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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 10:06
मध्यप्रदेश के परम्परागत तालाबों का जल विज्ञान
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड, बघेलखंड, मालवा तथा महाकोशल अंचलों में परम्परागत तालाबों की समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा के प्रमाण सर्वत्र मिलते हैं। सबसे पहले उनकी आंचलिक विशेषताओं पर सांकेतिक जानकारी। उसके बाद परम्परागत जल विज्ञान का विवरण।

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Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 10:27
Source:
दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
पानी पर बहाना होगा पसीना
पानी और हवा ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं जिनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। आज के युग में शुद्ध हवा और शुद्ध पानी दोनों ही मिलना मुश्किल हो गया है। आज से 20-25 साल पहले तक जब बोतल वाला पानी और आरओ इत्यादि उपलब्ध नहीं था तो नलों में सप्लाई होने वाला पानी सभी लोग निश्चिंत होकर पी लेते थे। परंतु अब जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं, उनकी कोशिश रहती है कि बोतलबंद पानी से ही गला तर किया जाए।
Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 09:38
Source:
दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
मौलिक अधिकार बने शुद्ध पेयजल
भारत में जल संसाधन, विशेष रूप से जल की गुणवत्ता और जल प्रदूषण की समस्या बहुत गंभीर है। देश अपने नागरिकों को स्वच्छ पानी की सुरक्षित और पर्याप्त आपूर्ति नहीं करा पा रहा है। हर साल चेन्नई, बेंगलुरु, शिमला, दिल्ली, लातूर जैसे कई अन्य शहरों और गांवों में पानी की किल्लत से लोग हलकान हैं।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/23/2019 - 16:14
Source:
अमर उजाला, 05 जून 2016
पर्यावरण से कतराती सरकारें
पर्यावरण की बिगड़ती परिस्थितियों के बाद भी हम में गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। सरकार की प्राथमिकताएं अब भी उन्हीं कार्यों पर ज्यादा केंद्रित हैं, जो पहले से ही पर्यावरण को क्षति पहुंचा चुके हैं। मसलन उद्योगों पर जोर, नए-नए कलेवर में नई तरह की योजनाएं, जिनका उद्देश्य विश्व पटल पर भारत को आधुनिक देश दिखाना है। कहीं ‘बुलेट ट्रेन’ पर जोर है, तो कहीं ‘मेक इन इंडिया या फिर ‘इंडस्ट्रियल काॅरिडोर’ पर। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Sat, 12/07/2019 - 11:31
पत्नी-बेटे मरे तो पेड़ों को ही बना लिया सबकुछ, अब हैं चालीस हजार वृक्षों के पिता
अपनी खेती बाड़ी से मैं खुश था। इससे होने वाली आय इतनी थी कि मेरे परिवार को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि जब सब कुछ अच्छा चल रहा हो तो ऊपर वाले का वज्र टूटता है। मेरे साथ ही ऐसा ही हुआ। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Fri, 12/06/2019 - 11:05
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गंगा की रक्षा के लिए 15 दिसंबर से पद्मावती मातृसदन में करेंगी अनशन
मातृसदन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांगों के संदर्भ में एक पत्र भेजा गया, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई। जिस कारण मातृसदन की साध्वी पद्मावती ने 15 दिसंबर 2019 से 6 सूत्रीय मांगों को लेकर अनशन की घोषणा कर दी है। अनशन के बारे में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी अवगत करा दिया गया है। 
Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
Source:
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 11/25/2019 - 09:44
Source:
दैनिक जागरण, 25 नवम्बर 2019
‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा हरिद्वार कुंभ
कुंभ-2021 को भव्य, शानदार, यादगार और अनूठा बनाने के लिए कुंभ मेला अधिष्ठान बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। विशेष यह कि इस बार हरिद्वार यह आयोजन ‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा। इसमें गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत विद्युत ऊर्जा का कम से कम (लगभग शून्य) और सौर ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करने की योजना है।

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खासम-खास

मध्यप्रदेश के परम्परागत तालाबों का जल विज्ञान

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 10:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड, बघेलखंड, मालवा तथा महाकोशल अंचलों में परम्परागत तालाबों की समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा के प्रमाण सर्वत्र मिलते हैं। सबसे पहले उनकी आंचलिक विशेषताओं पर सांकेतिक जानकारी। उसके बाद परम्परागत जल विज्ञान का विवरण।

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पानी पर बहाना होगा पसीना

Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 10:27
Source
दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
पानी और हवा ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं जिनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। आज के युग में शुद्ध हवा और शुद्ध पानी दोनों ही मिलना मुश्किल हो गया है। आज से 20-25 साल पहले तक जब बोतल वाला पानी और आरओ इत्यादि उपलब्ध नहीं था तो नलों में सप्लाई होने वाला पानी सभी लोग निश्चिंत होकर पी लेते थे। परंतु अब जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं, उनकी कोशिश रहती है कि बोतलबंद पानी से ही गला तर किया जाए।

मौलिक अधिकार बने शुद्ध पेयजल

Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 09:38
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दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
भारत में जल संसाधन, विशेष रूप से जल की गुणवत्ता और जल प्रदूषण की समस्या बहुत गंभीर है। देश अपने नागरिकों को स्वच्छ पानी की सुरक्षित और पर्याप्त आपूर्ति नहीं करा पा रहा है। हर साल चेन्नई, बेंगलुरु, शिमला, दिल्ली, लातूर जैसे कई अन्य शहरों और गांवों में पानी की किल्लत से लोग हलकान हैं।

पर्यावरण से कतराती सरकारें

Submitted by HindiWater on Sat, 11/23/2019 - 16:14
Source
अमर उजाला, 05 जून 2016
पर्यावरण की बिगड़ती परिस्थितियों के बाद भी हम में गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। सरकार की प्राथमिकताएं अब भी उन्हीं कार्यों पर ज्यादा केंद्रित हैं, जो पहले से ही पर्यावरण को क्षति पहुंचा चुके हैं। मसलन उद्योगों पर जोर, नए-नए कलेवर में नई तरह की योजनाएं, जिनका उद्देश्य विश्व पटल पर भारत को आधुनिक देश दिखाना है। कहीं ‘बुलेट ट्रेन’ पर जोर है, तो कहीं ‘मेक इन इंडिया या फिर ‘इंडस्ट्रियल काॅरिडोर’ पर। 

प्रयास

पत्नी-बेटे मरे तो पेड़ों को ही बना लिया सबकुछ, अब हैं चालीस हजार वृक्षों के पिता

Submitted by HindiWater on Sat, 12/07/2019 - 11:31
Source
डाउन टू अर्थ, दिसंबर 2019
अपनी खेती बाड़ी से मैं खुश था। इससे होने वाली आय इतनी थी कि मेरे परिवार को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती थी, लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि जब सब कुछ अच्छा चल रहा हो तो ऊपर वाले का वज्र टूटता है। मेरे साथ ही ऐसा ही हुआ। 

नोटिस बोर्ड

गंगा की रक्षा के लिए 15 दिसंबर से पद्मावती मातृसदन में करेंगी अनशन

Submitted by HindiWater on Fri, 12/06/2019 - 11:05
मातृसदन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांगों के संदर्भ में एक पत्र भेजा गया, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई। जिस कारण मातृसदन की साध्वी पद्मावती ने 15 दिसंबर 2019 से 6 सूत्रीय मांगों को लेकर अनशन की घोषणा कर दी है। अनशन के बारे में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भी अवगत करा दिया गया है। 

"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा हरिद्वार कुंभ

Submitted by HindiWater on Mon, 11/25/2019 - 09:44
Source
दैनिक जागरण, 25 नवम्बर 2019
कुंभ-2021 को भव्य, शानदार, यादगार और अनूठा बनाने के लिए कुंभ मेला अधिष्ठान बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। विशेष यह कि इस बार हरिद्वार यह आयोजन ‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा। इसमें गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत विद्युत ऊर्जा का कम से कम (लगभग शून्य) और सौर ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करने की योजना है।

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