तो आकाश बन गये फ़सलों के डॉक्टर

Submitted by UrbanWater on Fri, 09/01/2017 - 10:43
Source
दैनिक जागरण, सागर, नई दुनिया, 1 सितम्बर 2017

ऑर्गेनिक फार्मूले से विकसित की तीन एकड़ में फाइव लेयर फार्मिंग तकनीक और कमाते हैं एक एकड़ में 3-4 लाख।

आकाश चौरसिया (किसान गुरू)आकाश चौरसिया (किसान गुरू)पीएमटी में एमबीबीएस की बजाय बीडीएस मिलने के बाद मेडिकल क्षेत्र में जाने का विचार छोड़ सागर के आकाश चौरसिया फ़सलों के डॉक्टर बन गये। उन्होंने अपने तीन एकड़ के खेत को आदर्श फार्म हाउस में तब्दील कर दिया । गर्मी के सीजन में एक साथ पाँच फसलें लेकर परंपरागत किसानों के लिये नजीर पेश की है। फ़ाइव लेयर फाॅर्मिंग के साथ जैविक खेती, गाय के गोबर से केंचुआ खाद, गोमूत्र से दवाएँ व कीटनाशक तैयार किया है। कई राज्य सरकारें और संस्थाएँ इस तकनीक के प्रचार-प्रसार के लिये इन्हें आमंत्रित कर चुकी हैं। अब तक सात राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं।

बदल गया विचार


सागर के तिली वार्ड निवासी आकाश चौरसिया का 2010 पीएमटी में सिलेक्शन हुआ। पसंदीदा एमबीबीएस की जगह बीडीएस मिलने पर मेडिकल प्रोफेशन में जाने का विचार छोड़ खेती की तरफ मुड़ गये। उन्होंने परंपरागत खेती को जैविक खेती में तब्दील कर, मल्टीलेयर फाॅर्मिंग, इंट्राक्राॅप फसलें उगाना शुरू कर दिया। साल भर में एक एकड़ से करीब 3 से 4 लाख रूपये तक मुनाफा उठा रहे हैं।

गोमूत्र, गोबर और केंचुआ खाद


परंपरागत तरीकों और फसल चक्र के विपरीत आकाश साल भर मल्टीलेयर फार्मिंग से मुनाफा उठा रहे हैं। उन्होंने पौधों का कुपोषण कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ाने पर काम किया है। गोबर से बनी केंचुआ खाद, कचरे से खाद, केंचुओं के शरीर से निकलने वाले एसिड और एन्जाइम से बना अर्क, गोमूत्र-छाछ पत्तियों से बनाये गये देशी कीटनाशक तथा दवाओं का उपयोग करते हैं। गाय के गोबर से 32 प्रकार की खाद बनाते हैं।

ऐसे तैयार करते हैं खेत


खेत में देशी ग्रीन-हाउस बना है। कीट-पतंगे अंदर नहीं जा सकते। हवा के साथ खरपतवार के बीज खेत के अंदर नहीं पहुँच सकते। जमीन के अंदर अदरक फिर साग-भाजी जिनमें पालक, चौलाई, मेथी, राजगीर आदि। तीसरी लेयर में बेल वाली फसल जिनमें करेला, कुंदरू,परवल, टिंडा जैसी फसलें। चौथी लेयर में बड़े पत्तों वाली फसलें जिनमें ककड़ी, कद्दू या अन्य फसल जो ग्रीन हाउस के ऊपर लगती हैं। पाँचवी लेयर में पपीता जैसी फसल उगाते हैं। एक साथ सब्जी, अनाज, फल व दलहन भी लगाये जा सकते हैं। इनमें अंतरवर्तीय फसल व उनका कॉम्बिनेशन महत्त्वपूर्ण है।

जैविक खाद के साथ अर्क


आकाश चौरसिया अपने खेत में जैविक खाद, केंचुआ खाद तैयार करते हैं। इससे पौधों का कुपोषण दूर किया जाता है। पूरा फाॅर्म हाउस सेंट्रल ड्रिप सिस्टम से जुड़ा है।

सात राष्ट्रीय अवार्ड


आकाश को सात बार राष्ट्रीय अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इनमें राष्ट्रीय पंतजलि कृषि गौरव अवार्ड, महिंद्रा समृद्धि युवा राष्ट्रीय पुरस्कार, बेस्ट फार्मर अवार्ड, बायोवेद इंस्टिट्यूट इलाहाबाद, मां प्रतिभा देवी सम्मान एवं हाल ही में जिंदल फ़ाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय स्वंय सिद्ध सम्मान मिला है।

किसानों को प्रशिक्षण


किसान यदि चाहें तो सागर में हर महीने 27 से 30 तारीख तक निशुल्क प्रशिक्षण ले सकते हैं। आकाश और उनकी टीम किसानों को खेत तैयार करने, मल्टीलेयर फाॅर्मिंग और खाद तैयार करने के गुर सिखाती है। जो नहीं आ सकते वे उनकी टीम को बुला सकते हैं।

खेती ने चमकाया


- 50 मॉडल फार्म हाउस मध्य प्रदेश सहित गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना में बनाए।
- 6000 किसान आकाश के मार्गदर्शन में कर रहे खेती।
- 250 युवाओं की टीम खेती के लिये तैयार कर दी है। इनमें आईआईटी, एमबीए, पीएचडी डिग्रीधारी शामिल।
- 2500 भारतीय सेना के जवानों को कचरा प्रबंधन की दे चुके ट्रेनिंग- तकनीक पर डिस्कवरी चैनल ने प्रोग्राम बनाया है।

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