रमेश शर्मा

Submitted by admin on Sun, 05/09/2010 - 17:19
रमेश शर्मारमेश शर्मारमेश शर्मा की जुबानी उनकी कहानी
कालाहांडी (उड़ीसा) में जन्म,छत्तीसगढ़ में पला-बढ़ा। 1986 में रायपुर से अकेले दिल्ली जाते वक्त तमन्ना थी कि गुजरे तीन साल युगधर्म,देशबंधु और नवभारत में की गई पत्रकारिता का जो भूत सिर पर सवार था, उतर जाएगा और अपन राष्ट्रीय नाटय विद्यालय में प्रवेश लेकर रंगमंच (दरअसल सिनेजगत) में कैरियर बनाने में जवानी खपाएंगे। मगर बात साक्षात्कार में ही अटक गई। फिर आजीविका की तलाश में दिल्ली प्रेस (प्रभारी सुमन सौरभ पत्रिका), पब्लिक एशिया, इंद्रधनुष वीडियो मैगजीन इत्यादि ठिकानों पर भटकते हुए 1991 में Rashtriya Sahara में स्थायित्व मिला। 1986 से 2003 तक दिल्ली, कुछ अरसा देहरादून (उत्तराखंड) और अब ब्यूरो प्रमुख छत्तीसगढ़ के रूप में अप्रैल 2003 से लगातार पत्रकारिता जारी। ठिकाना अब तक तो रायपुर है। इस ब्लॉग में छत्तीसगढ और जोंक नदी सीमा से सटे कालाहांडी (पश्चिम उड़ीसा) की बहुत सी कही-अनकही तस्वीरें पेश करने का इरादा है। बस्तर और सरगुजा में आदिवासी नीरवता पसंद करते हैं और बाहर से यहां पीढ़ियों पहले आकर बस गए लोग भी अमन के रखवाले हैं। फिर भी यदा-कदा बारूद और बंदूकों की गूंज भी होती है। अपनी प्रार्थना यही है कि सबको सम्मति दे भगवान।

उनके ब्लॉग का पता है...
http://nentionsharmaramesh.blogspot.in


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