जल शोधन और पानी की गुणवत्ता

Submitted by admin on Sat, 10/11/2008 - 08:35
परिकल्पना: शोधन में उच्च प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से पानी में अति सूक्षम कणों की मात्रा घटती है। कारण: तकनीक के इस्तेमाल के आधार पर पानी के विभिन्न स्रोतों का इस प्रकार क्रम बनाया जा सकता है। यह क्रम है तालाब, झील, झरना, नदी, खुला कुआं, बोर कुआं, पाइप जलापूर्ति, एक्वागार्ड और बिसलेरी जैसा बोतलबंद पानी। तकनीक का इस्तेमाल स्वास्थ्य पर बुरा असर डालने वाले कोलीफार्म जैसे अति सूक्ष्म पदार्थों की मात्रा को बेहद कम करना है। यह देखना महत्वूर्ण है कि वास्तव में यह उद्देश्य पूरा हो भी पाता है या नहीं। कार्यप्रणाली: पीने के पानी के विभिन्न स्रोतों से पानी के नमूने इकट्ठा करें। पानी के नमूने घरों, होटलों, शहर की जल आपूर्ति लाइन, बोर कुएं, आदि से इकट्ठे किए जा सकते हैं। पानी में अति सूक्ष्म पदार्थों की मात्रा के आकलन के लिए जल गुणवत्ता माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला से संपर्क करें। विभिन्न स्रोतों के नमूनों में सूक्ष्म पदार्थों की मात्रा की तुलना करें। अगला कदम: किसी तकनीकी विशेषज्ञ की सलाह से शहरी जलापूर्ति एजेंसी, बोतलबंद पानी बेचने वाली कंपनियों और एक्वागार्ड जैसे उपकरणों में पानी को साफ़ करने की प्रक्रिया की तुलना करें। आकलन करें कि पानी में सूक्ष्म पदार्थों की मात्रा घटाने में ये तरीके कितने कारगर हैं।
Disqus Comment

More From Author

Related Articles (Topic wise)

Related Articles (District wise)

About the author

नया ताजा