हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़, मूरी , झारखंड: संरक्षण, उत्सर्जन शोधन और पुनर्चक्रण

Submitted by admin on Wed, 10/08/2008 - 19:40
एल्युमीनिया के उत्पादन में पानी का बहुत अधिक इस्तेमाल होता है। विषैले उत्सर्जन और ग्रीन हाउस गैसों माध्यम से इसका पर्यावरण पर गहरा असर होता है। ऐसे में पानी के इस्तेमाल और अन्य उत्सर्जन में कमी के किसी भी प्रयास को प्रोत्साहित करना चाहिए। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ ने उत्पादन प्रक्रिया और अपनी टाउनशिप मूरी में इस्तेमाल होने वाले पाने के पुनर्चक्रण के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने आस-पास के गांवों में पाइपलाइन के माध्यम से पेय जल और तालाब, नहर, बांध, पोखरों और खुले कुओं से खेती के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। कंपनी ने पानी के सही उपयोग के बारे में स्थानीय लोगों को जागरुक बनाने किए शैक्षिक अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं।

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