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टूल्स और टेक्निक (Tools & Techniques)

जल व्यवस्थापन/ प्रबंधन एक बहुत ही बड़ा एवं पेचीदा विषय है और इस पानी के ज्ञान भंडार की विस्तृत संसार को समझने की दृष्टि से हमने इसे व्यावहारिक हिस्सों में विभाजित किया है। यहाँ पानी के छोटी अवधी एवम लम्बी अवधी के जल व्यवस्थापन/ प्रबंधन तरीकों की सूची दी गयी है। हमने हर तरीके के लिये केस स्टडी, स्लाईड शो, कोर्स तथा चलचित्र बनाया या एकत्रित किये हैं। इसके साथ-साथ हर तरीके (practice) के लिए उचित पॉलिसीज, अनुसंधान दस्तावेज, एवं रिपोर्ट एकत्रित करने का भी प्रयास किया गया है।

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वर्षाजल संग्रहण (Rainwater Harvesting)


बारिश के पानी को एकत्रित एवं संग्रहित करके आगे चलकर उसका उपयोग किसी लाभकर/ फलदायी (productive) कार्य के लिए करने की पद्धति को वर्षाजल संग्रहण कहा जाता है। किसी भी वर्षाजल संग्रहण के तीन घटक होते हैं: पानी इकठ्ठा करना, उसे किसी जगह तक ले जाना, एवं उसका संग्रह करना। वर्षाजल संग्रहण के सफल कार्यान्वयन के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। बारिश के पानी का संग्रहण कार्यक्षमता के साथ करने के लिए मूल एवं नवीनतम जानकारी प्राप्त करें। इसके अलावा कुछ सफल वर्षाजल संग्रहण प्रणालियों का भी अभ्यास करें। और अधिक - >>

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कृषि (Agriculture )


यह भारत का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण अंग है, जिसमे कि पूरे देश में इस्तेमाल किए जानेवाले पानी में से लगभग 80% पानी की खपत होती है। कृषि में अच्छा जल प्रबंधन करना भविष्य की दृष्टी से जरुरी है क्योंकि इससे हमें अच्छी फसल मिलेगी और इस तरह से कुल उपज में बढोत्तरी होगी।
इस सेक्शन में आप कृषि जल प्रबंधन अभ्यास (practices) से संबंधित केस स्टडीज, कोर्सेस, फिल्में, अनुसंधान दस्तावेज एवं नीतियां देखेंगे। और अधिक - >>

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पेयजल प्रबंधन (Drinking Water Management )


पीने का पानी पाना यह मानव का मूलभूत अधिकार है। तथापि जल स्त्रोतों के गलत प्रबंधन के कारण देश के कई हिस्सों में पीने के पानी की समस्या काफी गंभीर बन गई है। इस सेक्शन में आप आम जनता को पीने के पानी की उपलब्धि से संबंधित केस स्टडिज, कोर्सेस, फिल्में, अनुसंधान दस्तावेज एवं रिपोर्टस देखेंगे। और अधिक - >>

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जल निकाय बहाली (Waterbody Restoration)


भारत के लोग सदियों से भविष्य में इस्तेमाल करने की दृष्टी से पानी इकठ्ठा एवं संग्रहित करते आ रहे हैं। किंतु जब से पानी सीधे हमारे घरों में आने लगा है तब से हम इन पारंपारिक जल स्त्रोतों की उपेक्षा करने लगे हैं।
इस सेक्शन में आप जल निकाय बहाली से संबंधित कोर्सेस, फिल्में, अनुसंधान दस्तावेज एवं केस स्टडीज देखेंगे। और अधिक - >>

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नगरीय जल प्रबंधन (Urban Water Management)


नगरीय क्षेत्र में बढ़ती हुई आबादी के कारण शहरों के सभी लोगों को नियमित रुप से पानी उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए कठीन होता जा रहा है।
इस सेक्शन में आप नगरीय जल प्रबंधन से संबंधित केस स्टडीज, फिल्में, रिसर्च दस्तावेज देखेंगे। और अधिक - >>

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भूगर्भ जल प्रबंधन (Groundwater Management )


ग्रामीण भारत में घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले पानी में से लगभग 85% पानी भूगर्भ जल (Groundwater) से उपलब्ध होता है और इसमें से 50% से भी अधिक पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह सांख्यिकी, दोनों प्राकृतिक एवं सामाजिक-आर्थिक ढ़ाँचें में भूगर्भ जल बहुत कम कार्य दिखाती है।
इस सेक्शन में आप भूगर्भ जल के रिचार्ज एवं चिरस्थायी प्रयोग के संबंध में कोर्सेस, केस स्टडीज और रिसर्च दस्तावेज देखेंगे। और अधिक - >>

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वाटरशेड विकास (Watershed Development)


वाटरशेड विकास किसी विशिष्ट वाटरशेड के सभी स्त्रोतों – प्राकृतिक (जमीन, पानी, वनस्पति, पशु) और मानवी - की सुरक्षा, पुनःनिर्माण एवं न्यायपूर्ण उपयोग का निर्देश देता है।
इस सेक्शन में आप वाटरशेड विकास से संबंधित कोर्सेस, फिल्में, रिसर्च दस्तावेज एवं रिपोर्टस् देख पाएँगे। और अधिक - >>

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सैनिटेशन (Sanitation)


आरोग्य (सैनिटेशन), मलमूत्र और हानिकारक द्रव्यों का निकास, इकठ्ठा करने तथा उसे नष्ट करने के स्वस्थ एवं सुरक्षित एवं जो व्यक्तिगत तथा संपूर्ण समाज के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं ऐसी पद्धतियों का निर्देश देता है।
सैनिटेशन से संबंधित केस स्टडीज पढ़ें। फिल्में देखें, कोर्सेस की जानकारी प्राप्त करें तथा भारत के सैनिटेशन पद्धतियों के बारे में अधिक जानकारी पढ़ें। और अधिक - >>

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अपशिष्ट जल प्रबंधन (Wastewater Management)


अपशिष्ट जल का मतलब है ऐसा पानी जिसका किसी विशेष हेतू से इस्तेमाल किया गया हो एवं जिसका पुनःउपयोग करना ठीक नहीं होता। जो अपशिष्ट जल हम उत्पन्न करते हैं उसकी मात्रा कम करना, उसका पुनःउपयोग करना एव उसे रिसायकल करना यही आज की सबसे बड़ी चुनौती है। इस सेक्शन में अपशिष्ट जल के पुनःउपयोग करने एवं उसकी मात्रा कम करने के बारे में सीखें। फिल्में देखें, केस स्टडीज पढ़ें और अपशिष्ट जल से संबंधित रिसर्च दस्तावेज तथा रिपोर्टस् पढें।और अधिक - >>

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जल गुणवत्ता (Water Quality)


खराब जल प्रबंधन के कारण भारत के अनेक सतह के तथा भूगर्भ के जल स्त्रोत दूषित हो चुके हैं। रासायनिक तथा बैक्टीरिया के कारण होनेवाले प्रदूषण की वजह से पीने के पानी के अनेक स्त्रोत दूषित होने लगे हैं एवं यह पानी पीने के योग्य नहीं रहा है। कुछ जगहों पर भूगर्भ जल में कुछ मिनरल्स की मात्रा प्राकृतिक रुप से अत्यधिक होता है, तथा नियमित रुप से ऐसा पानी पीना घातक हो सकता है। इस सेक्शन में पानी का दर्जा तथा उसे कायम रखना इसके बारे में कोर्सेस, फिल्में, स्लाइडशोज और केस स्टडीज हैं। और अधिक - >>