सबको साफ़ पानी का अधिकार - चुनावी वादा

Submitted by admin on Tue, 02/03/2009 - 13:05

भाजपा नेता - आडवाणीभाजपा नेता - आडवाणी

जल संकट, जल प्रबन्धन और संरक्षण - आडवाणी जी के साथ एक परिसंवाद


कुछ यूरोपीय देशों को छोड़कर समूचे विश्व में जल संकट अपने पैर पसार चुका है, भारत में तो अप्रैल से जून तक का समय सर्वाधिक भीषण जल संकट का होता है। इसके निदान के लिये विभिन्न स्तरों पर प्रयास तो चल ही रहे हैं। इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर राजनैतिक व्यक्तित्व भला कैसे पीछे रह सकते हैं। प्रधानमंत्री पद के एनडीए के उम्मीदवार और भारत की समस्याओं को नज़दीक से जानने-समझने वाले श्री लालकृष्ण आडवाणी ने आगामी चुनावों की तैयारी और समस्या की गहन जाँच-पड़ताल के लिये इसी सिलसिले में “जल संरक्षण” से सम्बन्धित विशेषज्ञों, गैर सरकारी संगठनों के नुमाइन्दों, डॉक्टरों, तकनीकी विशेषज्ञों, ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों के साथ एक परिसंवाद और चर्चा सत्र आयोजित किया।

चर्चा का मुख्य मुद्दा था कि किस तरह से देश के आम नागरिक को साफ़ पानी की एक निश्चित मात्रा, जिसका पैसा उसे न देना पड़े, उपलब्ध करवाया जाये। बैठक के पश्चात यह महसूस किया गया कि भविष्य में बनने वाली भाजपा सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करे कि एक सामान्य व्यक्ति को पर्याप्त साफ़ पानी, स्वच्छता की सुविधा और जल-मल निकासी की एक बेहतर व्यवस्था को देशव्यापी स्तर पर प्रदान करने की कोशिश की जाये। इस मीटिंग ने नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को आपस में अपने विचार बाँटने, समस्या को एक वृहद दृष्टिकोण से देखने और नये-नये विचार प्रदान करने का एक मंच प्रदान किया, जिससे कि भविष्य में “वाटर ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट” और मल निस्तारण की एक सुचारु प्रणाली बनाने में मदद मिलेगी। चर्चा में यह भी उभरकर सामने आया कि “साफ़ जल की उपलब्धता” को एक मानवाधिकार माना जाये तथा सामुदायिक स्तर पर जल प्रबन्धन की एक व्यवस्था बनाई जाये ताकि कम से कम 20 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन मिल सके। प्रतिभागियों ने अमीर और गरीब के बीच जल के बँटवारे को लेकर भी चिंता जताई, और ऐसी नीतियाँ बनाने पर जोर दिया जिससे पानी की सप्लाई आसानी हो, नदियों की सफ़ाई और निरन्तर साफ़ रखने, “रेनवाटर हार्वेस्टिंग तकनीक” से वर्षाजल को सुरक्षित धरती में उतारने, पानी का पुनर्चक्रीकरण (Recycling) और पानी बचाने की विभिन्न नई-नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।

बैठक का एजेण्डा तय करते हुए श्री आडवाणी ने कहा कि, असुरक्षित पेयजल एक गम्भीरतम समस्या है, जिसके कारण बीमारियाँ भी फ़ैल रही हैं और देश में मृत्यु दर भी बढ़ रही है। पाँच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया एक आम बीमारी बनती जा रही है। पिछले छः दशकों में भारत की जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के लिये विभिन्न बड़ी-बड़ी योजनायें बनाई गई हैं, लेकिन पानी की उपलब्धता सिर्फ़ समाज के एक विशेष तबके को ही मिल सकी है, जबकि समाज के कमजोर और निचले तबके तक इन योजनाओं की पहुँच नहीं बन सकी। लगभग 10% से अधिक ग्रामीण और शहरी जनता को आज भी साफ़ पेयजल की एक बूंद भी उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण इलाकों में तो कई किमी दूर से पानी लाना उनकी नियति बन गई है, जबकि जो पानी मिलता भी है उसमें आर्सेनिक, फ़्लोराइड, नाईट्रेट, आदि की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है, जो कि स्वास्थ्य के लिये घातक है। जल की अल्प-उपलब्धता और साफ़-सफ़ाई की कमी, इन दोनों समस्याओं के आपस में जुड़ जाने से स्थिति और भी गम्भीर हो गई है। विशेषज्ञों द्वारा इस बात को खास तौर पर रेखांकित किया गया कि कई शहरों में पानी की पर्याप्तता होने के बावजूद उसकी वितरण व्यवस्था बेहद लचर है, जिसके कारण पानी व्यर्थ बह जाता है। निचले तबके की बस्तियों में जल वितरण व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ साफ़-सफ़ाई पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि बीमारियाँ न फ़ैलें। जल के वितरण पर जो आर्थिक निवेश किया जाना है, उसमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि उसका फ़ायदा ठीक से मिले।

विशेषज्ञों ने साफ़ कहा कि भारत में मानव उपयोग में लिया जा सकने वाला पानी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन उसका बेहतर प्रबन्धन और वितरण ऐसा होना चाहिये कि एक तरफ़ तो भविष्य के लिये पानी की संग्रहण क्षमता भी बढ़ाई जा सके और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए योजनायें लम्बे समय के लिये बनाना चाहिये। इसके साथ ही वैज्ञानिक तकनीकों जैसे GIS नक्शों के द्वारा गाँवों और शहरों में जमीन के भीतर उपलब्ध पानी का पता लगाया जाये, ताकि पानी का सही प्रबन्धन किया जा सके।

तकनीकी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पानी की “क्वालिटी” की तरफ़ आडवाणी जी का ध्यान आकर्षित कराया, उन्होंने कहा कि देश में पीने के पानी की गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिये। स्थानीय निकायों और सरकारी मशीनरी द्वारा अशुद्ध पेयजल के मानकों की अनदेखी की जाती है, जिस कारण समस्या और गहरा जाती है। यह बात उभरकर सामने आई कि यदि राजनैतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो प्रत्येक नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जा सकता है। पानी के उपयोगी प्रबन्धन का सबसे प्रभावी उपाय यह हो सकता है कि स्थानीय समुदायों को वाटर प्लांट बनाने, उसे चलाने और पानी के वितरण की व्यवस्था सौंप दी जाये, इससे दूर-दूर तक पानी पहुँचाने की कवायद भी बच जायेगी। इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह होगा कि स्थानीय समुदायों में जल बचाने हेतु जागरूकता तो पैदा होगी ही, लेकिन साथ ही पानी प्रबन्धन के प्रति जिम्मेदारी का अहसास भी जागेगा। जिस क्षेत्र में वाटर प्लांट लगाना तकनीकी रूप से सम्भव नहीं हो, वहाँ सबसे नजदीकी प्लाण्ट से टैंकरों द्वारा पानी वितरण किया जाये।

उक्त मीटिंग में उपस्थित सभी सज्जनों और विशेषज्ञों के विचार सुनने के बाद श्री आडवाणी ने कहा कि यदि केन्द्र में भाजपा की सरकार बनी तो सबको साफ़ पानी, सफ़ाई का अधिकार और “सीवेज” प्रणाली को दुरुस्त करने के सभी उपाय प्राथमिकता से किये जायेंगे। एक अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता का भारत की इस विकराल होती समस्या को समझने की कोशिश और उसके हल के लिये सभी सम्बन्धित पक्षों से उनकी राय लेना अपने-आप में एक महत्वपूर्ण घटना कही जा सकती है। क्या लोकसभा के आगामी चुनाव में भाजपा के घोषणापत्र में “सबको साफ़ पेयजल” का भी एक बिन्दु होगा?

(अनुवाद - सुरेश चिपलूनकर)

 

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Name & Designation 

1.   

Dr. R.K.Pachauri

Director General, The Energy and Resources Institute  (TERI) 

2.   

Dr.B.N.Tandon

Ex-Head of the Gastro-Enterology Deptt., A.I.I.M.S 

3.   

Dr.D. K.Chadha

Ex-Chairman, Central Ground Water Board 

4.   

Ms Sunita Narain

Chairperson, Centre for Science & Environment 

5.   

Shri Sunil Ghorawat

Managing Director, Earth Water Group 

6.   

Ms. Sunita Nadhamuni

C.E.O, ARGHYAM ( A public charitable foundation)                                            
Arghyam is a Sanskrit word meaning ‘Offering

7.   

Ms. Toolika Ojha representing for Dr Indira Khurana

Director, Policy & Partnerships Water Aid India 

8.   

Shri V. Srinivas Chary

Administrative Staff College of India, Hyderabad   

9.   

Dr Sundermoorthy

Former Engineering DirectorChennai Metropolitan Water Supply and Sewerage Board  

10.       

Dr. D.M Mohan 

Former Engineer-in-ChiefHyderabad Metropolitan Water Supply and Sewerage Board 

11.       

Shri Dina Nath Mishra

India First Foundation 

12.       

Shri  Baleshwar Rai

Former Chairperson, NDMC 

13.       

Shri Vijay Kapoor

Former Lt. Governor, Delhi 

14.       

Shri  Anil Baijal

Former Home Secretary, GOI 

15.       

Smt Sushma Swaraj

Hon’ble Member of Parliament

16.       

Shri Venkaiah Naidu

Hon’ble Member of Parliament

 

 

 

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