समताप मंडल (Stratosphere)

Submitted by admin on Sat, 07/10/2010 - 12:13
पृथ्वी के वायुमंडल की मध्यवर्ती परत जिसका विस्तार भूतल से लगभग 8 किमी. से 50 किमी. की ऊँचाई तक पाया जाता है। इसकी स्थिति क्षोभसीमा (tropopause) और समताप सीमा (stratopause) के मध्य है। भूतल से इसकी ऊँचाई ध्रुवों पर लगभग 8 किमी., मध्य अक्षांशों पर 10 किमी. तथा भूमध्य रेखा पर लगभग 16 किमी. पायी जाती है। समताप मंडल में ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होती है। इस मंडल में तापमान में ऊर्ध्वाधर परिवर्तन मंद एवं अल्प होता है किन्तु क्षैतिज परिवर्तन उल्लेखनीय मात्रा में पाया जा सकता है। इसे समताप परत (isothermal layer) भी कहते हैं।

समताप मंडल में तापमान – 600 सेल्सियस (नीचे) और -00 सेल्सियस (ऊपर) के बीच पाया जाता है। यहां वायुदाब भूतल की तुलना में मात्र 1/1500 ही रह जाता है और धूलिकण एवं जल वाष्प का लगभग अभाव पाया जाता है। इस मंडल की ऊँचाई में सामान्यतः मौसमी परिवर्तन मिलता है और शीत ऋतु की तुलना में ग्रीष्म ऋतु में इसकी ऊँचाई अधिक होती है।

अन्य स्रोतों से

Stratosphere in Hindi (समताप मंडल)


वायुमंडल की वह परत जो क्षोम मंडल के ऊपर होती है और लगभग 90 किलोमीटर की ऊँचाई पर आयन मंडल तक फैली होती है। भूमध्य रेखा पर इसकी औसत ऊँचाई 18 किलोमीटर, 50 उत्तरी और दक्षिणी अक्षांश पर 9 किलो मीटर तथा ध्रुवों पर 6 किलोमीटर होती है। यह ऊंचाई ऋतु के अनुसार थोड़ी बहुत परिवर्तित होती रहती है। इस भाग से जलवाष्प या धूलि की मात्रा बहुत कम होती है। भूमध्य रेखा के अंदर समताप के अनुसार वर्ष के दौरान तापमान 76 सें. से 90 तक परिवर्तित होते रहते हैं परंतु ध्रुवीय प्रदेशों में यह ऋतु संबंधी परिवर्तन अधिक विशिष्ट होते हैं। इस भाग में ऊँचाई के साथ-साथ ताप में ह्रास नहीं होता, बल्कि वह स्थिर रहता है। प्रायः इसके ऊपरी हिस्से में तापमान 80 सें. होती है।

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