जनजातीय लोगों के लिए स्‍वच्‍छता संसाधन केंद्र

Submitted by admin on Thu, 09/25/2008 - 15:47
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पूर्व शर्तें: :
जनजातीय लोग अत्‍यंत जटिल भौतिक और सामाजिक दशाओं में रहते हैं। उनकी मानसिकता और विवेकशीलता ऐसी दशाओं से अभिभूत होती है जिसमें वे रहते हैं। यदि उनके बीच काम करने वाला उनके परिवेश और परंपराओं से भलीभांति परिचित नहीं है तब जनजातीय ग्रामीणों को प्रेरित करना अत्‍यंत कठिन होता है।

परिवर्तन की प्रकिया: :
राजुरा गावं सफलतापूर्वक 100 प्रतिशत खुले में शौच मुक्‍त गांव बन गया। ग्रामीणों ने गांव में जलापूर्ति हेतु उत्‍कृष्‍ट उत्‍साह का परिचय दिया और अब यह गांव स्‍वचछता एवं हाईजीन रिसोर्स सेंटर अर्थात स्‍वच्‍छता संसाधन केंद्र बनने की राह पर अग्रसर हो रहा है। राजुरा के कम्‍यूनिटी हॉल ( जिसे जलस्‍वराज कार्यालय के रूप में भी उपयोग किया जाता है) की सभी दीवारों पर सफाई से संबंधित संदेश वाले नारे और पोस्‍टर लगाए गए हैं। स्‍थानीय कारीगरों ने शौचालयों के टेबलटॉप नुमा मॉडल भी बनाए हैं। इनमें कम लागत वाले टॉयलेट रूम (संडांस घर) भी शामिल हैं। इनकी प्रदर्शनी में बच्‍चों के लिए स्‍फाई सुविधाओं वाले एक आदर्श स्‍कूल के मॉडल को भी शामिल किया गया है जिसमें हैंडपंप, जल सोखने वाले गड्ढे तथा छत के पानी को संरक्षित करने वाले मॉडल भी हैं। (राजुरा के स्‍कूल में ये समस्‍त सुविधाएं पहले से हैं)।

कूड़े करकट के निपटान हेतु इस गांव में पहले से ही एक कृमि इकाई संचालित की जा रही है। ग्रामीण नाडेप किस्‍म के कम्‍पोसट पिट का निर्माण कर रहे हैं। गांव में एसएचजी ने सभी घरों को साबुनदान, मग, झाड़ू आदि और महिलाओं के लिए करछुली (ओगरेल) उपलब्‍ध कराए हैं। निजी और पर्यावरण स्‍वच्‍छता के प्रति वीडबल्‍यूएससी के कुछ सक्रिय सदस्‍यों और अन्‍य ग्रामीणों को रिसोर्स परसन के रूप में प्रशिक्षित भी किया गया है। 15 रिसोर्स परसन (8 पुरूष और 7 महिलाएं) अब सफाई में 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्‍त करेने में दूसरे जनजातीय गावों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। ये सभी गांव अपने अपने गांवों में जलस्‍वराज की समस्‍त प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं और इस योजना के सभी पहलुओं से परिचित हैं। आने वाले समय में राजुरा विशेषकर दूसरे जनजातीय गांवों के लिए प्रदर्शन दौरों के लिए प्रभावी स्‍थान बन जाएगा।

समस्‍याएं एवं उनके उपाय: :
जब तक जनजातीय ग्रामीणों के प्रश्‍नों को समझ नहीं लिया जाता और उनकी समस्‍याओं का उत्तर नहीं दे दिया जाए तब तक जनजातीय गांवों को प्रेरित करना कठिन होता है। राजुरा गांव का जनजातीय स्वच्‍छता एवं हाइजीन प्रोन्‍नति संसाधन केंद्र जनजातीय गांवों में सफाई से संबंधित सभी प्रश्‍नों के लिए एक मार्गदर्शिका का कार्य करता रहेगा। जनजातीय ग्रमीण राजुरा गांव में किए गए कार्य को देखकर और गांव में जनजातीय रिसोर्स परसन से बात करते हुए अपने उत्तर प्राप्‍त कर सकते हैं।

जलापूर्ति एवं स्‍वच्‍छता विभाग, महाराष्‍ट्र सरकार
 

Comments

Submitted by Anonymous (not verified) on Fri, 01/13/2017 - 21:57

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Sir hamarw gher pe douchlay bane me hamre ghet ki maded ker

Submitted by gorelal (not verified) on Mon, 01/16/2017 - 19:38

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Sochaly hetu nivedan

Submitted by Manoj Kumar (not verified) on Thu, 05/04/2017 - 21:33

In reply to by gorelal (not verified)

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Chahie

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