बाल वाटिका

Submitted by admin on Sun, 09/14/2008 - 12:56

फोटो साभार - भाष्करबूंदजल क्या है ?

जल ही जीवन है । आप भोजन के बिना एक माह से अधिक जीवित रह सकते हो, परन्तु जल के बिना आप एक सप्ताह से अधिक जीवित नहीं रह सकते । कुछ जीवों (जैसे जैली फिश) में उनका 90 प्रतिशत से अधिक शरीर का भार जल से होता है । मानव शरीर में लगभग 60 प्रतिशत जल होता है - मस्तिष्क में 85 प्रतिशत जल है, रक्त में 79 प्रतिशत जल है तथा फेफड़ों में लगभग 80 प्रतिशत जल होता है ।



पृथ्वी पर कितना जल है ?

पृथ्वी की सतह लगभग 75 प्रतिशत जल से भरी है । परन्तु इसका 97 प्रतिशत समुद्रों में है तथा पृथ्वी का केवल 3 प्रतिशत जल ही पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है । तथापि, इसका अधिकतर हिस्सा या तो धुवीय हिम टोप के रूप में जम जाता है या मृदा में मिल जाता है । अतः हमारे द्वारा उपयोग्य जल पृथ्वी के सतही जल की कुल मात्रा का केवल 0.5 प्रतिशत है ।मानव शरीर में जल की मात्रामानव शरीर में जल की मात्रा o पृथ्वी गृह की कुल जल आपूर्ति 1335 मिलि क्यू. कि.मी. है । सामान्यतः इसका अर्थ है कि अगर हम 1 कि.मी. की लम्बाई, चौड़ाई तथा ऊचाई का एक घनाकृति का बक्सा बनाँए, तो हमें समस्त जल का भंडारण करने के लिए ऐसे 1335000000 बक्सों की आवश्यकता होगी । यह आश्चर्यजनक है कि नहीं ?

o एक समय में वातावरण में लगभग 13000 घन कि.मी. जल होता है जो अधिकांशतः जल वाष्प् के रूप में होता है । अगर यह एक ही वार में सारा नीचे गिर जाए तो पृथ्वी केवल 25 मि.मी. जल से ढक जाएगी ।

o प्रत्येक दिन वातावरण में 1150 घन कि.मी. जल का वाष्पीकरण अथवा वाष्पोत्सर्जन होता है ।

o पृथ्वी पर अधिकतर मीठा जल झीलों तथा नदियों की अपेक्षा भूमि से प्राप्त होता है । भूमि में मीठे जल के भण्डारण की मात्रा झीलों, अंतदेर्शीय समुद्रों तथा नदियों में इसकी मात्रा 150,000 घन कि.मी. से अधिक 800,000 घन कि.मी. है । अधिकांश भू-जल पृथ्वी की सतह से एक कि.मी. के भीतर होता है ।

o ग्लेशियर तथा हिम-टोपो में लगभग 18000,000 घन कि.मी. जल पाया जाता है जो मुख्यतः ध्रुवीय क्षेत्रों तथा हरीभूमि में उपलब्ध होता है। br>


समुद्र का जल नमकीन क्यों होता है ?

वर्षा जल भूमि में गिरने पर वायुमंडल में फैले कार्बन डाइ आक्साईड के सम्पर्क में आने के कारण कुछ अम्लीय हो जाती है । अम्ल पृथ्वी की चट्टानों का कटाव एवं भेदन करता है तथा इनके टूटे हुए हिस्सों को आयनों के रूप में अपने साथ बहाकर ले जाता है । आयन नहरों तथा नदियों के रास्ते समुद्र में चले जाते हैं । जबकि कई विघटित आयन जीवों द्वारा उपयोग किए जाते हैं तथा अन्य लम्बे समय के लिए छोड़ दिए जाते हैं, जहाँ समय के साथ-साथ इनकी मात्रा भी बढ़ती रहती हैं । समुद्री जल में क्लोराईड तथा सोडियम होता है जिससे समद्र जल के विघटित आयनों का 90 प्रतिशत से अधिक की प्रतिपूर्ति हो जाती है । समुद्र जल में कुल विघटित नमक का लगभग 3.5 प्रतिशत है । इससे समद्र का जल नमकीन होता है ।
 

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