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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Wed, 07/21/2021 - 16:10
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इंडिया हिंदी वाटर पोर्टल
जलवायु परिवर्तन के संकट से कैसे लड़ रहे है पहाड़ के किसान
यानी किसान जुआ अपनी खेती के साथ हर 6 महीने में एक बार खेलता है जिसमे उसे ज्यादातर हार का ही सामना करना पड़ता है ,पानी के सरंक्षण को लेकर अगर कोई व्यक्तिगत रूप से प्रयास भी करता है तो पहाड़ो पर वो सफल नही हो पाते और अगर सरकार ग्रामीण को हौज बनाकर देती भी तो उसे भरने के लिए प्राकृतिक जल स्रोत पर्याप्त नही है ऐसे में किसान पूरी तरह बरसात के पानी पर निर्भर रहता है
Submitted by HindiWater on Tue, 07/20/2021 - 17:23
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यूसर्क
यूसर्क द्वारा “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत “जल स्रोत प्रबंधन के सफल प्रयास पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन
यूसर्क द्वारा 'उत्तराखंड में जल सुरक्षा एवं जलसंरक्षण केंद्रित पर्यावरणीय समाधान” विषय पर कार्यकम का आयोजन किया गया था जिसके अन्तर्गत विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने जल के महत्व को देखते हुये यह निष्कर्ष दिया कि यूसर्क द्वारा जल संरक्षण, प्रबंधन, गुणवत्ता विषयक कार्यकमों को मासिक श्रंखला के आधार पर आयोजित किया जाये  जिसके क्रम  में आज “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत प्रथम ऑनलाइन कार्यकम का आयोजन किया गया है। प्रो0 रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि पांच तत्वों में जल तत्व एक महत्वपूर्ण तत्व है जिसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं है।
Submitted by HindiWater on Tue, 07/20/2021 - 16:43
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वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस 15वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
15वाँ वार्षिक अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस सम्मेलन 14 सितंबर  से 17 सितंबर तक वर्चुअल माध्यम से  आयोजित करने जा रहा है। इस वर्ष का विषय 'मूल्य निर्धारण जल (मूल्य निर्धारण, पर्यावरण सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य)' पर आधारित होगा। इसके साथ ही साल 2020 में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम से अनुभव लेने के लिये  नीचे दिए गए लिंक क्लिक करें।  सबसे बड़े ज्ञान साझा करने वाले मंच पर वक्ता बनें  निम्नलिखित विषय पर सार लिखकर जमा करें । नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके  वक्ता बनें 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 07/09/2021 - 11:44
पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने नई तरकीब निकाली
जिला देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार में गर्मी का मौसम आते ही  यहां के लोगो को पानी कि किल्लत से जूझना पड़ता है आज हम आपको जनजातीय क्षेत्र जौनसार के कालसी ब्लॉक अंतर्गत एक गांव गांगरो की तस्वीरें दिख रहे है जहां पानी की समस्या से लोगो को रोज़ जूझना पड़ता है जिसे देखते हुए सड़क पर एक हैंड पंप की व्यवस्था की गई क्योंकि गांव में  जो परंपरागत जल स्रोत है वो यहां रह रहे करीब एक हजार लोगों को पानी की पूर्ति नही कर पा रहा है 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Sat, 07/17/2021 - 12:48
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गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग
स्वामी सांनद  के जन्मदिन 20 जुलाई को जूम पर एक वर्चुअल बैठक का आयोजन शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
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विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

hindukush-himalaya-parvatamala-third-pole

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जलवायु परिवर्तन के संकट से कैसे लड़ रहे है पहाड़ के किसान

Submitted by HindiWater on Wed, 07/21/2021 - 16:10
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इंडिया हिंदी वाटर पोर्टल
जलवायु परिवर्तन के संकट से कैसे लड़ रहे है पहाड़ के किसान
यानी किसान जुआ अपनी खेती के साथ हर 6 महीने में एक बार खेलता है जिसमे उसे ज्यादातर हार का ही सामना करना पड़ता है ,पानी के सरंक्षण को लेकर अगर कोई व्यक्तिगत रूप से प्रयास भी करता है तो पहाड़ो पर वो सफल नही हो पाते और अगर सरकार ग्रामीण को हौज बनाकर देती भी तो उसे भरने के लिए प्राकृतिक जल स्रोत पर्याप्त नही है ऐसे में किसान पूरी तरह बरसात के पानी पर निर्भर रहता है

यूसर्क द्वारा “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत “जल स्रोत प्रबंधन के सफल प्रयास पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन

Submitted by HindiWater on Tue, 07/20/2021 - 17:23
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यूसर्क
यूसर्क द्वारा “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत “जल स्रोत प्रबंधन के सफल प्रयास पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन
यूसर्क द्वारा 'उत्तराखंड में जल सुरक्षा एवं जलसंरक्षण केंद्रित पर्यावरणीय समाधान” विषय पर कार्यकम का आयोजन किया गया था जिसके अन्तर्गत विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने जल के महत्व को देखते हुये यह निष्कर्ष दिया कि यूसर्क द्वारा जल संरक्षण, प्रबंधन, गुणवत्ता विषयक कार्यकमों को मासिक श्रंखला के आधार पर आयोजित किया जाये  जिसके क्रम  में आज “वाटर एजुकेशन लेक्चर सीरीज” के अंतर्गत प्रथम ऑनलाइन कार्यकम का आयोजन किया गया है। प्रो0 रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि पांच तत्वों में जल तत्व एक महत्वपूर्ण तत्व है जिसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं है।

वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस 15वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

Submitted by HindiWater on Tue, 07/20/2021 - 16:43
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वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस 15वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
15वाँ वार्षिक अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस सम्मेलन 14 सितंबर  से 17 सितंबर तक वर्चुअल माध्यम से  आयोजित करने जा रहा है। इस वर्ष का विषय 'मूल्य निर्धारण जल (मूल्य निर्धारण, पर्यावरण सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य)' पर आधारित होगा। इसके साथ ही साल 2020 में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम से अनुभव लेने के लिये  नीचे दिए गए लिंक क्लिक करें।  सबसे बड़े ज्ञान साझा करने वाले मंच पर वक्ता बनें  निम्नलिखित विषय पर सार लिखकर जमा करें । नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके  वक्ता बनें 

प्रयास

पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने नई तरकीब निकाली

Submitted by HindiWater on Fri, 07/09/2021 - 11:44
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पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने नई तरकीब निकाली
जिला देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार में गर्मी का मौसम आते ही  यहां के लोगो को पानी कि किल्लत से जूझना पड़ता है आज हम आपको जनजातीय क्षेत्र जौनसार के कालसी ब्लॉक अंतर्गत एक गांव गांगरो की तस्वीरें दिख रहे है जहां पानी की समस्या से लोगो को रोज़ जूझना पड़ता है जिसे देखते हुए सड़क पर एक हैंड पंप की व्यवस्था की गई क्योंकि गांव में  जो परंपरागत जल स्रोत है वो यहां रह रहे करीब एक हजार लोगों को पानी की पूर्ति नही कर पा रहा है 

नोटिस बोर्ड

गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग का आयोजन 

Submitted by HindiWater on Sat, 07/17/2021 - 12:48
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गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग
स्वामी सांनद  के जन्मदिन 20 जुलाई को जूम पर एक वर्चुअल बैठक का आयोजन शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक किया जा रहा है।

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
media-dialogue-:jalvayu-sankat-or-bihar
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

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