सड़क पर बहाने की बजाय खेत तक पहुँचाया गन्दा पानी

Submitted by RuralWater on Sun, 11/20/2016 - 11:07
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गाँव के तीन भाइयों ने जुगाड़ कर समस्या को दूर करने का प्रयास किया

धार। स्मार्ट ग्राम बनने की दहलीज पर खड़ा निसरपुर विकासखण्ड के ग्राम पुरा में सड़क बनने के बाद नाली निर्माण नहीं होने से ग्रामीण गन्दे पानी की निकासी को लेकर परेशान हैं। ऐसे में गाँव के ही तीन भाइयों ने अपने घरों का गन्दा पानी सड़क पर छोड़ने के बजाय एक जुगाड़ कर उस पानी को अपने खेतों में पहुँचाया। इस पानी का उपयोग वे सिंचाई के रूप में कर रहे हैं।

कुक्षी-बड़वानी टोल मार्ग पर महज तीन किमी दूर पुरा गाँव बसा है। यहाँ पर लोनिवि ने सड़क का निर्माण तो कर दिया किन्तु नाली निर्माण नहीं होने से लोगों के घरों का गन्दा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इससे घरों के सामने गन्दगी फैल रही है वहीं लोगों को बीमारी फैलने का भय भी सताने लगा है। गन्दे पानी को व्यर्थ बहाने की बजाय उसके उपयोग को लेकर ग्राम के तीन भाई रणछोड़, मोहन और रामेश्वर पाटीदार ने युक्ति कर अपने घरों का गन्दा पानी अपने खेत में पहुँचा दिया। इस पानी का उपयोग वे लोग सिंचाई के रूप में कर रहे हैं।

कैसे दिया इस कार्य को अंजाम


तीनों भाइयों के घर आपस में सटे हुए हैं और घरों के प्रतिदिन दैनिक कार्य का पानी घर के बाहर पीवीसी पाइप से बाहर आ रहा था। इन्होंने तीनों घरों के बाहर जहाँ पानी आता हैं वहाँ सीमेंट के तीन छोटे-छोटे चेम्बर बनाए और तीनों को आपस में पाइप के माध्यम से जोड़कर घर के अन्तिम छोर पर एक बड़े चेम्बर तक ले गए।

बड़े चेंबर में प्लास्टिक की टंकी को रखकर तीनों घरों का पानी एकत्रित किया जा रहा है। बड़े चेंबर में जो पानी एकत्रित होता है उसे आधा हार्स पावर की एक विद्युत मोटर से पाइप के सहारे घर से लगभग 500 फीट दूर खेत में पहुँचाया जा रहा है। भाइयों ने बताया कि दिन में दो से तीन बार इस चेम्बर को खाली करना पड़ता है। इस पानी का उपयोग सिंचाई के लिये किया जा रहा है। इस कार्य में लगभग 5 से 6 हजार रुपए का खर्च हुआ है।

मजबूरी में बनाना पड़ा यह जुगाड़


इस सम्बध में रणछोड़ पाटीदार ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद नालियाँ नहीं होने से पानी निकासी में परेशानी आ रही थी। घर के सामने पानी जमा होने से गन्दगी और मच्छर पनप रहे थे। कई बार विवाद भी होता था। ऐसे में युक्ति कर पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिये यह जुगाड़ किया है। अब खेत तक पानी पहुँच रहा है। साथ ही सिंचाई भी हो रही है। उन्होंने शासन से माँग की है कि गाँव में नाली का निर्माण शीघ्र किया जाना चाहिए।

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प्रेमविजय पाटिलप्रेमविजय पाटिलमध्यप्रदेश के धार जिले में नई दुनियां के ब्यूरों चीफ प्रेमविजय पाटिल पानी-पर्यावरण के मुद्दे पर लगातार सोचते और लिखते रहते है। मितभाषी, मधुर स्वभाव के धनी श्री प्रेमविजय पाटिल समाज के विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं। पत्रकारिता के

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