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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Editorial Team on Fri, 04/01/2022 - 14:45
Source:
भूजल किसे कहते हैं  (Groundwater) : प्राचीन भारत में हाइड्रोलॉजिकल ज्ञान
भूजल का प्राचीन पश्चिमी विज्ञान, जो आम तौर पर यह मानता था कि झरनों से आने  वाला पानी वर्षा से प्राप्त नहीं किया जा सकता है, उनके विश्वास पर आधारित था कि: (i) वर्षा मात्रा में अपर्याप्त थी और (ii) पृथ्वी सतह वर्षा के पानी को नीचे प्रवेश की अनुमति के लिए बहुत अधिक अभेद्य थी। जो उपरोक्त निराधार सिद्धांतों के विपरीत, प्राचीन भारतीय साहित्य में भूजल पर बहुत मूल्यवान और उन्नत वैज्ञानिक संभाषण हैं।
Submitted by Editorial Team on Thu, 03/31/2022 - 15:39
Source:
मीडिया मीमांसा, अक्टूबर-दिसम्बर 2017, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय
भोपाल शहर स्मार्ट-सिटी
स शोध का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट-सिटी द्वारा समाज में होने वाले परिवर्तनों एवं संचार माध्यमों की भूमिका का अध्ययन करना है। यह अध्ययन अग्रपुष्टि सिद्धांत पर आधारित है, इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु वर्णनात्मक शोध पद्धति का प्रयोग किया गया है जिसके अंतर्गत उद्देश्यपूर्ण निदर्शन पद्धति का अनुकरण करके 150 उत्तरदाताओं से प्रश्नावली एवं अनुसूची द्वारा गुणात्मक आंकड़ों को संग्रहित किया गया है। आंकड़ों के विश्लेषण से ज्ञात हुआ है कि स्मार्ट सिटी के आने से संचार माध्यमों एवं समाज में परिवर्तन होना संभव है, आंकड़ों के विश्लेषण हेतु एस.पी.एस.एस. 20.0 एवं माइक्रोसॉफ्ट वर्ड एवं एक्सेल का प्रयोग भी किया गया है।
Submitted by Shivendra on Thu, 03/31/2022 - 11:23
Source:
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रमुख 2 अप्रैल को पहली बार आएंगे राजस्थान
राजस्थान पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया गया है! आगंतुकों से भी आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लाने का अनुरोध किया गया है! 2 अप्रैल को जयपुर में कार्यक्रम संपन्न करने के बाद एरिक टोंक जिले के लांबा गांव जाकर पर्यावरण संरक्षण पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करेंगे!

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।
Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

भूजल किसे कहते हैं  (Groundwater) : प्राचीन भारत में हाइड्रोलॉजिकल ज्ञान

Submitted by Editorial Team on Fri, 04/01/2022 - 14:45
भूजल किसे कहते हैं  (Groundwater) : प्राचीन भारत में हाइड्रोलॉजिकल ज्ञान
भूजल का प्राचीन पश्चिमी विज्ञान, जो आम तौर पर यह मानता था कि झरनों से आने  वाला पानी वर्षा से प्राप्त नहीं किया जा सकता है, उनके विश्वास पर आधारित था कि: (i) वर्षा मात्रा में अपर्याप्त थी और (ii) पृथ्वी सतह वर्षा के पानी को नीचे प्रवेश की अनुमति के लिए बहुत अधिक अभेद्य थी। जो उपरोक्त निराधार सिद्धांतों के विपरीत, प्राचीन भारतीय साहित्य में भूजल पर बहुत मूल्यवान और उन्नत वैज्ञानिक संभाषण हैं।

भोपाल शहर के सन्दर्भ में स्मार्ट-सिटी की संभावनाओं का अध्ययन

Submitted by Editorial Team on Thu, 03/31/2022 - 15:39
Source
मीडिया मीमांसा, अक्टूबर-दिसम्बर 2017, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय
भोपाल शहर स्मार्ट-सिटी
स शोध का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट-सिटी द्वारा समाज में होने वाले परिवर्तनों एवं संचार माध्यमों की भूमिका का अध्ययन करना है। यह अध्ययन अग्रपुष्टि सिद्धांत पर आधारित है, इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु वर्णनात्मक शोध पद्धति का प्रयोग किया गया है जिसके अंतर्गत उद्देश्यपूर्ण निदर्शन पद्धति का अनुकरण करके 150 उत्तरदाताओं से प्रश्नावली एवं अनुसूची द्वारा गुणात्मक आंकड़ों को संग्रहित किया गया है। आंकड़ों के विश्लेषण से ज्ञात हुआ है कि स्मार्ट सिटी के आने से संचार माध्यमों एवं समाज में परिवर्तन होना संभव है, आंकड़ों के विश्लेषण हेतु एस.पी.एस.एस. 20.0 एवं माइक्रोसॉफ्ट वर्ड एवं एक्सेल का प्रयोग भी किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रमुख 2 अप्रैल को पहली बार आएंगे राजस्थान

Submitted by Shivendra on Thu, 03/31/2022 - 11:23
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रमुख 2 अप्रैल को पहली बार आएंगे राजस्थान
राजस्थान पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया गया है! आगंतुकों से भी आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लाने का अनुरोध किया गया है! 2 अप्रैल को जयपुर में कार्यक्रम संपन्न करने के बाद एरिक टोंक जिले के लांबा गांव जाकर पर्यावरण संरक्षण पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करेंगे!

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
udayapur-ke-is-gaon-ko-weightland-ghoshit-kiya-jana-tay
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
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Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
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भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
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तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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