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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

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Submitted by admin on Tue, 04/07/2009 - 08:59
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जागरण याहू

देहरादून। लगभग 29 करोड़ भारतीयों की जीवनरेखा बनी पतित पावनी गंगा और यमुना विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व में मुद्दा नहीं बन सकीं। लोकसभा चुनाव में किसी भी दल के एजेंडे में गंगा-यमुना को प्रदूषण मुक्त कराया जाना नहीं शामिल किया गया। जबकि कम से कम उत्तराखण्ड से लेकर उत्तरप्रदेश के पूर्वाचल काशी और प्रयाग में तो यह बहस का मुद्दा होना ही चाहिए था। इस चुनाव में चारों ओर जातिवाद, क्षेत्रवाद, संप्रदायवाद हिलोरें ले रहे हैं। देश और समाज की तरक्की के मुद्दे तो गौण साबित होते जा रहे हैं।
Submitted by admin on Sat, 04/04/2009 - 06:48
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पंज़ाब राज्य का लगभग 80% भूजल मनुष्यों के पीने लायक नहीं बचा है और इस जल में आर्सेनिक की मात्रा अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच चुकी है… यह चौंकाने वाला खुलासा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये गये एक अध्ययन में सामने आई है। पानी में आर्सेनिक की मात्रा का सुरक्षित मानक स्तर 10 ppb होना चाहिये, जबकि अध्ययन के मुताबिक पंजाब के विभिन्न जिलों से लिये पानी के नमूने में आर्सेनिक की मात्रा 3.5 से 688 ppb तक पाई गई है। यह खतरा दक्षिण-पश्चिम पंजाब पर अधिक है, जहाँ कैंसर के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जज्जल, मखना, गियाना आदि गाँव आर्सेनिक युक्त पानी से सर्वाधिक प्रभावित हैं और यहाँ इ
Submitted by admin on Tue, 03/17/2009 - 09:39
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एक तरफ हम विश्व जल दिवस (22 मार्च) मनाने की तैयारी कर रहे हैं, संयुक्त राष्ट्र सहस्त्राब्दी लक्ष्य घोषित किए जा रहे हैं, लोगों को साफ सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने के जितने प्रयास किए जा रहे हैं वहीं ऐसा लगता है कि मंजिल कोसों दूर होती जा रही है। हाल में मिलने वाली खबरें कुछ ऐसे ही खतरे का संकेत दे रहीं हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
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इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे
Submitted by HindiWater on Thu, 10/08/2020 - 12:58
Source:
वेबनार
रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर नेटवर्क (RRAN) और पीपल साइंस इंस्टिट्यूट (PSI)  हिमांचल प्रदेश के जमीनी अनुभव पर आधारित हिमालयन एरिया में स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट पर एक वेबिनार आयोजित कर रहा है। 
Submitted by HindiWater on Wed, 09/30/2020 - 10:41
Source:
पानी रे पानी
कला प्रतियोगिता के नियम 1) इसके दो आयु वर्ग होंगे : . 5 से 8 वर्ष . 9 से 14 वर्ष

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 2 नींव से शिखर तक संगीतमय वाचन

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hai-talab-adhyay-2-neev-se-shikhar-tak-sangitamay-vachan
Source
रमाकांत राय
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

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गंगा-यमुना नहीं बन सकीं चुनावी मुद्दा

Submitted by admin on Tue, 04/07/2009 - 08:59
Author
राजेन्द्र जोशी

जागरण याहू

देहरादून। लगभग 29 करोड़ भारतीयों की जीवनरेखा बनी पतित पावनी गंगा और यमुना विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के महापर्व में मुद्दा नहीं बन सकीं। लोकसभा चुनाव में किसी भी दल के एजेंडे में गंगा-यमुना को प्रदूषण मुक्त कराया जाना नहीं शामिल किया गया। जबकि कम से कम उत्तराखण्ड से लेकर उत्तरप्रदेश के पूर्वाचल काशी और प्रयाग में तो यह बहस का मुद्दा होना ही चाहिए था। इस चुनाव में चारों ओर जातिवाद, क्षेत्रवाद, संप्रदायवाद हिलोरें ले रहे हैं। देश और समाज की तरक्की के मुद्दे तो गौण साबित होते जा रहे हैं।

पंजाब के जल में आर्सेनिक का ज़हर

Submitted by admin on Sat, 04/04/2009 - 06:48
Author
संपादक
पंज़ाब राज्य का लगभग 80% भूजल मनुष्यों के पीने लायक नहीं बचा है और इस जल में आर्सेनिक की मात्रा अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच चुकी है… यह चौंकाने वाला खुलासा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये गये एक अध्ययन में सामने आई है। पानी में आर्सेनिक की मात्रा का सुरक्षित मानक स्तर 10 ppb होना चाहिये, जबकि अध्ययन के मुताबिक पंजाब के विभिन्न जिलों से लिये पानी के नमूने में आर्सेनिक की मात्रा 3.5 से 688 ppb तक पाई गई है। यह खतरा दक्षिण-पश्चिम पंजाब पर अधिक है, जहाँ कैंसर के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जज्जल, मखना, गियाना आदि गाँव आर्सेनिक युक्त पानी से सर्वाधिक प्रभावित हैं और यहाँ इ

उत्तर प्रदेश के जल में “आर्सेनिक” का जहर

Submitted by admin on Tue, 03/17/2009 - 09:39
Author
केसर सिंह


एक तरफ हम विश्व जल दिवस (22 मार्च) मनाने की तैयारी कर रहे हैं, संयुक्त राष्ट्र सहस्त्राब्दी लक्ष्य घोषित किए जा रहे हैं, लोगों को साफ सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने के जितने प्रयास किए जा रहे हैं वहीं ऐसा लगता है कि मंजिल कोसों दूर होती जा रही है। हाल में मिलने वाली खबरें कुछ ऐसे ही खतरे का संकेत दे रहीं हैं।

प्रयास

आजीविका की बदौलत सामाजिक बदलाव

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
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आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

भागीरथ प्रयास सम्मान  2020 के लिए नामांकन आमंत्रित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
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इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे

हिमालयन एरिया में स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Thu, 10/08/2020 - 12:58
himalyan-aria-mein-spring-shade-management-par-webnar
वेबनार
रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर नेटवर्क (RRAN) और पीपल साइंस इंस्टिट्यूट (PSI)  हिमांचल प्रदेश के जमीनी अनुभव पर आधारित हिमालयन एरिया में स्प्रिंग शेड मैनेजमेंट पर एक वेबिनार आयोजित कर रहा है। 

पानी रे पानीअभियान के तहत गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कला प्रतियोगिता

Submitted by HindiWater on Wed, 09/30/2020 - 10:41
pani-ray-paniabhiyan-kay-tahat-gandhi-jayanti-kay-avsar-par-ayojit-kala-pratiyogita
पानी रे पानी
कला प्रतियोगिता के नियम 1) इसके दो आयु वर्ग होंगे : . 5 से 8 वर्ष . 9 से 14 वर्ष

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