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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by RuralWater on Thu, 02/27/2020 - 11:05
Source:
केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर
पश्चिमी राजस्थान में सूखा प्रबंधन द्वारा फसल संरक्षण
भारत में वर्षा और जलवायु परिस्थितियों में उच्च अस्थायी और स्थानिक विविधताओं की वजह से अलग-अलग तीव्रता में लगभग हर वर्ष सूखा पड़ता है। देश के करीब 68 प्रतिशत भूभाग मंऔ अलग-अलग डिग्री के सूखे का खतरा रहता है। सूखे का आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव बदलता रहता है।
Submitted by RuralWater on Wed, 02/26/2020 - 15:40
Source:
मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, विवेकानन्द टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज दरभंगा, एम.के. कॉलेज, लहेरियासराय
बिहार में 2019 ई. का अभूतपूर्व जल संकट-एक विश्लेषण
2019 ई. में बिहार राज्य, विशेषतः उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र, ने अभूतपूर्व जल संकट का सामना किया। शहरी क्षेत्रों की कौन कहे, ग्रामीण क्षेत्रों में भी टैंकर से पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ी। अप्रैल-मई में इस क्षेत्र में सरकार द्वारा बनाये घाटों से सुसज्जित किन्तु पूर्णतः जलविहीन पोखरों में क्रिकेट खेलते बच्चों को देखना एक सामान्य दृश्य बन गया था।
Submitted by HindiWater on Wed, 02/26/2020 - 15:24
Source:
हवा के हर कण में भारतीया कों मिल रहा ज़हर
इसमें सबसे प्रदूषित देश होने के कारण बांग्लादेश पहले स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान दूसरे, मंगोलिया तीसरे, अफगानिस्तान चौथे और भारत पांचवे नंबर पर है। प्रदूषण से सबसे बुरा हाल दक्षिण, दक्षिण पूर्व और मध्य एशिया का है।

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

पश्चिमी राजस्थान में सूखा प्रबंधन द्वारा फसल संरक्षण

Submitted by RuralWater on Thu, 02/27/2020 - 11:05
Source
केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर
पश्चिमी राजस्थान में सूखा प्रबंधन द्वारा फसल संरक्षण
भारत में वर्षा और जलवायु परिस्थितियों में उच्च अस्थायी और स्थानिक विविधताओं की वजह से अलग-अलग तीव्रता में लगभग हर वर्ष सूखा पड़ता है। देश के करीब 68 प्रतिशत भूभाग मंऔ अलग-अलग डिग्री के सूखे का खतरा रहता है। सूखे का आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव बदलता रहता है।

बिहार में 2019 ई. का अभूतपूर्व जल संकट-एक विश्लेषण

Submitted by RuralWater on Wed, 02/26/2020 - 15:40
Source
मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, विवेकानन्द टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज दरभंगा, एम.के. कॉलेज, लहेरियासराय
बिहार में 2019 ई. का अभूतपूर्व  जल संकट-एक विश्लेषण
2019 ई. में बिहार राज्य, विशेषतः उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र, ने अभूतपूर्व जल संकट का सामना किया। शहरी क्षेत्रों की कौन कहे, ग्रामीण क्षेत्रों में भी टैंकर से पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ी। अप्रैल-मई में इस क्षेत्र में सरकार द्वारा बनाये घाटों से सुसज्जित किन्तु पूर्णतः जलविहीन पोखरों में क्रिकेट खेलते बच्चों को देखना एक सामान्य दृश्य बन गया था।

हवा के हर कण में भारतीयों को मिल रहा ज़हर

Submitted by HindiWater on Wed, 02/26/2020 - 15:24
हवा के हर कण में भारतीया कों मिल रहा ज़हर
इसमें सबसे प्रदूषित देश होने के कारण बांग्लादेश पहले स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान दूसरे, मंगोलिया तीसरे, अफगानिस्तान चौथे और भारत पांचवे नंबर पर है। प्रदूषण से सबसे बुरा हाल दक्षिण, दक्षिण पूर्व और मध्य एशिया का है।

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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