भगीरथ प्रयास सम्मान 2017 के लिये आवेदन आमंत्रित

Submitted by Hindi on Sun, 08/27/2017 - 11:10
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नामांकन तिथि


नामांकन भरने की अंतिम तिथि – 07 अक्टूबर, 2017
ईमेल : suresh@wwfindia.net, indiariversweek2014@gmail.com

भगीरथ प्रयास सम्मान


भगीरथ प्रयास सम्मान (बीपीएस) की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की नदियों की सुरक्षा व संरक्षण के लिये बेहतर काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है। भगीरथ प्रयास सम्मान का जोर न केवल परिणामों/प्रभावों बल्कि उन कोशिशों/प्रयासों/पहलों पर है जिनकी मदद से नदियों को संरक्षित करने की कोशिश की गयी।

हमारी कोशिश गुमनाम लेकिन प्रेरणादायक प्रयासों को सामने लाने की है, ताकि दूसरे लोग भी उनसे प्रेरणा ले सकें। इस सम्मान के लिये सरकार, संस्थान, मीडिया और भारत की सिविल सोसाइटी से जुड़े हुए व्यक्ति/संस्थान नामांकन कर सकते हैं।

अधिकतम पुरस्कार – 3


श्रेणियाँ - 2


1. अभियान, वकालत व कानूनी समाधान : नदियों/ नदी के किसी हिस्से को नुकसान से बचाने के लिये या नदी के लिये संभावित खतरे को कम करने या अभिनव अभियानों, वकालत और सक्रिय कानूनी कदमों के माध्यम से सकारात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिये।

2. साझेदारों की साझी कार्रवाई : बेहतर प्रबंधन के माध्यम से नदियों/ नदी के हिस्सों के कायाकल्प के लिये चुनौतियों से निबटना। इसके तहत नदियों के कायाकल्प के लिये अनोखे नज़रिये को लागू करने से संबंधित जमीनी प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

चयन के मानदंड


- जिस समस्या को उठाया गया उसकी प्रकृति और समस्या की गंभीरता।
- सभी तरह के दृष्टिकोण और लगातार प्रयास।
- प्रेरक मूल्य (उदाहरण के लिये सीमित संसाधनों के साथ काम करना, साझेदारों को प्रेरित करना और इसी तरह के दूसरे काम)
- वकालत/ फिल्ड एक्शन जिससे जमीन स्तर पर असर हुआ हो, व्यवस्था/नीति में परिवर्तन, व्यवहार में बदलाव।
- नदियों से जुड़ी पहल पर विचार किया जाएगा। जल संरक्षण, स्वच्छता, वाटरशेड प्रबंधन से जुड़ी पहलों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- पहल कम से कम तीन साल पुरानी होनी चाहिए।
- पहले से प्रसिद्ध व्यक्तियों और संगठनों व मरणोपरांत नामांकन पर विचार नहीं किया जाएगा।
- पुरस्कार के लिये आयोजन समिति समूहों और बीपीएस जूरी के सदस्यों पर विचार नहीं किया जाएगा।

नामांकन


- कोई भी व्यक्ति या संगठन जो नदियों के संरक्षण और उनके कायाकल्प के लिये काम करता हो, अपना नामांकन / या स्वयं नामांकन भेज सकता है। यदि आप किसी भी पहल को नामजद कर रहे हैं, तो नामांकित व्यक्ति को पहल/ नामांकित के बारे में ठोस समझ/जानकारी होनी चाहिए।

- स्वयं नामांकन पर विचार किया जाएगा। अगर कोई स्वयं नामांकन कर रहा है, तो कृपया दो ऐसे स्वतंत्र संदर्भ दें, जो नामांकित व्यक्ति या संगठन द्वारा किए गए कार्यों से अवगत हों।

चयन की प्रक्रिया


घोषणा की तिथि – 24 अगस्त 2017
नामांकन की आखिरी तिथि – 25 सितंबर, 2017
इंडिया रीवर वीक, आयोजन समिति में ‘इंटैक, पीस इंस्टीट्यूट चैरिटेबल ट्रस्ट, पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट, टोक्सिक्स लिंक, सैनड्रप, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया’ शामिल हैं।

समिति द्वारा नामांकन के चयन की तिथि : अक्टूबर 2017

जूरी की बैठक : अक्टूबर 2017

पुरस्कार समारोह : 25 नवंबर 2017

जूरी सदस्य


- समर सिंह
- डॉ. अमृता बविस्कर, इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ, नई दिल्ली
- रवि सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया
- डॉ. लाठा अनंत, रीवर रिसर्च सेंटर
- डॉ. एस जनकराजन, प्रोफेसर, मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज
- अभिलाष खंडेकर, वरिष्ठ पत्रकार
- हिमांशु ठक्कर, सैनड्रप, सदस्य, आयोजन समिति

नामांकन आवेदन
कृपया निम्नांकित को भरें
1. नामाँकित पहल का नाम और उसके बारे में विस्तृत जानकारी
2. नामाँकित पहल के बारे में महत्त्वपूर्ण संपर्क :
a. नाम
b. पता
c. फोन
d. ईमेल

3. क्या स्वयं नामाँकित हैं : हाँ/ना
4. अगर स्वयं नामाँकित हैं तो कृपया दो संदर्भ दें

 

संदर्भ 1

संदर्भ 2

नाम

 

पता

 

फोन

 

ईमेल

 

 

5. पहल के बारे में
a. नामांकन के प्रकार : (एक में टिक मार्क लगायें)

व्यक्तिगत
1. एक्टिविस्ट
2. शोधकर्ता/एकेडमिशियन
3. वकील
4. सरकारी अधिकारी
5. मीडिया
6. अकादमिक/शोधकर्ता
7. अन्य (स्पष्ट रूप से बतायें)

संगठन


1. एनजीओ
2. सामुदायिक संगठन
3. सरकार
4. मीडिया
5. अकादमिक/ शोध संगठन
6. अन्य (स्पष्ट रूप से बतायें)

कैटेगरी (टिक का निशान लगाएँ)


1. प्रचार, वकालत कानूनी कदम: नदी/ नदी के किसी हिस्से में नुकसान को बचाने के लिये या नदी के लिये संभावित खतरे को कम करने या अभिनव अभियानों, वकालत और सक्रिय कानूनी प्रवचन के माध्यम से सकारात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिये।

2. साझेदारों की साझी कार्रवाई: बेहतर प्रबंधन के माध्यम से खतरों से निबटना ताकि नदी/नदी के हिस्सों का कायाकल्प हो। इसके तहत नदियों के कायाकल्प के लिये अभिनव दृष्टिकोण को लागू करने से संबंधित जमीनी कार्रवाई को पहचान दिलाना है।

पहल के भौगोलिक क्षेत्र


a. नदी/बेसिन का नाम
b. जिला
c. राज्य

अवधि


- पहल की शुरूआत
- कितने वर्ष लगे
- क्या यह पहल जारी है ?

नामांकन के मानदंड


- जिस मुद्दों पर काम किया गया उसका महत्त्व, प्रकृति और समस्या की गंभीरता
- पहल के तहत नदी के संरक्षण के लिये अपनाया गया रवैया
- प्रेरणा (मसलन सीमित संसाधनों के साथ काम करना, साझेदारों को प्रेरित करना, बलिदान, मुश्किलों से मुकाबला व अन्य)
- पहला का जमीनी परिणाम (व्यवस्थित/वैधानिक/नीति में बदलाव/नजरिये में बदलाव/इकोलॉजिकल प्रभाव)
- पूर्व में मिला सम्मान व पुरस्कार
आपको क्यों लगता है कि इस पहल को भगीरथ प्रयास सम्मान मिलना चाहिए?

नामांकन के समर्थन के लिये दस्तावेज/ मैटेरियल/ यूआरएल साझा करें (प्रसिद्ध व ऐसे मैटेरियल/प्रकाशित सामग्री जिन्हें वेरिफाई किया जा सके और विश्वसनीय मीडिया कवरेज/ परिणाम)

6. अपने बारे में बताएँ (नाम, फोन, ईमेल) (अगर आप किसी और को नामाँकित करना चाहते हैं)

अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें:
सुरेश बाबू suresh@wwfindia.net और मनु भटनागर, indiariversweek2014@gmail.com आॅर्गेनाइजिंग कमेटी इंडिया रीवर्स वीक की तरफ से

श्री अनुपम मिश्रा मेमोरियल मेडल
एक सच्चे गांधीवादी और प्रगतिशील लेखक, बेहतरीन वक्ता व पत्रकार श्री अनुपम मिश्रा जी ने कम ज्ञात सामुदायिक संरक्षण के उपायों पर गहरा अनुसंधान किया जिसने देश व विदेश के लोगों को प्रेरित किया। इंडिया रीवर्स वीक आॅर्गेनाइजिंग कमेटी उनके उनकी याद में मेडल देने जा रही है। इसके तहत नदियों पर काम करने वाले मीडिया से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित किया जायेगा। इसका उद्देश्य उन पेशेवरों को सम्मानित करना है जिन्होंने नदियों के विभिन्न पहलुओं पर विश्वसनीय काम किया जिससे व्यवहार, सार्वजनिक विचार, कानून और नीति में परिवर्तन आया।

हम वर्ष 2017 के श्री अनुपम मिश्र मेमोरियल मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित करते हैं।

मेडल की संख्या - 1

योग्यता
- फुल-टाइम या स्वतंत्र पत्रकार जो देश (किसी भी राज्य हो सकते हैं और उस राज्य की मातृभाषा से जुड़ी मीडिया भी शामिल है) के प्रिंट, ब्रॉडकास्ट या ऑनलाइन मीडिया से जुड़े हों। नदियों से जुड़े मुद्दों पर काम करने का कम से कम 5 वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
- नज़रिये, कानून व नीतियों में अहम बदलाव लाने में योगदान दिया हो।
- स्वयं नामांकन स्वीकार्य होगा।

चयन प्रक्रिया


- कवरेज
- जिन मुद्दों पर कवरेज हुई है, उनका महत्त्व व विभिन्न साझेदारों पर उनका असर।
- असर
- कार्य के प्रेरणादायक मूल्य

कैसे करें आवेदन
सभी नामांकन के साथ एक नामांकन स्टेटमेंट होना चाहिए जिसमें एक हजार शब्दों में लिखें कि श्री अनुपम मिश्र मेमोरियल मेडल के लिये पत्रकारों के आवेदन पर क्यों विचार किया जाये। इसके साथ-साथ उम्मीदवार निम्नांकित दस्तावेज भी जमा करें:

1. प्रिंट से जुड़े पत्रकार (ऑनलाइन मीडिया भी) : आवेदक द्वारा लिखे गये 5 लेख/छपी हुई सामग्री जो यह बताए कि समाज पर असर पड़ा है।
2. टीवी, रेडियो पत्रकारों या प्रोड्यूसरों/डॉक्यूमेंटरी फिल्ममेकर्स : प्रभाव का सबूत देनेवाले ऑडियो या वीडियो क्लिप।

संदर्भ
कृपया कम से कम दो स्वतंत्र संदर्भ दें जो नामांकन करनेवालों के काम के बारे में जानते हों। कृपया संदर्भ के नाम, ईमेल पता और फोन नंबर दें।

ध्यान दें
- बीपीएस की जूरी का निर्णय ही अंतिम होगा।
- नामांकन तभी स्वीकार्य होगा जब सभी जरूरी दस्तावेज जमा किये जायेंगे।
- नियम में किसी तरह की छूट नहीं दी जायेगी।

सभी नामांकन 25 सितंबर, 2017 की दोपहर 12 बजे तक सुरेश बाबू suresh@wwfindia.net के पास मनु भटनागर
indiariversweek2014@gmail.com के माध्यम से जमा करना होगा।

अधिक जानकारी के लिये संलग्नक देखें……

अनुवाद - उमेश कुमार

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