के लिये जन समर्थन जुटाना है। पूर्वी अफ्रीका और घाना में सीएचआरआई पुलिस की जवाबदेही से सम्बन्धित मुद्दों और राजनीतिक हस्तक्षेप की जाँच-पड़ताल कर रहा है।

जेल सुधारः जेलों की बंद प्रकृति उन्हें मानवाधिकारों के उल्लंघनों का मुख्य केन्द्र बना देती है। सीएचआरआई का उद्देश्य है कि लगभग निष्क्रिय पड़ी दौरा व्यवस्था को फिर से सक्रिय बना कर जेलों को सार्वजनिक निरीक्षण के लिये खोला जाए।

न्यायिक संगोष्ठियांः इंटरराइट्स (INTERRIGHTS) की सहभागिता में सीएचआरआई ने न्याय तक पहुँच, विशेषकर समुदाय के सीमांत वर्गों के लिये, से सम्बंधित मुद्दों पर दक्षिण एशिया में न्यायाधीशों के लिये संगोष्ठयों की एक श्रृंखला आयोजित की है।
 


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Rti act 2005

Mene rti act 2005 ke tahat 2 application lagai hai 2 application se ek saman suchna chahi gyi hai, to government office ne ek application ke liye to 4000 rupees fee magi hai jabki dusri application ki koi letter nahi diya, es karan mene dusri application ki 1st apil ki hai .
As apko bta du ki dono application se ek saman suchna magi hai, ek jesi, plz aap btao mene sahi kiya ya galat.

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