प्रदेश में पानी के संकट को लेकर सरकार गम्भीर - कृषि उत्पादन आयुक्त

Submitted by RuralWater on Wed, 06/08/2016 - 11:04
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नेशनल दुनिया, 29 मई, 2016

मौसम विभाग ने इस बार अच्छी बारिश की सम्भावना जताई है। इसे लेकर तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। बुन्देलखण्ड में पानी का संकट दूर करने के लिये इस बार पानी के संचय की बेहतर तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दीर्घकालिक उपाय के तहत बुन्देलखण्ड में 2000 खेत तालाब तैयार किये जा रहे हैं। इसमें पानी का संचय किया जाएगा। जिसका प्रयोग जरूरतों के हिसाब से किया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत यदि कोई किसान अपना खेत तालाब के लिये उपलब्ध कराता है तो सरकार उसको 50 फीसदी अनुदान देगी। लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने कहा है कि बुन्देलखण्ड में पेयजल आपूर्ति और सूखे की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बेहद गम्भीर है। प्रवीर कुमार की मानें तो इस बार अच्छी बारिश होने की सम्भावना जताई गई है, लिहाजा पानी के संचय को लेकर कई कारगर कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे निकट भविष्य में पानी का संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने साक्षात्कार में यह बातें कही। बातचीत के दौरान उन्होंने बुन्देलखण्ड की समस्याओं और आने वाले दिनों में उसे निदान को लेकर विस्तार से बातचीत की।

प्रवीर कुमार से यह पूछे जाने पर कि मौसम विभाग ने इस बार अच्छी बारिश की सम्भावना जताई है। इसे लेकर तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। बुन्देलखण्ड में पानी का संकट दूर करने के लिये इस बार पानी के संचय की बेहतर तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दीर्घकालिक उपाय के तहत बुन्देलखण्ड में 2000 खेत तालाब तैयार किये जा रहे हैं। इसमें पानी का संचय किया जाएगा। जिसका प्रयोग जरूरतों के हिसाब से किया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत यदि कोई किसान अपना खेत तालाब के लिये उपलब्ध कराता है तो सरकार उसको 50 फीसदी अनुदान देगी।

प्रवीर कुमार के मुताबिक इसके अतिरिक्त 197 तालाब बनाने की योजना है। यह एक हेक्टेयर से ऊपर वाले होंगे। इनमें बारिश का पानी संचय किया जाएगा।

बुन्देलखण्ड में पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। पुराने हैण्डपम्पों का जलस्तर नीचे गिरने से लोगों को पीने के पानी के लिये भी काफी दिक्कत हो रही है। इस पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि पेयजल संकट को लेकर मुख्यमंत्री भी बेहद गम्भीर हैं। उनके दिशा निर्देशन में युद्धस्तर पर काम चल रहा है।

प्रवीर कुमार ने बताया कि बुन्देलखण्ड में पेयजल आपूर्ति को सुधारने के लिये एक अभियान चलाया जा रहा है। 14वें वित्त आयोग से मिली धनराशि के तहत 3500 हैण्डपम्पों को रिबोर कराया जा रहा है।

नये हैण्डपम्प भी लगाए जा रहे हैं। 440 पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त की माने तो बुन्देलखण्ड में अब पंचायतों को भी निर्देश दिया गया है कि वे टैंकर हायर कर लोगों को पानी मुहैया करा सकते हैं। जल निगम के टैंकर भी जगह जगह लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर ही विधायकों को भी अपनी निधि से 100 नए हैण्डपम्प लगवाने व 100 पुराने हैण्डपम्पों को रिबोर कराने का अधिकार दिया गया है। इससे विधायकों को अपने क्षेत्र में पेयजल की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बुन्देलखण्ड के अलावा पूरे राज्य के विधायकों को दिया है।

प्रदेश में आमतौर पर हर वर्ष खाद और बीज की किल्लत से जूझना पड़ता है। इसको लेकर सरकार की ओर से क्या तैयारियाँ की गई हैं। इस सवाल पर प्रवीर कुमार ने कहा कि खाद, बीज को लेकर सरकार पूरी तरह से तैयार है। सरकार के पास पहले भी खाद, बीज की समस्या नहीं थीं। इस वर्ष भी जिला व मण्डल स्तर पर यूरिया व डीएपी खाद की बेहतर आपूर्ति के दिशा-निर्देश दे दिया गया है। सरकार यूरिया व डीएपी की प्रो पोजिशनिंग कर रही है।

किसानों की ओर से बिजली की आपूर्ति को लेकर शिकायतें रहती हैं, खेती में ये समस्याएँ न आये इसके लिये आपकी तरफ से क्या तैयारी की गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों को बिजली की आपूर्ति के लिये सजग हैं। कृषि कार्यों के लिये बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी।

प्रवीर कुमार के मुताबिक एक मई से 16 मई तक बुन्देलखण्ड में औसतन 20.43 घंटे बिजली की आपूर्ति की गई है। इसमें ग्रामीण स्तर पर 14.43 घंटे, तहसील स्तर पर 16.41 घंटे और जिला स्तर पर 20 घंटे बिजली की आपूर्ति हुई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इस सीजन से लागू हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में इसे लागू करवाने को लेकर क्या तैयारी की गई है। इस सवाल पर प्रवीर कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खरीफ की फसल पर 2 प्रतिशत और रवि की फसल पर 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा।

कृषि उत्पादन ने बताया प्रीमियम का आधा हिस्सा केन्द्र सरकार व आधा हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। फसल कटने के 14 दिन बाद तक किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा। यदि फसल कटने के 14 दिन बाद फसल नष्ट हो जाती है, उस स्थिति में भी सरकार किसानों की सहायता करेगी।

चर्चा है आप मुख्य सचिव की रेस में शामिल हैं, इस पर उन्होंने कहा कि यह सीएम का अधिकार है। इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री की तरफ से जो भी जिम्मेदारियाँ दी जाती हैं। उसका निर्वहन करने का प्रयास करता हूँ।

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