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खासम-खास

समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

Content

अब स्कूल्स वाटर पोर्टल

Submitted by admin on Wed, 02/11/2009 - 09:36
Author
संपादक

स्कूल्स वाटर पोर्टल का उद्घाटन

इंडिया वाटर पोर्टल द्वारा हाल में शुरु किया गया स्कूल्स वाटर पोर्टल (Schools Water Portal), एक ऐसा अनोखा मंच है जहां अध्यापक, छात्र, माता-पिता और प्रधानाध्यापक एक साथ पानी के बारे में हर तरह की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
 

वाटर सम्मिट – 2009

Submitted by admin on Tue, 02/10/2009 - 15:39
Author
admin
वाटर सम्मिट – 2009,(जल शिखर सम्मेलन) कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर-263145 जिला-ऊधम सिंह नगर, ऊत्तराखंड के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। शिखर सम्मेलन 19-21, फ़रवरी 2009 से आयोजित किया जा रहा है।

भास्कर का अभियान

Submitted by admin on Mon, 02/09/2009 - 21:52
Author
भास्कर

पांच करोड़ से बचेगा झील में 30 करोड़ लीटर ज्यादा पानी


भास्कर न्यूज/ भोपाल। करीब 71 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई झील का लगभग तीन चौथाई हिस्सा मिट्टी में तब्दील हो चुका है। पानी के नाम पर सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से कम झील में जो कुछ बचा है उससे भोपाल की आबादी का अगली बरसात तक प्यास बुझाने का इंतजाम नहीं हो सकता। गर्मी का मौसम दूर नहीं है, जब पानी की खपत बढ़ जाएगी और झील का पानी तेजी से सूखेगा। 31 वर्ग कि.मी. की झील पर जमी हुई मिट्टी को हटाकर एक मीटर गहरीकरण के काम को अंजाम देने के लिए 200 करोड़ की पूंजी चाहिए

प्रयास

पटना का ये जंगल हरित क्रांति का पर्याय बन रहा है

Submitted by UrbanWater on Sat, 06/15/2019 - 14:13
Source
वेब
तरुमित्र जंगल।तरुमित्र जंगल। पटना शहर के बीचों बीच दस एकड़ में फैला तरुमित्र जंगल बच्चों का खास दोस्त और शिक्षक बन चुका है। देश-विदेश के पांच हजार से अधिक स्कूल काॅलेज बतौर सदस्य इससे जुडे़ हुए हैं, जिनके हजारों छात्र भी तरुमित्र फोरम के सदस्य हैं। 1986 में पटना में तरुमित्र आश्रम की स्थापना हुई थी, जहां एक समृद्ध जंगल मौजूद है। 500 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पेड़-पौधे इस जंगल की सुंदरता बढ़ाते हैं।

नोटिस बोर्ड

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
Source
दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

गंगा की जय, सरकार झुकी, मातृसदन के आत्मबोधानंद का अनशन विराम

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/04/2019 - 17:50

गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम  गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम

गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 194 दिनों से अनशन कर रहे हरिद्वार के मातृ सदन के आत्माबोधानंद ने नेशनल क्लीन मिशन फाॅर गंगा के निदेशक के लिखित आश्वासन के बाद अपने अनशन को विराम दे दिया है। हालांकि मातृ सदन ने ये भी कहा है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप अगर काम नहीं हुआ तो मातृ सदन गंगा की अविरलता के लिए फिर से अनशन पर बैठेगा।

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समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

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अब स्कूल्स वाटर पोर्टल

Submitted by admin on Wed, 02/11/2009 - 09:36
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संपादक

स्कूल्स वाटर पोर्टल का उद्घाटन

इंडिया वाटर पोर्टल द्वारा हाल में शुरु किया गया स्कूल्स वाटर पोर्टल (Schools Water Portal), एक ऐसा अनोखा मंच है जहां अध्यापक, छात्र, माता-पिता और प्रधानाध्यापक एक साथ पानी के बारे में हर तरह की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
 

वाटर सम्मिट – 2009

Submitted by admin on Tue, 02/10/2009 - 15:39
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admin
वाटर सम्मिट – 2009,(जल शिखर सम्मेलन) कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर-263145 जिला-ऊधम सिंह नगर, ऊत्तराखंड के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। शिखर सम्मेलन 19-21, फ़रवरी 2009 से आयोजित किया जा रहा है।

भास्कर का अभियान

Submitted by admin on Mon, 02/09/2009 - 21:52
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भास्कर

पांच करोड़ से बचेगा झील में 30 करोड़ लीटर ज्यादा पानी


भास्कर न्यूज/ भोपाल। करीब 71 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई झील का लगभग तीन चौथाई हिस्सा मिट्टी में तब्दील हो चुका है। पानी के नाम पर सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से कम झील में जो कुछ बचा है उससे भोपाल की आबादी का अगली बरसात तक प्यास बुझाने का इंतजाम नहीं हो सकता। गर्मी का मौसम दूर नहीं है, जब पानी की खपत बढ़ जाएगी और झील का पानी तेजी से सूखेगा। 31 वर्ग कि.मी. की झील पर जमी हुई मिट्टी को हटाकर एक मीटर गहरीकरण के काम को अंजाम देने के लिए 200 करोड़ की पूंजी चाहिए

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पटना का ये जंगल हरित क्रांति का पर्याय बन रहा है

Submitted by UrbanWater on Sat, 06/15/2019 - 14:13
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तरुमित्र जंगल।तरुमित्र जंगल। पटना शहर के बीचों बीच दस एकड़ में फैला तरुमित्र जंगल बच्चों का खास दोस्त और शिक्षक बन चुका है। देश-विदेश के पांच हजार से अधिक स्कूल काॅलेज बतौर सदस्य इससे जुडे़ हुए हैं, जिनके हजारों छात्र भी तरुमित्र फोरम के सदस्य हैं। 1986 में पटना में तरुमित्र आश्रम की स्थापना हुई थी, जहां एक समृद्ध जंगल मौजूद है। 500 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पेड़-पौधे इस जंगल की सुंदरता बढ़ाते हैं।

नोटिस बोर्ड

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
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दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

गंगा की जय, सरकार झुकी, मातृसदन के आत्मबोधानंद का अनशन विराम

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/04/2019 - 17:50

गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम  गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम

गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 194 दिनों से अनशन कर रहे हरिद्वार के मातृ सदन के आत्माबोधानंद ने नेशनल क्लीन मिशन फाॅर गंगा के निदेशक के लिखित आश्वासन के बाद अपने अनशन को विराम दे दिया है। हालांकि मातृ सदन ने ये भी कहा है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप अगर काम नहीं हुआ तो मातृ सदन गंगा की अविरलता के लिए फिर से अनशन पर बैठेगा।

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