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खासम-खास

नदी मैनुअल - ताकि नदियाँ बहती रहें

Submitted by editorial on Sat, 12/15/2018 - 21:31
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नर्मदा नदीनर्मदा नदीपिछले पचास-साठ सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी नजर आ रही है। हिमालयी नदियों में यह कमी अपेक्षाकृत थोड़ी कम है किन्तु भारतीय प्रायद्वीप के पहाड़ों, तालाबों, कुण्डों, जंगलों या झरनों से निकलने वाली अनेक छोटी नदियाँ मौसमी बनकर रह गईं हैं। भारतीय प्रायद्वीप की बड़ी नदियों यथा कावेरी, कृष्णा, ताप्ती, महानदी, नर्मदा और गोदावरी में भी मानसून के बाद का प्रवाह तेजी से कम हो रहा है।

Content

साड़ी से रेन वाटर हार्वेस्टिंग

Submitted by admin on Fri, 02/06/2009 - 00:15
Author
इंडिया टूगेदर
श्री पद्रे

वर्षाजल एकत्रित करने का देशज तरीका


कर्नाटक और केरल के भारी वर्षा वाले इलाके के गाँवों में ग्रामीण जनता पेयजल प्राप्त करने के लिये अपना खुद का “डिजाइन” किया हुआ “रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम” अपनाती है। इस खालिस देशी विधि के मुताबिक एक साड़ी के चारों कोनों को बारिश के दौरान खुले में बाँध दिया जाता है और उसके ढलुवाँ हिस्से के बीचोंबीच नीचे पानी एकत्रित करने के लिये एक बर्तन लगा दिया जाता है, जिससे कि एक ही विधि में पानी का इकठ्ठा होना और पानी का छनकर साफ़ होना हासिल कर लिया जाता है।

नर्मदा : उद्गम पर ही सूख रही

Submitted by admin on Thu, 02/05/2009 - 18:52
Author
अमन नम्र

अमरकंटक में घटती हरियाली का अंदाजा इस सैटेलाइट फोटो से लगाएं, इसमें नर्मदा कुंड व आसपास के इलाके में फैला बंजर इलाका साफ तौर पर देखा जा सकता है।

नर्मदा उद्गम - अमरकंटक में खतरानर्मदा उद्गम - अमरकंटक में खतरा

अमन नम्र


जल प्रबंधन पर भागीदारी दृष्टिकोण

Submitted by admin on Tue, 02/03/2009 - 10:14
Author
admin
पेपर के लिए आवाह्न-

जल संसाधनों के प्रबंधन पर भागीदारी दृष्टिकोण पर परिसंवाद (Seminar-‘Participatory Approach in water resource management’)
मार्च-19-20, 2009, नई दिल्ली, काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट(फिरदौस फातिमा रिज़वी, काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट, नई दिल्ली की ओर से)
काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट, नई दिल्ली, ‘जल संसाधनों के प्रबंधन पर भागीदारी दृष्टिकोण’ पर एक परिसंवाद का आयोजन किया जा रहा है।

प्रयास

गाँव ने रोका अपना पानी

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 20:37
Author
मनीष वैद्य
बेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदीबेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदी'खेत का पानी खेत में' और 'गाँव का पानी गाँव में' रोकने के नारे तो बीते पच्चीस सालों से सुनाई देते रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश के बाद एक गाँव ने अपना पानी गाँव में ही रोककर जलस्तर बढ़ा लिया है। इससे गाँव के लोगों को निस्तारी कामों के लिये पानी की आपूर्ति भी हो रही है और ट्यूबवेल, हैण्डपम्प और कुएँ-कुण्डियों में भी कम बारिश के बावजूद अब तक पानी भरा है।

नोटिस बोर्ड

गोपाल दास की माँ ने तोड़ा अनशन

Submitted by editorial on Sat, 12/22/2018 - 12:24
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान)सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान) दून हॉस्पिटल से 06 दिसम्बर से गायब चल रहे गंगा भक्त सन्त गोपाल दास का पता अभी तक नहीं लगाया जा सका है। बेटे के अस्पताल से अचानक गायब हो जाने के प्रतिरोध में 12 दिसम्बर से उनकी माँ शकुन्तला देवी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर अनशन पर थीं।

आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन भेजा एम्स

Submitted by editorial on Fri, 11/30/2018 - 13:47
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण)स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण) पिछले 38 दिनों से गंगा की रक्षा के लिये अनशनरत हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा भक्त ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने उनकी इच्छा के विरूद्ध जबरन ऋषिकेश एम्स में दाखिल करवा दिया है।

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

Submitted by editorial on Thu, 11/08/2018 - 11:05
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

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नदी मैनुअल - ताकि नदियाँ बहती रहें

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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नर्मदा नदीनर्मदा नदीपिछले पचास-साठ सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी नजर आ रही है। हिमालयी नदियों में यह कमी अपेक्षाकृत थोड़ी कम है किन्तु भारतीय प्रायद्वीप के पहाड़ों, तालाबों, कुण्डों, जंगलों या झरनों से निकलने वाली अनेक छोटी नदियाँ मौसमी बनकर रह गईं हैं। भारतीय प्रायद्वीप की बड़ी नदियों यथा कावेरी, कृष्णा, ताप्ती, महानदी, नर्मदा और गोदावरी में भी मानसून के बाद का प्रवाह तेजी से कम हो रहा है।

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साड़ी से रेन वाटर हार्वेस्टिंग

Submitted by admin on Fri, 02/06/2009 - 00:15
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इंडिया टूगेदर
श्री पद्रे

वर्षाजल एकत्रित करने का देशज तरीका


कर्नाटक और केरल के भारी वर्षा वाले इलाके के गाँवों में ग्रामीण जनता पेयजल प्राप्त करने के लिये अपना खुद का “डिजाइन” किया हुआ “रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम” अपनाती है। इस खालिस देशी विधि के मुताबिक एक साड़ी के चारों कोनों को बारिश के दौरान खुले में बाँध दिया जाता है और उसके ढलुवाँ हिस्से के बीचोंबीच नीचे पानी एकत्रित करने के लिये एक बर्तन लगा दिया जाता है, जिससे कि एक ही विधि में पानी का इकठ्ठा होना और पानी का छनकर साफ़ होना हासिल कर लिया जाता है।

नर्मदा : उद्गम पर ही सूख रही

Submitted by admin on Thu, 02/05/2009 - 18:52
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अमन नम्र

अमरकंटक में घटती हरियाली का अंदाजा इस सैटेलाइट फोटो से लगाएं, इसमें नर्मदा कुंड व आसपास के इलाके में फैला बंजर इलाका साफ तौर पर देखा जा सकता है।

नर्मदा उद्गम - अमरकंटक में खतरानर्मदा उद्गम - अमरकंटक में खतरा

अमन नम्र


जल प्रबंधन पर भागीदारी दृष्टिकोण

Submitted by admin on Tue, 02/03/2009 - 10:14
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admin
पेपर के लिए आवाह्न-

जल संसाधनों के प्रबंधन पर भागीदारी दृष्टिकोण पर परिसंवाद (Seminar-‘Participatory Approach in water resource management’)
मार्च-19-20, 2009, नई दिल्ली, काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट(फिरदौस फातिमा रिज़वी, काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट, नई दिल्ली की ओर से)
काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट, नई दिल्ली, ‘जल संसाधनों के प्रबंधन पर भागीदारी दृष्टिकोण’ पर एक परिसंवाद का आयोजन किया जा रहा है।

प्रयास

गाँव ने रोका अपना पानी

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 20:37
Author
मनीष वैद्य
बेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदीबेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदी'खेत का पानी खेत में' और 'गाँव का पानी गाँव में' रोकने के नारे तो बीते पच्चीस सालों से सुनाई देते रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश के बाद एक गाँव ने अपना पानी गाँव में ही रोककर जलस्तर बढ़ा लिया है। इससे गाँव के लोगों को निस्तारी कामों के लिये पानी की आपूर्ति भी हो रही है और ट्यूबवेल, हैण्डपम्प और कुएँ-कुण्डियों में भी कम बारिश के बावजूद अब तक पानी भरा है।

नोटिस बोर्ड

गोपाल दास की माँ ने तोड़ा अनशन

Submitted by editorial on Sat, 12/22/2018 - 12:24
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इंडिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान)सन्त गोपालदास की माँ शकुन्तला देवी (फोटो साभार: हिन्दुस्तान) दून हॉस्पिटल से 06 दिसम्बर से गायब चल रहे गंगा भक्त सन्त गोपाल दास का पता अभी तक नहीं लगाया जा सका है। बेटे के अस्पताल से अचानक गायब हो जाने के प्रतिरोध में 12 दिसम्बर से उनकी माँ शकुन्तला देवी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर अनशन पर थीं।

आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन भेजा एम्स

Submitted by editorial on Fri, 11/30/2018 - 13:47
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण)स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण) पिछले 38 दिनों से गंगा की रक्षा के लिये अनशनरत हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा भक्त ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने उनकी इच्छा के विरूद्ध जबरन ऋषिकेश एम्स में दाखिल करवा दिया है।

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

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स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

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