कहाँ गये 3403 चाल-खाल

Submitted by editorial on Sat, 06/16/2018 - 14:44
Source
दैनिक जागरण, 16 जून, 2018


चाल-खालचाल-खाल भूजल रिचार्ज करने और अन्य प्राकृतिक जल-स्रोतों में पानी का प्रवाह बनाये रखने के लिये प्रदेशभर में बनाये गये 3403 चाल-खाल का अता-पता नहीं है। ये चाल-खाल वर्तमान में बचे भी हैं या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, इनके रिकॉर्ड जल संस्थान के पास हैं ही नहीं।

जल संस्थान मुख्यालय में इस बात के रिकॉर्ड तो हैं कि विभाग के गठन से लेकर अब तक प्रदेशभर में 3403 चाल-खाल का निर्माण किया गया। इनका उल्लेख विभाग अपनी उपलब्धि के रूप में बाकायदा करता है। हालांकि मौजूदा समय में इनमें पानी एकत्रित भी हो रहा है या नहीं, इसका पता अधिकारियों को नहीं है। यदि अधिकारियों को इसकी जानकारी होती या चाल-खाल बेहतर स्थिति में होते तो विभाग के 719 स्रोतों का पानी सूखने के कगार पर न पहुँचता। कई स्रोतों का पानी तो 90 फीसद तक कम भी हो चुका है। इसके बाद भी अधिकारी अब यह पता कराने की जहमत भी नहीं उठा रहे कि जिन चाल-खाल का निर्माण कराया गया था, उनकी ताजा तस्वीर क्या है। न ही जल संस्थान की कार्य योजना में चाल-खाल के भौतिक सत्यापन कराने का ही जिक्र है।

नये चाल-खाल की प्रगति सुस्त

मौजूदा वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिये जल संस्थान ने 410 चाल-खाल के निर्माण का लक्ष्य रखा है। 2155.24 घनमीटर क्षेत्रफल पर बनने वाले इन चाल की प्रगति देखी जाए तो अभी महज 11.46 फीसद लक्ष्य ही हासिल किया जा चुका है। जबकि, वित्तीय वर्ष के करीब तीन माह पूरे होने जा रहे हैं। बेहतर होता कि मानसून सीजन तक अधिक-से-अधिक चाल-खाल का निर्माण पूरा कर लिया जाता। क्योंकि इस सीजन में इनमें भरपूर पानी जमा होता और फिर इनमें भूजल व पानी के अन्य स्रोत रिचार्ज हो पाते।

विभाग के अधिकारियों को भी इसका अन्दाजा था और फिर भी अब तक महज 47 चाल-खाल का ही निर्माण किया जा सका है। गम्भीर यह भी कि जिस देहरादून में पेयजल की माँग सबसे अधिक है और स्रोतों की स्थिति खराब होने के चलते भूजल पर निर्भरता 90 फीसद तक बढ़ गई है। वहाँ का अनुरक्षण खण्ड अब तक एक भी चाल-खाल का निर्माण नहीं कर सका है। शून्य प्रगति के ऐसे ही हाल प्रदेश के अन्य नौ खण्डों के भी हैं।

 

 

 

यह है स्थिति

खण्ड

लक्ष्य

उपलब्धि

अनु. खंड देहरादून

25

00

मसूरी

10

22

नई टिहरी

20

01

देवप्रयाग

15

00

घनसाली

05

00

उत्तरकाशी

15

02

पुरोला

10

02

पौड़ी

30

03

कोटद्वार

30

00

रुद्रप्रयाग

30

04

चमोली

20

01

कर्णप्रयाग

20

00

नैनीताल

25

00

रामनगर

05

00

अल्मोड़ा

25

01

रानीखेत

25

00

पिथौरागढ़

20

00

डीडीहाट

20

02

चम्पावत

30

05

बागेश्वर

30

04

कुल

410

47

 

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