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Submitted by HindiWater on Sun, 06/14/2020 - 20:09
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने गोमती नदी में हो रहे प्रदूषण पर एक नई रिपोर्ट प्रस्तुत की है| जिसे एनजीटी के आदेश पर जारी किया गया है| इस रिपोर्ट के अनुसार सीपीसीबी ने सीतापुर से लेकर कैथी गांव तक गोमती नदी में कई प्रदूषित स्थानों की पहचान की है| यह स्थान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित हैं| जोकि गोमती और गंगा नदी का संगम स्थल भी है|
Submitted by HindiWater on Tue, 11/12/2019 - 16:49
Source: डाउन टू अर्थ, नवंबर 2019
मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ अत्यधिक छेड़खानी ने भारी की हर नदी के प्राकृतिक परिदृश्य, उसके स्वरूप और प्रवाह को प्रभावित किया है। पिछले तीन दशकों में बारहमासी नदियां अब खंडित और रुक-रुक कर बने वाली मौसमी नदियां बन रही हैं। भारत की मैदानी नदियां जैसे-गोमती, रामगंगा, चंबल, केन, बेतवा के प्रवाह का एकमात्र आधारभूत स्त्रोत भूजल और वर्षा जल है।
Submitted by Hindi on Fri, 02/16/2018 - 17:25
Source: इंडिया साइंस वायर, 16 फरवरी, 2018

वास्को-द-गामा (गोवा) : करीब दो दशक से लखनऊ के निरंतर बढ़ते शहरीकरण का असर गोमती नदी पर भी पड़ रहा है और इसका पानी अब मानवीय उपभोग लायक नहीं बचा है। गोमती नदी की जल-गुणवत्ता सूचकांक के विश्लेषण के आधार पर लखनऊ विश्वविद्यालय और बाराबंकी स्थित रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह खुलासा किया है।
Submitted by Hindi on Thu, 11/02/2017 - 09:15
Source: इंडिया साइंस वायर, 01 नवम्बर, 2017

लखनऊ में गोमती नदी प्रदूषण के कारण काफी समय से सुर्खियों में बनी हुई है। अब वैज्ञानिकों ने अपने शोध से गोमती के जल में हानिकारक भारी धातुओं के होने की पुष्टि की है। पहली बार गोमती में आर्सेनिक की उपस्थिति का भी पता चला है।
Submitted by Hindi on Thu, 05/04/2017 - 10:57

शायद आप यह सुनकर हैरान हो जाएँ जिस गोमती के पानी को हम लखनऊ में छू तक नहीं सकते हैं उसी गोमती के पानी को लखनऊ से कुछ किलोमीटर पहले के गाँव वाले रोजाना पीते हैं। गोमती के पानी से कई घरों का खाना पकता है। दूर दराज के खेत खलिहानों में जब इस चटक धूप में प्यास लगती है तो वो भी इसी गोमती के पानी से प्यास बुझाता है। नदी के किनारे बसे गाँव वालों का कहना है कि आज तक उनके इलाके में न तो कभी गोमती की सफाई हुई और न ही कभी कोई विभाग का अधिकारी गोमती की सफाई के नाम पर आया। बरसों से लखनऊ जिले में गोमती का पानी सदैव निर्मल होकर बहता रहा है। वैज्ञानिकों का भी कहना है कि इस इलाके में गोमती का जल बेहद निर्मल और शुद्ध है।

Submitted by Hindi on Mon, 10/19/2015 - 10:06
Source: डेली न्यूज ऐक्टिविस्ट

Submitted by RuralWater on Thu, 07/02/2015 - 10:57
Source: कादम्बिनी, मई 2015
‘गोमती के किनारे’ नाम से उस दौर की महान अभिनेत्री मीना कुमारी को लेकर एक फिल्म बनाई थी। इस फिल्म की पूरी कहानी का ताना-बाना गंगा नदी को केन्द्र में रखकर बुना गया था। नदी और सिनेमा का जो रिश्ता रहा वह कुछ अलग ही रहा है।
Submitted by Hindi on Thu, 04/23/2015 - 12:51
Source: कल्पतरु समाचार सेवा

शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय में गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के कार्यो की समीक्षा करते हुए आलोक रंजन ने निर्देश दिए कि गोमती के दोनों तटबन्धों पर डायफ्राम वाल 106.00 लेवल का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा जल्द कराएं।

Submitted by birendrakrgupta on Sat, 04/18/2015 - 12:39
Source: डेली न्यूज एक्टिविस्ट, 10 अप्रैल 2015
ज्यादातर विचारकों के मत नदियों के ‘रिवर फ्रंट डेवलपमेंट’ के खिलाफ ही है। हजारों-हजार करोड़ रुपए खर्च कर महानगरों में नदियों का फ्रंट बनाने की कोशिश हो रही है। गोमती के किनारे ‘गोमती रिवर फ्रंट’ में लगभग 3000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रस्तुत आलेख ;गोमती रिवर फ्रंट’ के समर्थन में है। तमाम असहमतियों के बावजूद यह लेख दिया जा रहा है ताकि इस मुद्दे पर स्वस्थ बहस हो सके।
Submitted by birendrakrgupta on Thu, 04/16/2015 - 10:49
Source: डेली न्यूज एक्टिविस्ट, 15 अप्रैल 2015
लखनऊ (डीएनएन)। गोमती सौन्दर्यीकरण से पहले गिर रहे नालों को डायवर्ट न किए जाने से गोमती सफाई अभियान बेमकसद साबित हो रहा है। नालों के न रोके जाने से गोमती नदी में सीवेज का पानी जमा हो रहा है। वहीं नदी में जलस्तर कम होने और नाले का पानी जमा होने से ऑक्सीजन का लेबल भी घट रहा है। मानक की तुलना में ऑक्सीजन कम ह