केन-बेतवा नदीजोड़ क्यों असम्भव है

Submitted by RuralWater on Sun, 01/08/2017 - 14:52
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Source
साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपुल (SANDRP), अप्रैल 2004

केन-बेतवा नदीजोड़ परियोजना राष्ट्रीय नदी विकास एजेंसी द्वारा प्रस्तावित 30 नदी जोड़ों में से एक है, जिसमें मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र शामिल है। मध्य प्रदेश में छतरपुर व पन्ना जिलों के सीमा पर केन नदी पर मौजूदा गंगऊ बैराज के अपस्ट्रीम में 2.5 किमी की दूरी पर डौढ़न गाँव के पास एक 73.2 मीटर ऊँचा ग्रेटर गंगऊ बाँध प्रस्तावित है। 212 किमी. लम्बी कंक्रीट युक्त नहर के द्वारा केन नदी का पानी उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में बेतवा नदी पर स्थित बरुआ सागर में डाला जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना द्वारा परीछा बैराज कैनाल प्रणाली की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव है।

भारत में विभिन्न नदियों को जोड़े जाने की योजना के अन्तर्गत ‘केन-बेतवा नदीजोड़’ पर सबसे पहले अमलीकरण प्रस्तावित है। इस नदीजोड़ के बारे में ‘साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपुल’ (सैण्ड्रप) के हिमांशु ठक्कर एवं बिपिन चन्द्र ने कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। हमने केन एवं बेतवा नदी घाटियों में मौजूदा परियोजनाओं की जानकारियों को भी शामिल किया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दोनों नदी घाटियों की वास्तविक स्थिति क्या है? इस विश्लेषण के लिये मूल आँकड़े एनसीएईआर के दस्तावेज से लिये गए हैं जिसमें एनडब्ल्यूडीए द्वारा जारी किये गए पूर्व सम्भाव्यता रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।

केन-बेतवा नदीजोड़ परियोजना राष्ट्रीय नदी विकास एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए) द्वारा प्रस्तावित 30 नदी जोड़ों में से एक है, जिसमें मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र शामिल है। मध्य प्रदेश में छतरपुर व पन्ना जिलों के सीमा पर केन नदी पर मौजूदा गंगऊ बैराज के अपस्ट्रीम में 2.5 किमी की दूरी पर डौढ़न गाँव के पास एक 73.2 मीटर ऊँचा ग्रेटर गंगऊ बाँध प्रस्तावित है।

212 किमी. लम्बी कंक्रीट युक्त नहर के द्वारा केन नदी का पानी उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में बेतवा नदी पर स्थित बरुआ सागर में डाला जाना प्रस्तावित है। (नदी जोड़ योजना के कार्यदल के अनुसार सम्पर्क नहर की कुल लम्बाई 231 किमी होगी, जिसमें 2 किमी सुरंग शामिल है।) इस परियोजना द्वारा परीछा बैराज कैनाल प्रणाली की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव है। नदीजोड़ योजना के कार्यदल के स्रोत के अनुसार केन-बेतवा नदीजोड़ योजना में दो बिजली परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं जिनकी कुल स्थापित क्षमता 72 मेगावाट होगी।

कार्यदल की पहली बैठक में केन-बेतवा नदीजोड़ परियोजना- 10 फरवरी 2003 को हुए नदीजोड़ परियोजना के कार्यदल की सबसे पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश जल संसाधन विकास से सम्बन्धित मास्टर प्लान को कुछ माह के भीतर पूरा कर सकते हैं ताकि इस जोड़ पर काम आगे बढ़ाया जा सके। (कैबिनेट के जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार की फरवरी 2003 का मासिक सारांश रिपोर्ट) नवीनतम उपलब्ध जानकारी के अनुसार केन्द्रीय जल आयोग या इंजिनियर्स इण्डिया लिमिटेड को इसके लिये डीपीआर तैयार करने का काम सौंपा जाना है।

कार्यदल के स्रोत अनुसार- परियोजना में 231 किमी लम्बी सम्पर्क नहर प्रस्तावित है। सम्पर्क नहर के मार्ग में पड़ने वाले 6.45 लाख हेक्टेयर (1.55 लाख हेक्टेयर उत्तर प्रदेश में एवं 4.90 लाख हेक्टेयर मध्य प्रदेश में) जमीन की सिंचाई के लिये 31960 लाख घन मी. पानी इस्तेमाल होगा। इससे घरेलू एवं औद्योगिक उपयोग के लिये 120 लाख घन मी. पानी प्रदान किया जाएगा। नहर के मार्ग में रिसाव से 370 लाख घन मी. पानी का क्षति होगा।

नदीजोड़ परियोजना के कार्यदल के अध्यक्ष के अनुसार परीछा बैराज में पहुँचने वाले बेतवा नदी के 6590 लाख घन मी. पानी की जगह केन नदी से उतनी ही मात्रा में पानी डालने के लिये बेतवा को सम्पर्क नहर के माध्यम से जोड़ा जाना है। इससे बेतवा के ऊपरी नदी घाटी (कछार) में मध्य प्रदेश के रायसेन एवं विदिशा जिले में सालाना 1.27 लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई हो सकेगी।

डौढ़न जलाशय से 10,200 लाख घन मी. पानी नहर में मोड़ा जाएगा। इस प्रवाह में से 3120 लाख घन मी. पानी मार्ग में मध्य प्रदेश के छतरपुर एवं टीकमगढ़ जिले की 40,000 हेक्टेयर एवं उत्तर प्रदेश के हमीरपुर एवं महोबा जिले की 7000 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के लिये इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा डौढ़न जलाशय के पानी से मध्य प्रदेश के पन्ना एवं छतरपुर जिले की 3.23 लाख हेक्टेयर एवं उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले की 1.48 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की जाएगी। (अन्तिम दावा काफी चकित करने वाली है क्योंकि इसका एनसीएइआर (नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकानोमिक्स रिसर्च) द्वारा एनडब्ल्यूडीए के लिये 1994 में पूरा किये गए अधिकृत ‘सोसियो इकानोमिक एंड एनवायर्मेंटल एस्पेक्ट ऑफ सिक्स लिंक्स’ रिपोर्ट में जिक्र नहीं है) (बिजनेस लाइन 020903)

 

केन-बेतवा नदीजोड़

(इस पुस्तक के अन्य अध्यायों को पढ़ने के लिए कृपया आलेख के लिंक पर क्लिक करें)

क्रम

अध्याय

1

केन-बेतवा नदीजोड़ क्यों असम्भव है

2

केन नदी घाटी

3

बेतवा नदी घाटी

4

नदीजोड़ प्रस्ताव

5

विनाशकारी होगा केन-बेतवा नदीजोड़

6

केन-बेतवा नदी जोड़ योजना का बुन्देलखण्ड जल संसद द्वारा विरोध

7

विरोध में उठते स्वर एवं प्रतिक्रियाएँ

 

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