हिण्डन सेवा - सरकार और समाज का अनूठा संगम

Submitted by editorial on Sat, 06/09/2018 - 14:03


हिंडन की सफाईहिंडन की सफाईकल नहीं आज और आज नहीं अब.......इसी भाव के साथ डॉ. प्रभात कुमार ने जुलाई 2017 को हिण्डन नदी को बदहाली से उबारने का साहसी निर्णय लिया था। उस निर्णय का प्रतिफल था ‘निर्मल हिण्डन कार्यक्रम’ का जन्म। लगभग एक वर्ष के अपने सफर में निर्मल हिण्डन कार्यक्रम ने हिण्डन सेवा के रूप में समाज और सरकार के समन्वय का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।

हिण्डन सेवा का कार्य इस सोच के साथ प्रारम्भ किया गया था कि हिण्डन व उसकी सहायक नदियों को समाज के सहयोग से गन्दगी मुक्त किया जाएगा। इस कार्य के लिये सभी आमंत्रित थे। किसी पर कोई दबाव नहीं था पर सेवा में लोग भाग लें इसके लिये आग्रह जरूर किया गया था। इस आग्रह पर समाज ने भी निराश नहीं किया और उठ खड़ा हुआ हिण्डन सेवा के लिये। साथ बैठे, बात हुई, रणनीति बनी और हिण्डन सेवा प्रारम्भ हो गई।

22 अप्रैल का दिन इस बात का साक्षी बना जब सरकार और समाज के नुमाइंदे उल्लास के साथ हिण्डन को गंदगीमुक्त करने के उद्देश्य से उसमें कूद पड़े। सेवा का यह कार्य पुरा महादेव के निकट से बहती हिण्डन नदी से प्रारम्भ हुआ। नदी मेरठ और बागपत जनपद की सीमा रेखा है। इसके पूर्वी दिशा में मेरठ तथा पश्चिम में बागपत जनपद हैं।

दोनों जनपदों की सीमा पर हिण्डन नदी की सेवा का कार्य एक साथ प्रारम्भ किया गया। मेरठ व बागपत दोनों ही जनपदों के प्रशासनिक अधिकारी, गाँवों के प्रधान, बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवक व राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता जुट पड़े नदी सेवा में।

भयंकर प्रदूषण के कारण जिस हिण्डन नदी के निकट खड़ा होना भी दूभर था उत्साह से लबरेज लोगों ने एक ही दिन में उसके करीब एक किलोमीटर हिस्से की सफाई कर दी।

कैसे बनी रणनीति

पूरा महादेव के निकट करीब पाँच किलोमीटर तक हिण्डन नदी जलकुम्भी से अटी पड़ी थी।लोगों को यहाँ केवल नदी का आभाष मात्र होता था पर नदी देखने को नहीं मिलती थी। इस स्थिति को देखते हुए डॉ. प्रभात कुमार ने जलकुम्भी से भरे नदी के इस हिस्से को स्वच्छ और निर्मल बनाने का निर्णय लिया। इसके लिये सबसे पहले सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक बुलाई गई जिसमें सफाई सम्बन्धी सभी बिन्दुओं पर गहनता से विचार कर रणनीति को अन्तिम रूप दिया गया।

सफाई में काम आने वाले आवश्यक वस्तुओं को जुटाया गया। रणनीति के अनुसार नदी के दोनों छोरों की सफाई के लिये पाँच-पाँच टीमें बनाई गईं और प्रत्येक को 200 मीटर हिस्से की सफाई करने की जिम्मेवारी सौंपी गई। प्रत्येक टीम के लिये एक समन्वयक नियुक्त किया गया जिन पर 150 लोगों के टीम की देखरेख की जिम्मेवारी थी। सभी टीम को निर्देश देने की जिम्मेदारी स्वयं डॉ. प्रभात कुमार ने सम्भाली।

कौन-कौन बने भागीदार

हिण्डन सेवा में मण्डलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मेरठ श्री सत्यप्रकाश पटेल तथा बागपत, डीपीआरओ मेरठ श्री आलोक शर्मा तथा बागपत श्री हूब लाल, अपर जिलाधिकारी बागपत सुश्री अन्नपूर्णा, नगर निगम मेरठ के श्री कर्णी, तहसीलदार मेरठ व बागपत, एडीओ पंचायत मेरठ व बागपत, मेरठ व बागपत जनपद के विभिन्न गाँवों के सचिव, दोनों जनपदों के विभिन्न गाँवों के पटवारी, मेरठ जनपद से रसूलपुर, कल्याणपुर, किनौनी, उकसिया, डालूहेड़ा, मिर्जापुर, रासना, लाहौरगढ़, आलमगीरपुर, जिटौला व कैथवाड़ी तथा बागपत जनपद से पूरा सहित दर्जनों गाँवों के प्रधान, सामाजिक संगठन ‘माई क्लीन सिटी’ के समन्वयक श्री अमित अग्रवाल व उनकी टीम के स्वयं सेवक, राजनैतिक कार्यकर्ता श्री राहुल देव, श्री सचिन अहलावत, श्री सुनील रोहटा, बुढ़ाना के अधिशासी अधिकारी श्री ओम गिरी के नेतृत्व में आई बुढ़ाना नगरपालिका की टीम, खिवाई, हर्रा, सिवालखास, सरधना, बागपत, बड़ौत, पिलाना व खेखड़ा नगरपालिकाओं व नगरपचायतों के सफाई कर्मचारी, मेरठ व बागपत जनपद के दर्जनों गाँवों के सफाई कर्मचारी, बड़ी संख्या में हिण्डन मित्र व श्री तुमुल कक्कड़ के नेतृत्व में दिल्ली से आई दूरदर्शन की टीम सहित करीब 1500 हिण्डन प्रेमियों ने भाग लिया।

हिंडन सफाई के लिये बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए

हिण्डन सेवकों की सेवा

हिण्डन सेवा में लगे रहने वाले हिण्डन प्रेमियों के खाने-पीने की व्यवस्था लाहौरगढ़, मिर्जापुर, रासना व पुरा गाँव के लोगों ने मिलकर की। जब तक हिण्डन सेवा का कार्य चला तब तक इन गाँववासियों ने सामूहिक रूप से प्रतिदिन भण्डारे की व्यवस्था की। भण्डारे में प्रतिदिन करीब 200-300 हिण्डन प्रेमी भोजन करते थे।

दूरदर्शन की टीम

हिण्डन सेवा के कार्य को अपने कैमरों में कैद करने तथा उसको टेलीविजन के माध्यम से देश के लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से श्री तुमुल कक्कड़ के नेतृत्व में दूरदर्शन की एक टीम भी पहुँची। जिसने कि पूरी हिण्डन सेवा के कार्य को कैमरों में कैद किया और फिर टेलीविजन पर प्रसारित किया। इसका प्रसारण दूरदर्शन समाचार चैनल पर तीस अप्रैल को किया गया।

बैलेट बॉक्स की टीम

जन सरोकार से जुड़े संगठन ‘बैलेट बॉक्स’ के दो सदस्यों श्री स्वर्णताभ व श्री ऋषभ ने हिण्डन सेवा में आकर श्रमदान करने के अलावा हिण्डन सेवा के कार्य को कैमरों में कैद किया। बैलेट बॉक्स द्वारा एक वीडियो तैयार कर यूट्यूब पर प्रसारित किया गया।

बुढ़ाना ने पाई प्रेरणा

हिण्डन सेवा से प्रेरणा पाकर बुढ़ाना कस्बे के अधिशासी अधिकारी श्री ओम गिरी के नेतृत्व में बुढ़ाना कस्बे के निकट से बहने वाली हिण्डन नदी की 5 मई को सफाई की गई सफाई में बुढ़ाना के अपर जिलाधिकारी श्री कुमार भूपेन्द्र, नगरपालिका के कर्मचारी, कस्बे के निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता जुटे और करीब एक किलोमीटर नदी को गन्दगी मुक्त कर दिया। इस दौरान निर्मल हिण्डन की टीम के श्री राजीव त्यागी, शुभम कौशिक, अनुभव राठी, इण्डियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. राजीव कुमार, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से श्री दीपक कुमार, सैफी जनसेवा समिति के डॉ. अब्दुल गफ्फार सैफी व नगर पंचायत से श्री सतीश कुमार आदि सैंकड़ों ने हिण्डन सेवा में भाग लिया।

प्रधान पंचायत का आयोजन
हिण्डन सेवा कार्य से मेरठ व बागपत जनपद में नदी के किनारे बसे गाँवों को जोड़ने के उद्देश्य से 11 मई, 2018 को पुरा महादेव हिण्डन पुल के नीचे प्रधान पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में बागपत जनपद में हिण्डन नदी से एक किलोमीटर तक की दूरी के करीब 42 गाँवों तथा मेरठ जनपद में नदी से एक किलोमीटर तक की दूरी के करीब 22 गाँवों के प्रधानों, ग्राम सचिवों तथा सम्बन्धित पटवारियों को बुलाया गया। इस पंचायत में ग्राम प्रधानों से अपने गाँव के आगे की नदी की सफाई की जिम्मदारी उठाने के लिये कहा गया। इस कार्य को मनरेगा मजदूरों और गाँव की निर्मल हिण्डन समिति से सहयोग करने के लिए कहा गया। इसके अतिरिक्त गाँव को अपने पास के नदी के हिस्से के देखभाल की भी जिम्मेवारी सौंपी गई।

अनवरत हिण्डन सेवा

1. हिण्डन सेवा का कार्य 22 अप्रैल से प्रारम्भ होकर करीब 15 दिन तक पुरा महादेव के निकट जारी रहा। इस दौरान करीब पाँच किलोमीटर तक की तमाम गन्दगी नदी से बाहर कर दी गई।

2. नदी से निकाली गई जलकुम्भी से कृषि विभाग की देखरेख में खाद बनाने का कार्य जारी है।

3. नदी के दोनों ओर नदी की ज़मीन का सीमांकन का कार्य जारी है।

4. नदी के निकट की जमीन में वन महोत्सव (1-7 जुलाई) के मध्य वृक्षारोपण कराया जाएगा। वन विभाग की मदद से विशेष प्रकार के पौधों की व्यवस्था की जाएगी।

5. नदी की खुदाई का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

6. नदी में गंगा नहर से पानी छोड़ने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

निर्मल हिण्डन कार्यक्रम के तहत प्रारम्भ की गई हिण्डन सेवा, हिण्डन व उसकी सहायक नदियों को गन्दगी मुक्त बनाने के लिये अपनी मंजिल पा लेने तक अनवरत चलता रहेगा। इस कार्य में बहाव क्षेत्र के सभी सात जनपदों को शामिल किया गया है।

 

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Hindon river, meerut, bagpat, cleanliness drive.

 

 

 

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