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खासम-खास

रूफ वाटर हार्वेस्टिंग - कुछ विचारणीय पहलू 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 12:25
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके की दूसरी पद्धति रेन वाटर हार्वेस्टिंग थी। इस पद्धति में बरसाती पानी को व्यवस्थित तरीके से सही जगहों पर, रेतीली धरती में उतारा जाता था। वे लोग रेत के चरित्र को अच्छी तरह समझते थे इसलिए उन्होंने पानी को गलत जगह नहीं उतारा। समाज ने उन इलाकों को पहचाना, जहाँ कुछ गहराई पर जिप्सम की मीलों लम्बी चैडी अपारगम्य परत मिलती थी। जिप्सम की वह परत, पानी को नीचे उतरने से रोकती थी।

Content

झारखंड में बांस से हो रहा है विकास

Submitted by HindiWater on Wed, 09/11/2019 - 13:10

विश्व बांस दिवस (18 सितंबर) पर विशेष

झारखंड में बांस से हो रहा है विकास।झारखंड में बांस से हो रहा है विकास। ‘हरा सोना’ के नाम से मशहूर बांस खेती सदैव फायदे का सौदा साबित हुई है। यह वह फसल है जो बंजर जमीन को भी उपजाऊ बना देती है। 18 सितंबर को विश्व बांस दिवस मनाया जाता है। इसे पृथ्वी पर सबसे टिकाउ मेटेरियल माना जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अन्य वनस्पितियों की तुलना में बांस में ऑक्सीजन की मात्रा 35 प्रतिशत अधिक है। बांस के माध्यम से टिकाऊ विकास एवं हरित भारत की परिकल्पना को भी साकार किया जा रहा है।

हिमालयी राज्यों में विकास का इको फ्रेंडली मॉडल हो

Submitted by HindiWater on Wed, 09/11/2019 - 12:16
Source
अमर उजाला, 9 सितम्बर 2019
हिमालयी राज्यों में विकास का इको फ्रेडली मॉडल हो। फोटो स्त्रोत-trekearth.comहिमालयी राज्यों में विकास का इको फ्रेडली मॉडल हो। फोटो स्त्रोत-trekearth.com मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत हिमालयी राज्यों में पर्यावरण संरक्षण को बेहद अहम मानते हैं, पर उनकी यह चिन्ता भी है कि तेजी से बदल रहीं स्थितियों के बीच पहाड़ पर विकास कैसे होगा ? दरअसल, उन्हें महसूस हो रहा है कि पहाड़ की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए इको फ्रेडली डेवलपमेंट का टिकाऊ मॉडल होना चाहिए। इस दिशा में वह अन्य हिमालयी राज्यों के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं।

शहरों के कायाकल्प के उपाय

Submitted by HindiWater on Wed, 09/11/2019 - 11:26
Source
योजना, अगस्त 2019
भारत में शहरीकरण की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। पिछली जनगणना 2011 के अनुसार 37.7 करोड़ लोग (31.2 प्रतिशत आबादी) शहरी क्षेत्रों में रह रहे थे। अनुमान है कि यह संख्या 2031 तक 60 करोड़ और 2051 तक 80 करोड़ तक पहुँच जाएगी (उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (एचपीईसी), 2011)। शहरीकरण अपरिहार्य है और आबादी वाले उपनगरीय क्षेत्रों/बाहरी इलाकों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, परन्तु इसके विपरीत शहरी बुनियादी ढाँचे में अन्तराल के साथ नागरिक सेवाओं का वितरण गम्भीर रूप में पिछड़ रहा है।

प्रयास

धान की सूखती खेती को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता देशज प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 09/13/2019 - 11:05
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'

सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।

मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग के लगभग अन्तिम छोर पर स्थित गंगा के कछार का हिस्सा। इस हिस्से की कछारी मिट्टी में धान की खेती होती है। इसी हिस्से में बसा है एक अनजान गांव - नाम है सेमरहा। यह रीवा जिले की हनुमना तहसील का लगभग अनजान गांव है। इस गांव मे एक तालाब है जिसे गांव के नाम पर ही सेमरहा तालाब कहा जाता है। यह तालाब बहुत पुराना है। गांव की भौगोलिक पहचान है उसके अक्षांस औैर देशांश।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

रूफ वाटर हार्वेस्टिंग - कुछ विचारणीय पहलू 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 12:25
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके की दूसरी पद्धति रेन वाटर हार्वेस्टिंग थी। इस पद्धति में बरसाती पानी को व्यवस्थित तरीके से सही जगहों पर, रेतीली धरती में उतारा जाता था। वे लोग रेत के चरित्र को अच्छी तरह समझते थे इसलिए उन्होंने पानी को गलत जगह नहीं उतारा। समाज ने उन इलाकों को पहचाना, जहाँ कुछ गहराई पर जिप्सम की मीलों लम्बी चैडी अपारगम्य परत मिलती थी। जिप्सम की वह परत, पानी को नीचे उतरने से रोकती थी।

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झारखंड में बांस से हो रहा है विकास

Submitted by HindiWater on Wed, 09/11/2019 - 13:10

विश्व बांस दिवस (18 सितंबर) पर विशेष

झारखंड में बांस से हो रहा है विकास।झारखंड में बांस से हो रहा है विकास। ‘हरा सोना’ के नाम से मशहूर बांस खेती सदैव फायदे का सौदा साबित हुई है। यह वह फसल है जो बंजर जमीन को भी उपजाऊ बना देती है। 18 सितंबर को विश्व बांस दिवस मनाया जाता है। इसे पृथ्वी पर सबसे टिकाउ मेटेरियल माना जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अन्य वनस्पितियों की तुलना में बांस में ऑक्सीजन की मात्रा 35 प्रतिशत अधिक है। बांस के माध्यम से टिकाऊ विकास एवं हरित भारत की परिकल्पना को भी साकार किया जा रहा है।

हिमालयी राज्यों में विकास का इको फ्रेंडली मॉडल हो

Submitted by HindiWater on Wed, 09/11/2019 - 12:16
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अमर उजाला, 9 सितम्बर 2019
हिमालयी राज्यों में विकास का इको फ्रेडली मॉडल हो। फोटो स्त्रोत-trekearth.comहिमालयी राज्यों में विकास का इको फ्रेडली मॉडल हो। फोटो स्त्रोत-trekearth.com मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत हिमालयी राज्यों में पर्यावरण संरक्षण को बेहद अहम मानते हैं, पर उनकी यह चिन्ता भी है कि तेजी से बदल रहीं स्थितियों के बीच पहाड़ पर विकास कैसे होगा ? दरअसल, उन्हें महसूस हो रहा है कि पहाड़ की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए इको फ्रेडली डेवलपमेंट का टिकाऊ मॉडल होना चाहिए। इस दिशा में वह अन्य हिमालयी राज्यों के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं।

शहरों के कायाकल्प के उपाय

Submitted by HindiWater on Wed, 09/11/2019 - 11:26
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योजना, अगस्त 2019
भारत में शहरीकरण की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। पिछली जनगणना 2011 के अनुसार 37.7 करोड़ लोग (31.2 प्रतिशत आबादी) शहरी क्षेत्रों में रह रहे थे। अनुमान है कि यह संख्या 2031 तक 60 करोड़ और 2051 तक 80 करोड़ तक पहुँच जाएगी (उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति (एचपीईसी), 2011)। शहरीकरण अपरिहार्य है और आबादी वाले उपनगरीय क्षेत्रों/बाहरी इलाकों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, परन्तु इसके विपरीत शहरी बुनियादी ढाँचे में अन्तराल के साथ नागरिक सेवाओं का वितरण गम्भीर रूप में पिछड़ रहा है।

प्रयास

धान की सूखती खेती को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता देशज प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 09/13/2019 - 11:05
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'

सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।

मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग के लगभग अन्तिम छोर पर स्थित गंगा के कछार का हिस्सा। इस हिस्से की कछारी मिट्टी में धान की खेती होती है। इसी हिस्से में बसा है एक अनजान गांव - नाम है सेमरहा। यह रीवा जिले की हनुमना तहसील का लगभग अनजान गांव है। इस गांव मे एक तालाब है जिसे गांव के नाम पर ही सेमरहा तालाब कहा जाता है। यह तालाब बहुत पुराना है। गांव की भौगोलिक पहचान है उसके अक्षांस औैर देशांश।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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