संकट में पानी

Submitted by admin on Thu, 09/18/2008 - 20:45
Printer Friendly, PDF & Email

समुद तटीय इलाकों और सागरों पर पर्यावरण को विनाश करने वाली क्रियाओं के कारण महासागर भारी खतरे में है।

- महासागर एक गतिशील और जटिल व्यवस्था है जो जीवन के लिए अत्यन्त महत्तवपूर्ण है। महासागरों में मौजूद असीम सम्पदा समान रूप से वितरित नहीं है। उदाहरण के लिए, सर्वाधिक समुद्री जैव विविधता समुद्र तल पर पाई जाती है। महासागरों की उत्पादकता को निर्धारित करने वाली पर्यावरणीय परिस्थितियां समय और स्थान के अनुसार भिन्न-भिन्न हैं।

- सर्वाधिक महत्तवपूर्ण फिशिंग ग्राउंड समुद्र तट से 200 से भी कम मील क्षेत्र के भीतर महाद्वीपीय समतलों पर पाए जाते हैं। ये फिशिंग ग्राउंड भी असमान रूप से देखे गए हैं और अधिकांशत: स्थानीय हैं।

- 2004 में आधे से भी अधिक समुद्र लैंडिंग फिशिंग, समुद्र तट के 100 किमी. के भीतर पकड़ी गई है, जिसकी गहराई आमतौर पर 200 मी. है और यह विश्व के महासागरों का 7.5 फीसदी से भी कम दायरा कवर करता है।

- ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज ने महासागरों की उत्पादकता और स्थायित्व के लिए बहुत सी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में उथले पानी में, तापमाप में, 3 डिग्री से 0 डिग्री तक की वृद्धि 2100 तक वार्षिक या द्विवार्षिक मूंगों का सफाया हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 2080 तक विश्व में 80-100 फीसदी तक मूंगें खत्म हो जाएंगे।

फिशरी स्टाक की वैश्विक स्थितिफिशरी स्टाक की वैश्विक स्थिति- जब वातावरण में कार्बन की मात्रा बढ़ जाती है तब कार्बन महासागरों में एकत्रित हो जाता है और एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया के तहत उसका अम्लीकरण होने लगता है जिसका प्रभाव ठंडे पानी, मूगों और सीपियों पर पड़ता है।

- समुद्र तटों पर और जमीन में विकासात्मक क्रियाएं 2050 तक, आवासीय समुद्रतटों की क्रियाओं की अपेक्षा अधिक प्रभावित कर सकती है और पूरे समुद्र प्रदूषण के 80 फीसदी से भी अधिक खतरा पैदा कर सकती हैं।

- बढ़ता हुआ विकास, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन सभी मृत समुद्री क्षेत्र (कम ऑक्सीजन वाले क्षेत्र) बढ़ा रहे हैं। बहुत से तो प्राथमिक फिशिंग ग्राउंड पर या उसके आसपास है, जो फिश स्टॉक को भी प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे क्षेत्र 2013 में 149 से बढ़कर 2006 में 200 से भी अधिक हो गए हैं।

- आक्रामक प्रजातियां भी प्राथमिक फिशिंग ग्राउंड के लिए खतरा हैं। गिट्टी पोत (पानी, जो बन्दरगाहों और खाड़ी से, जहाजों द्वारा स्थिरता बनाए रखने के लिए ले जाया जाता है) भी आक्रामक प्रजातियों को लाने में महत्वपूर्ण तत्व हैं।

- महासागरों की देखभाल के लिए आंकड़ों और धन का अभाव, समुद्री पर्यावरण को और ज्यादा बदतर बना रहा है। देशों को समुद्रों पर जलवायु और गैर-जलवायुगत दवाबों को कम करने के लिए तत्काल उपाय करना चाहिए ताकि संसाधनों को बचाया जा सके। इसके लिए दुनिया भर में सामुद्रिक नीतियों में परिवर्तन की आवश्यकता है।

स्रोत- 'इन डेड वाटर' यूएनईपी. फरवरी 2008
 

Add new comment

This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

5 + 8 =
Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4.

More From Author

Related Articles (Topic wise)

Related Articles (District wise)

About the author

Latest