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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:37
फाइल फोटो: सुखना झील

चंडीगढ़ की सुखना झील पर उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। यह फैसला अनेक मायनों में लैन्डमार्क फैसला है क्योंकि फैसले में निम्न बेहद महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया गया है -

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Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 09:13
Source:
लाॅकडाउनः गंगा में 47 प्रतिशत कम हुआ मानव मल
गंगा और युमना नदी को साफ करने के लिए आज भी करोड़ों रुपयों की योजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है, लेकिन जो कार्य योजनाएं नहीं कर पाई लाॅकडाउन ने बिना किसी योजना और धन के कर दिया। अभी तक हर कोई देखता और सुनता आ रहा था कि लाॅकडाउन के कारण गंगा नदी का जल साफ हो गया है, जिसमें आराम से नहाया जा सकता है।
Submitted by HindiWater on Sat, 04/18/2020 - 15:56
Source:
कोविड-19: पर्वतीय इलाकों में गहराएगा जल संकट
पहाड़ों की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं, नौले-धारे। पहाड़ों में इन्हें विष्णु भगवान का रूप मानते हुए इनकी पूजा की जाती है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि बीते 150 वर्षों में अल्मोड़ा में करीब 83 प्रतिशत स्प्रिंग्स सूख गए हैं। यहां अब लगभग 60 ही स्प्रिंग्स बचे हैं। जिस कारण जल संकट गहरा रहा है। सिक्किम और मेघालय भी स्प्रिंग्स के सूखने के कारण जल संकट का सामना कर रहे हैं। 
Submitted by UrbanWater on Sat, 04/18/2020 - 13:55
Source:
MNREGA_water_conservation
नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया है लेकिन साथ ही मजदूरों और किसानों की चिंता करते हुए राहत भी दी है। यथोचित आपसी दूरी, चेहरे पर मास्क आदि मानकों का ध्यान रखते हुए वे अपने काम कर सकते हैं। हालांकि सुखद यह है कि मनरेगा में सिंचाई और जल संरक्षण के कामों को ही प्राथमिकता दी गई है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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खासम-खास

सुखना झील: समाधान का रोडमेप

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:37
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
sukhna-jheel:-samadhan-ka-roadmap
फाइल फोटो: सुखना झील

चंडीगढ़ की सुखना झील पर उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। यह फैसला अनेक मायनों में लैन्डमार्क फैसला है क्योंकि फैसले में निम्न बेहद महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया गया है -

Content

लाॅकडाउनः गंगा में 47 प्रतिशत कम हुआ मानव मल

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 09:13
लाॅकडाउनः गंगा में 47 प्रतिशत कम हुआ मानव मल
गंगा और युमना नदी को साफ करने के लिए आज भी करोड़ों रुपयों की योजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है, लेकिन जो कार्य योजनाएं नहीं कर पाई लाॅकडाउन ने बिना किसी योजना और धन के कर दिया। अभी तक हर कोई देखता और सुनता आ रहा था कि लाॅकडाउन के कारण गंगा नदी का जल साफ हो गया है, जिसमें आराम से नहाया जा सकता है।

कोविड-19: पर्वतीय इलाकों में गहराएगा जल संकट

Submitted by HindiWater on Sat, 04/18/2020 - 15:56
कोविड-19: पर्वतीय इलाकों में गहराएगा जल संकट
पहाड़ों की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं, नौले-धारे। पहाड़ों में इन्हें विष्णु भगवान का रूप मानते हुए इनकी पूजा की जाती है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि बीते 150 वर्षों में अल्मोड़ा में करीब 83 प्रतिशत स्प्रिंग्स सूख गए हैं। यहां अब लगभग 60 ही स्प्रिंग्स बचे हैं। जिस कारण जल संकट गहरा रहा है। सिक्किम और मेघालय भी स्प्रिंग्स के सूखने के कारण जल संकट का सामना कर रहे हैं। 

कोविड19 लॉकडाउन 2.0ः मनरेगा में सिंचाई और जल संरक्षण को मिली प्राथमिकता

Submitted by UrbanWater on Sat, 04/18/2020 - 13:55
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
MNREGA_water_conservation
नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया है लेकिन साथ ही मजदूरों और किसानों की चिंता करते हुए राहत भी दी है। यथोचित आपसी दूरी, चेहरे पर मास्क आदि मानकों का ध्यान रखते हुए वे अपने काम कर सकते हैं। हालांकि सुखद यह है कि मनरेगा में सिंचाई और जल संरक्षण के कामों को ही प्राथमिकता दी गई है।

प्रयास

'सुखना झील' को मिले ‘जीवित प्राणी’ के अधिकार और कर्तव्य

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
'sukhna-jhil'-ko-miley-‘jivit-prani’-kay-adhikar-aur-kartavya
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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