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जल संगठनों की गतिविधियां

भगीरथ प्रयास सम्मान 2017 के लिये आवेदन आमंत्रित


नामांकन तिथि


नामांकन भरने की अंतिम तिथि – 07 अक्टूबर, 2017
ईमेल : suresh@wwfindia.net, indiariversweek2014@gmail.com

भगीरथ प्रयास सम्मान


भगीरथ प्रयास सम्मान (बीपीएस) की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की नदियों की सुरक्षा व संरक्षण के लिये बेहतर काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है। भगीरथ प्रयास सम्मान का जोर न केवल परिणामों/प्रभावों बल्कि उन कोशिशों/प्रयासों/पहलों पर है जिनकी मदद से नदियों को संरक्षित करने की कोशिश की गयी।

हमारी कोशिश गुमनाम लेकिन प्रेरणादायक प्रयासों को सामने लाने की है, ताकि दूसरे लोग भी उनसे प्रेरणा ले सकें। इस सम्मान के लिये सरकार, संस्थान, मीडिया और भारत की सिविल सोसाइटी से जुड़े हुए व्यक्ति/संस्थान नामांकन कर सकते हैं।

आमंत्रण पत्र - विकल्प संगम 2017


. मध्य प्रदेश विकल्प संगम में (जिसमें विकास की मुख्य धारा से हटकर अन्य विकल्पों पर कार्यरत या कार्य करने के लिये उत्सुक संस्थान एवं लोग शामिल हो रहे हैं) आपको आमंत्रित करते हुए प्रसन्नता हो रही है। म.प्र. विकल्प संगम 18 से 19 सितंबर 2017 को डेवलपमेंट अल्टरनेटिव ओरछा झांसी में आयोजित होने जा रहा है। यह संगम विशेष रूप से बुन्देलखण्ड जो कि सूखा, गरीबी, जैसी समस्याओं से ग्रसित क्षेत्र के रूप में जाना जाने लगा है, पर केन्द्रित होगा। यह संगम ‘विकल्प संगम’ की सतत और व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है जोकि पिछले कुछ वर्षों से देश के विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर आयोजित किया जाता रहा है।

विकल्प संगम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न विषयों जैसे प्रकृति और प्राकृतिक संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, शिल्पकला, मीडिया, न्याय, आजीविका, बाजार/व्यापार, कला एवं संस्कृति, प्रशासन आदि के व्यावहारिक विकल्पों पर चर्चा करना है साथ ही क्षेत्रीय संगम में निकले विषय बिन्दुओं को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विकल्प संगम में ले जाना है।

सातवीं इंडिया इण्टरनेशनल वाटर समिट Water for all (सबके लिये पानी)

Author: 
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

तिथि : 22 अगस्त, 2017
समय : सायं 03 बजे
स्थान : इंडिया हैबीटाट सेन्टर, नई दिल्ली

. “पानी की एक बूँद भी अगर बेकार होती है तो हमें उसके दर्द का एहसास होना चाहिए, आइये हम अपने आप से वादा करें कि इस जून, जुलाई, अगस्त और सितम्बर के महीने में हम पानी की एक बूँद भी बेकार नहीं जाने देंगे… यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि इस साल जब हम दिवाली मनाएँ तो हमें यह सोचकर आनन्द की अनुभूति होनी चाहिए कि हमने कितना पानी बचाया है।” - भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी की मन की बात से लिया गया कथन।

आजादी के बाद से ही भारत ने जलस्रोतों में काफी विकास किया है और देश की जनता की पानी की विभिन्न माँगों को एक हद तक सफलतापूर्वक पूरा भी किया है। फिर भी समय के साथ-साथ बढ़ते हुए शहरीकरण जनसंख्या और औद्योगिक विकास के चलते कहीं-न-कहीं इन जलस्रोतों पर दबाव पड़ा है और आज हम पानी की कमी महसूस कर रहे हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रारम्भ

Source: 
अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल

विश्वविद्यालय का परिचय


मध्य प्रदेश शासन द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना सन 2011 भोपाल में की गई है। इस विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था साधारण परिषद है जिसके अध्यक्ष प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय, भोपाल भारत सहित सम्पूर्ण विश्व का पहला विश्वविद्यालय है, जो ज्ञान विज्ञान की समस्त शाखाओं के शिक्षण-प्रशिक्षण, प्रकाशन-विस्तार तथा राष्ट्रीय लोक व्यवहार को हिन्दी भाषा में सम्भव तथा सम्पन्न करने के लिये संकल्पित है। हिंदी विश्वविद्यालय की परिकल्पना ऐसे विश्वस्तरीय मानकों के निर्माण करने की है, जिनके आधार पर हमारे शिक्षकों में भी गुणात्मक अध्ययन-अध्यापन एवं शोध की क्षमता में निरन्तर वृद्धि हो सके। यहाँ शिक्षण और प्रशिक्षण की ऐसी प्रविधियों की संरचना की गई है, जिससे गुरू-शिष्य परम्परा के आधार पर व्यावहारिक निपुणताओं को आगे बढ़ाया जा सके तथा योजनाबद्ध शिक्षण, प्रशिक्षण, प्रदर्शन की अत्याधुनिक प्रविधियों, संग्रहण, सर्वेक्षण, अभिलेखीकरण, श्रेष्ठ भाषाविदों के सानिध्य एवं सहयोग से मार्गदर्शन कर सके।

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा पत्रकारिता पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रारम्भ

Source: 
अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल

विश्वविद्यालय का परिचय


संचार एक शाश्वत और अनवरत प्रक्रिया है। यह सर्वकालिक व सार्वभौमिक है। यह मानव समाज की अनिवार्य आवश्यकता है। संचारविहीन मानव जीवन की कल्पना भी सम्भव नहीं। संचार मानव विकास का माध्यम भी है और पैमाना भी। संचार का उपयोग वैयक्तिक स्तर, अन्तः वैयक्तिक, समूह और जन के स्तर पर अनेक कारणों से किया जाता है। संचार का उपयोग सन्देश प्रेषित करने, सूचना देने, सीखने-सिखाने, समझने-समझाने, प्रसन्न होने तथा प्रसन्न करने, प्रेरणा देने-लेने जैसे कार्यों के लिये किया जाता है। अटल बिहारी वायपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना मध्य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में दिनांक 19.12.2011 को मध्य प्रदेश अधिनियम क्रमांक 34 सन 2011 द्वारा मध्य प्रदेश की राजधानी, भोपाल में की है। इस विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था साधारण परिषद है, जिसके अध्यक्ष प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री हैं। इसके साथ ही सदस्य के रूप में इस परिषद में उच्च शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री एवं प्रदेश के लगभग सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के माननीय कुलपतिगण शामिल हैं। परिषद में विश्वविद्यालय के कुलपति पदेन सदस्य सचिव हैं।

इस विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा के माध्यम से अध्यापन, प्रशिक्षण तथा ज्ञान की वृद्धि के लिये विज्ञान, साहित्य, कला, वाणिज्य, प्रबन्धन एवं अन्य विधाओं में शोध कार्य किया जा रहा है। हिन्दी भाषा के माध्यम से शिक्षा के विभिन्न अनुशासनों (विषयों) को शिक्षण, शोध व प्रशिक्षण के लिये यह देश व प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय है।