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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:37
फाइल फोटो: सुखना झील

चंडीगढ़ की सुखना झील पर उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। यह फैसला अनेक मायनों में लैन्डमार्क फैसला है क्योंकि फैसले में निम्न बेहद महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया गया है -

Content

Submitted by HindiWater on Wed, 06/03/2020 - 09:55
Source:
क्यों आते हैं चक्रवात
इस बार भी तूफानों के 160 नामों की सूची जारी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अप्रैल 2020 में चक्रवातों के नाम की सूची जारी की है। सूची में निसर्ग पहला नाम है, जबकि अर्नब, आग, व्योम, अजार, तेज, गति, पिंकू औल लालू जैसे नाम भी शामिल हैं। 2004 में जब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तूफानों के नामकरण की परंपरा शुरु हुई थी, तब सबसे पहला नाम ‘ओनिल’ था। 
Submitted by HindiWater on Tue, 06/02/2020 - 18:32
Source:
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में गहराया जल संकट, ग्रामीण खुद खोद रहे नहर
दस लोग रोजाना पानी लेने के लिए जाते हैं। हमारे पास न तो पीने के लिए पानी है और न ही पशुओं को खिलाने के लिए चारा। कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब हम 3-4 गांव के लोग मिलकर नहर अपने ही दम पर नहर बना रहे हैं।
Submitted by HindiWater on Tue, 06/02/2020 - 12:33
Source:
पिघलते ग्लेशियर और जल संकट
पृथ्वी पर लगभग 1 लाख 98 हजार ग्लेशियर हैं, जो करीब 7 लाख 26 हजार स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। हमारी जलवायु ग्लेशियरों पर काफी हद तक निर्भर करती है, तो वहीं साफ पानी का सबसे बड़ा स्रोत ग्लेशियर ही हैं। पर्वतीय इलाकों में विभिन्न प्राकृतिक जलस्रोत या कल-कल निनाद करते हुए बहने वाली सदानीरा नदिया हैं, जिनका जन्म हिमालय या ग्लेशियर से ही होता है, लेकिन जलवायु के कारण ग्लेशियरों पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

सुखना झील: समाधान का रोडमेप

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:37
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
sukhna-jheel:-samadhan-ka-roadmap
फाइल फोटो: सुखना झील

चंडीगढ़ की सुखना झील पर उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। यह फैसला अनेक मायनों में लैन्डमार्क फैसला है क्योंकि फैसले में निम्न बेहद महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया गया है -

Content

क्यों आते हैं चक्रवात

Submitted by HindiWater on Wed, 06/03/2020 - 09:55
kyun-aate-hain-chakravat
क्यों आते हैं चक्रवात
इस बार भी तूफानों के 160 नामों की सूची जारी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अप्रैल 2020 में चक्रवातों के नाम की सूची जारी की है। सूची में निसर्ग पहला नाम है, जबकि अर्नब, आग, व्योम, अजार, तेज, गति, पिंकू औल लालू जैसे नाम भी शामिल हैं। 2004 में जब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तूफानों के नामकरण की परंपरा शुरु हुई थी, तब सबसे पहला नाम ‘ओनिल’ था। 

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में गहराया जल संकट, ग्रामीण खुद खोद रहे नहर

Submitted by HindiWater on Tue, 06/02/2020 - 18:32
jammu-kashmir-ke-kathua-mein-jal-sankat
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में गहराया जल संकट, ग्रामीण खुद खोद रहे नहर
दस लोग रोजाना पानी लेने के लिए जाते हैं। हमारे पास न तो पीने के लिए पानी है और न ही पशुओं को खिलाने के लिए चारा। कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब हम 3-4 गांव के लोग मिलकर नहर अपने ही दम पर नहर बना रहे हैं।

पिघलते ग्लेशियर और जल संकट

Submitted by HindiWater on Tue, 06/02/2020 - 12:33
pighalte-glacier-aur-jal-sankat
पिघलते ग्लेशियर और जल संकट
पृथ्वी पर लगभग 1 लाख 98 हजार ग्लेशियर हैं, जो करीब 7 लाख 26 हजार स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। हमारी जलवायु ग्लेशियरों पर काफी हद तक निर्भर करती है, तो वहीं साफ पानी का सबसे बड़ा स्रोत ग्लेशियर ही हैं। पर्वतीय इलाकों में विभिन्न प्राकृतिक जलस्रोत या कल-कल निनाद करते हुए बहने वाली सदानीरा नदिया हैं, जिनका जन्म हिमालय या ग्लेशियर से ही होता है, लेकिन जलवायु के कारण ग्लेशियरों पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रयास

'सुखना झील' को मिले ‘जीवित प्राणी’ के अधिकार और कर्तव्य

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
'sukhna-jhil'-ko-miley-‘jivit-prani’-kay-adhikar-aur-kartavya
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
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Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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