बैगुल जलाशय में मात्स्यिकी विकास हेतु संस्तुतियाँ (Recommendations for fisheries development in Bagul reservoir)

Submitted by Hindi on Fri, 09/01/2017 - 11:14
Source
राष्ट्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान केंद्र, (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद), भीमताल- 263136, जिला- नैनीताल (उत्तराखंड)

उत्तराखंड भारत का 27वां तथा नवनिर्मित राज्यों में सबसे छोटा राज्य है जो हिमालय में स्थित है। प्रदेश में विभिन्न प्रकार के जलस्रोत जैसे-झील, जलाशय, नदियाँ और झरने बहुतायत में हैं। उत्तराखंड में कुमाऊँ के तराई क्षेत्र में शारदा सागर, नानक सागर, बैगुल, तुमड़िया, बौर, धौरा, हरिपुरा आदि जलाशय स्थित हैं। शारदा सागर तथा नानक सागर क्रमश: 7303 एवं 4662 हे. जल क्षेत्र के साथ वृहद जलाशय हैं अन्य जलाशय मध्यम आकार के हैं जिनका जल क्षेत्र 1200 से 2220 हे. तक है। बैगुल जलाशय भी एक मध्यम आकार का जलाशय है जो उत्तराखंड राज्य के ऊधम सिंह नगर जिले में उत्तर पूर्व भाग में स्थित है, उसका उत्तरी भाग 28063’ देशान्तर तथा पूर्वी भाग 79084’ अक्षांश में स्थित है। बैगुल लम्बाई 15.30 किमी, अधिकतम ऊँचाई 13.7 मी., ऊपरी स्तर 212.14 मी., स्पिलवे क्षमता 566.00 क्यूसेक, जलग्रह क्षेत्रफल 302.00 वर्ग किमी., पूर्ण जलाशय का स्प्रेड एरिया 2693.93 हे., अपर बैगुल फीडर की क्षमता 17.00 क्यूसके तथा बरा कैनाल की क्षमता 7.0 क्यूसेक है। इस जलाशय के पानी को सिंचाई, विधुत उत्पादन, जल पेय पूर्ति, आदि के लिये किया जाता है।

इस जलाशय का लगभग दो तिहाई भाग पानी की सतह पर दलीय खरपतवार से भरा है। यहाँ पादप प्लवक की बहुत सी प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमें बेसिलेरियोफाइसी, क्लोरोफाइसी, सायेनोफाइसी तथा यूग्लिनोफाइसी वर्ग प्रमुख हैं जन्तु प्लवक की भी बहुत सी प्रजातियाँ पायी जाती हैं। जिनमें रोटीफेरा, क्लेडोसेरा तथा कोपीपोडा शामिल हैं। यहाँ की मछलियों को चार भागों में क्रमश: मेजर कार्प, माइनर कार्प, कैट फिश तथा वीड फिश में विभाजित किया गया है यह जलाशय लगभग 400 से अधिक मछुआरों के जीवन-यापन का स्रोत है। बैगुल जलाशय में मछलियों की 13 फैमलीज की 37 प्रजातियाँ उपलब्ध हैं, जिनमें लेबियो गोनियस (कुर्सा), सिरहाईनस मृगला (नैन) तथा गडूसिया छपरा (सुहिया) प्रमुख हैं। इन मछलियों को पकड़ने के लिये मछुआरे कास्ट नेट, गिल नैट, डीप नैट, महाजाल तथा ड्रैग नैट आदि का उपयोग करते हैं।

 

जलाशय

क्षेत्रफल (हे.)

बन्ध की ऊँचाई (मी.)

औसत तापमान (से.)

घुलित ऑक्सीजन (मि.ग्रा./ली.)

कुल झारकता (मि.ग्रा./ली.)

पी.एच.

तुमरिया

2681

-

25.1

9.4

92.4

7.81

हरिपुरा

1168

17.7

-

-

-

-

बौर

1320

15.6

-

-

-

-

नानक सागर

4662

15.9

27.0

9.0

74

7.8

धौरा

1200

11.9

18-35

7.2-11.2

82-142

7.8-8.6

शारदा सागर

7303

-

-

-

-

-

 

 

 

जलाशय का नाम

मत्स्य उत्पादकता का स्तर (कि.ग्रा./हे.)

नानक सागर

40.15

बैगुल

45.16

तुमरिया

19.98

धौरा

80.63

बौर

19.50

 

 
प्रस्तुत लेख में बैगुल जलाशय की मात्स्यिकी का विश्लेषण किया गया है तथा सुझाव दिया गया है कि इसकी मत्स्य उत्पादन क्षमता को और कैसे बढ़ाया जा सकता है।

लेखक परिचय
गो.ब. पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पन्तनगर
कुमायूँ विश्वविद्यालय, नैनीताल

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