Latest

कीड़े-मकौड़े भी वन्यजीव ही हैं!

Author: 
इसाक केहिमकर
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

इसाक केहिमकर

भीमकाय प्रेम

Author: 
आर सुकुमार
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

आर सुकुमार

सांपों का दीवाना

Author: 
रोमोलस विटेकर
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

रोमोलस विटेकर

एक वनस्पतिशास्त्री का मनन-चिंतन

Author: 
प्रोफेसर एच वाय मोहन राम
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

प्रोफेसर एच वाय मोहन राम

चिड़ियाघर में बड़े होना

Author: 
एस्थर डेविड
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

एस्थर डेविड

एक नयी दुनिया की खोज

Author: 
कार्तिकेय वी साराभाई
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

कार्तिकेय वी साराभाई

अहमदाबाद से अपनी बुनियादी शिक्षा पूरी करने के बाद कार्तिकेय वी साराभाई ने केम्ब्रिज विश्वविद्यालय, इंग्लैंड से प्राकृतिक विज्ञान में ट्राईपोस की उपाधि प्राप्त की और पोस्ट ग्रैजुएट पढ़ाई एमआईटी, अमरीका में की।

पूरी पीढ़ी के लिए प्रेरणा

Author: 
सलीम अली
Source: 
अनुवादः अरविन्द गुप्ता, सेंटर फॉर इंनवायरोनमेंट एडयूकेशन

सलीम अली

चाय कितनी स्वास्थ्य वर्धक?

Author: 
प्रो. ईश्वरचन्द्र शुक्ल/संजय कुमार/ ओमप्रकाश यादव
Source: 
पर्यावरण डाइजेस्ट, 26 जुलाई 2011

हरी तथा सफेद चाय वृहदन्त कैंसर से लड़ती है तथा पेट के कैंसर के खतरों को कम करती है। गर्म चाय त्वचा कैंसर के खतरे को कम करती है। इतना ही नहीं चाय धूम्रपान से होने वाले कैंसर से भी बचाव करती है। चाय को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना जाता है हरी चाय के कुछ अवयव ल्यूकीमिया कोशिकाओं को मारने में सहायता करते हैं।

इस खबर के स्रोत का लिंक: 
http://paryavaran-digest.blogspot.com

कैसे बनता है रबर?

Author: 
डॉ. विजय कुमार उपाध्याय
Source: 
पर्यावरण डाइजेस्ट, 26 जुलाई 2011

भारत में आधुनिक विधि से रबर की खेती करीब सवा सौ वर्ष पूर्व शुरू की गई। पहले कच्चा माल ही विदेशों को निर्यात कर दिया जाता था। अब अपने देश में रबर से निर्मित अनेक वस्तुओं के उत्पादन हेतु कई कारखाने लगाए जा चुके हैं। इन वस्तुओं के निर्यात से भारत को दुर्लभ विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही है।

इस खबर के स्रोत का लिंक: 
http://paryavaran-digest.blogspot.com